लखनऊ मेट्रो का इंतजार करने वालों के लिए बुरी खबर
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जो लोग यह सोच रहे हैं कि वह 2016 में सफर करेंगे उनके लिए बुरी खबर है। मेट्रो रेल निर्माण में शुरुआती तेजी के बाद एक बार फिर काम की रफ्तार धीमी हो गई है। पिछले 19 दिनों में सिर्फ 14 गर्डर रखे जा सके हैं। इस सुस्ती पर मुख्य सचिव आलोक रंजन ने नाराजगी जताई है।
उनकी ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग तक 400 गर्डर रखे जाने हैं। यदि काम की यही रफ्तार रही तो 2016 तक सिर्फ गर्डर रखने का ही काम चलता रहेगा। जबकि इस अवधि में तो मेट्रो चलाने का दावा किया गया है।
मुख्य सचिव ने एलएमआरसी को सिविल निर्माण कार्य में और अधिक तेजी लाने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव ने कहा है कि मेट्रो निर्माण में टाइम लाइन का ध्यान रखें। निर्माण कार्य के साथ-साथ टेंडर और डिपो का काम भी तेज किया जाए।
दिसंबर 2016 तक है लक्ष्य
अक्तूबर-2016 से पहले सभी काम पूरे करें। इसके अलावा पीआईबी के जरिए परियोजना के अनुमोदन को लेकर भी दिल्ली में केंद्रीय विभागों से सामंजस्य बनाने की कोशिश जारी रखें।
इतना ही नहीं मेट्रो के लिए निर्माण सामग्री में भी केवल दो दिन का ही बैकअप बचा हुआ है। निर्माण सामग्री की आपूर्ति को लेकर भी संकट बना हुआ है। वहीं एलएमआरसी के अधिकारियों का कहना है कि, यह शुरुआती दौर है।
काम धीरे धीरे रफ्तार पकड़ेगा। दिसंबर-2016 तक मेट्रो रेल परियोजना का संचालन हर हाल में शुरू कर दिया जाएगा।
लखनऊ मेट्रो यूपी के सीएम अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है। अखिलेश यादव के हर विज्ञापन में लखनऊ मेट्रो की तस्वीर जरूर होती है। सइ साल के बजट में भी लखनऊ मेट्रो के लिए काफी राशि स्वीकृति की गई है।