Lucknow News : पार्टी के दौरान एक हजार रुपये के विवाद में इंटर के छात्र की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या
मारपीट के दौरान ही अभय और देवांश सिंह ने चाकू निकाल लिया और आकाश पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। चाकू के हमले में आकाश बेहोश होकर गिर गया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी वहां से भाग निकले।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोमतीनगर इलाके में शनिवार की देर रात दोस्त के घर पार्टी कर रहे इंटर के छात्र की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। हत्या छात्र के साथी के दो दोस्तों ने एक हजार रुपये के विवाद में की है। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। फिलहाल पुलिस की तीन टीमें उनकी तलाश में लगी हैं। दोनों की लोकेशन लखीमपुर-खीरी जनपद में मिली है।
गाजीपुर के संजय गांधीपुरम इलाके में पुड़ी विक्रेता जगदीश अपने परिवार संग रहते हैं। उनका बेटा आकाश (19) सेंट पीटर स्कूल में 12वीं का छात्र था। पिता जगदीश के अनुसार शनिवार रात दस बजे उसके घर के पास का ही रहने वाला आकाश का दोस्त जय उनके घर आया और बेटे आकाश को एक पार्टी में साथ चलने की बात कहकर अपने साथ ले गए।
पार्टी गोमतीनगर के बड़ी जुगौली अविनाश तिवारी के घर पर थी। पार्टी में प्रिंस और ऋषभ नाम के युवक भी शामिल हुए थे। रात करीब डेढ़ बजे बजे ऋषभ के साथी अभय प्रताप सिंह ने उसको फोन किया और उधार लिए गए एक हजार रुपये वापस मांगे। दोनों के बीच फोन पर बहस होने लगी। इस बीच आकाश ने ऋषभ से फोन ले लिया और अभय से बातचीत करने लगा। देखते ही देखते दोनों के बीच गाली-गलौज होने लगी। इस पर अभय ने फोन पर ही ऋषभ व आकाश को जान से मारने की धमकी दी और कुछ देर में आने की बात कही। डेढ़ घंटे के बाद अभय अपने एक साथी देवांश सिंह उर्फ मनमोहन सिंह के साथ वहां पहुंचा। घर पहुंचते ही अभय और देवांश सिंह आकाश पर टूट पड़े।
इसके बाद वहा पर जमकर मारपीट हुई। इस दौरान वहां रखे फर्नीचर भी टूट गए। मारपीट के दौरान ही अभय और देवांश सिंह ने चाकू निकाल लिया और आकाश पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। चाकू के हमले में आकाश बेहोश होकर गिर गया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी वहां से भाग निकले। कमरे में मौजूद बाकी साथी घायल आकाश को इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने उसको ट्रॉमा सेंटर भेज दिया। ट्रॉमा सेंटर में सुबह उसकी मौत हो गई।
सुबह 6 बजे घटना की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को मिली। छानबीन के बाद आकाश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटनास्थल पर एडीसीपी पूर्वी अली अब्बास सहित अन्य अधिकारी भी पहुंचे। छानबीन के बाद इस मामले में आकाश के पिता की तहरीर पर दोनों आरोपियों अभय और देवांश के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एडीसीपी ने बताया कि दोनों आरोपी फरार हैं। पुलिस की तीन टीमें उनकी तलाश में गठित की गई हैं। आरोपियों की लोकेशन लखीमपुर-खीरी में मिली है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। छानबीन में इस बात का पता चला है कि आरोपी अभय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।
आकाश के शरीर पर मिले 12 चोट के निशान, बेरहमी से किया गया था वार
इंटर के छात्र आकाश की बड़ी ही बेरहमी से चाकुओं से गोदकर हत्या की गई थी। उसके शरीर पर चाकू से वार के 12 निशान मिले हैं। सिर से लेकर सीने तक चोट ही चोट मिली है। आरोपियों ने आकाश पर तब तक वार किया जब तक वह खून से लथपथ होकर गिर नहीं गया।
आकाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में के सिर, दाहिने हाथ के पंजे, बाएं कंधे, सीने के दाहिने तरफ, गर्दन, गाल सहित 12 चोट के निशान पाए गए हैं। घटना के चश्मदीद आकाश के दोस्तों ने पुलिस को बताया कि आरोपी अभय और देवांश चाकू अपनी शर्ट के पिछले भाग में छुपाकर लेकर आए थे। कमरे पहुंचते ही दोनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और तोड़फोड़ करते हुए आकाश पर हमला कर दिया।
आकाश के साथी जय को भी चाकू लेकर दौड़ा
घटना के वक्त कमरे में मौजूद आकाश के साथी जय ने उसको बचाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने आकाश पर हमले करने के बाद जय पर भी हमला करने का प्रयास किया। आरोपियों ने चाकू लेकर उसको दौड़ा लिया। खुद को बचाने के लिए जय कमरे से बाहर भागा और पास में ही रेलवे क्रासिंग के पास बने रेलवे केबिन में घुस गया। इस तरह आकाश के साथी जय ने आरोपियों से अपनी जान बचाई।
बेटे का इंतजार करते-करते सो गए माता-पिता, सुबह पांच बजे दोस्त ने बताई घटना
आकाश के पिता जगदीश के अनुसार पार्टी में जाने की बात कहकर निकला आकाश जब काफी देर घर नहीं लौटा तो मां राधा देवी ने रात एक बजे उसको फोन किया। आकाश ने फोन उठाया और बताया कि वह जय के साथ है, दस मिनट में वह घर पहुंच रहा है। इसके बाद जगदीश और राधा की बेटा आकाश का इंतजार करते-करते आंख लग गई। सुबह पांच बजे उनकी आंख खुली। उसी वक्त जय उनके घर पहुंचा और सारी बात उन लोगों को बताई। जगदीश और अन्य लोग जब ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो पता चला कि आकाश की मौत हो चुकी है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही पिता बेसुध हो गए। आकाश की हत्या के चलते पूरे परिवार पर गमों को पहाड़ टूट पड़ा है।
सात दिन बाद था आकाश का जन्मदिन, पिता ने बाइक दिलाने का किया था वादा
इंटर के छात्र आकाश के परिवार में पिता जगदीश, बाबा राधा देवी के अलावा दो बड़े भाई विकास और लकी है। सबसे छोटा होने की वजह से आकाश सबका लाड़ला था। परिजनों ने बताया कि 24 जून को उसका जन्मदिन है। पिता जगदीश ने इस बार उसको जन्मदिन पर बाइक दिलाने का वादा किया था।