फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   93 Lakhs will be recovered from the accountant on rigging of electricity bills

बिजली बिलों की हेराफेरी में लेखाकार को 93 लाख रुपये की चोट

Fri, 10 Dec 2021 02:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Dec 2021 02:15 AM IST
विज्ञापन
93 Lakhs will be recovered from the accountant on rigging of electricity bills
बिजली बिलों की हेराफेरी में लेखाकार से होगी रिकवरी। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
नरेश शर्मा
विज्ञापन

लेसा के अमीनाबाद डिवीजन में बिलोें से रकम हड़पने के मामले में दस साल बाद कार्रवाई हुई है।
यूपी पावर कॉर्पोरेशन की जांच समिति की रिपोर्ट पर चौक डिवीजन में तैनात लेखाकार (पूर्व में अमीनाबाद में सहायक लेखाकार पद पर तैनाती के दौरान) राजीव कुमार श्रीवास्तव से 33 लाख रुपये की रिकवरी और मूल पद के प्रारंभिक वेतन पर पदावनत करने का आदेश जारी किया है।
इससे राजीव का प्रतिमाह 50 हजार रुपये वेतन भी कम हो गया। अभी लगभग दस साल की नौकरी है, जिससे राजीव को 60 लाख रुपये का नुकसान होगा। ऑडिट के दौरान मामला पकड़ा गया था।
विज्ञापन

85 हजार की जगह अब पाएंगे 35 हजार वेतन
पूर्व में मिले कई अन्य दंड के कारण राजीव को वेतन बढ़ोतरी का लाभ नहीं दिया गया है। इससे 25 साल की नौकरी के बाद भी वर्तमान में उसे 85 हजार रुपये का वेतन मिल रहा है। अब दंड के कारण वेतन लगभग 35 हजार रुपये हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

माल काटा सबने, फंसा लेखाकार
अमीनाबाद के जिन बिलों से लिपिकों के द्वारा रकम की हेराफेरी की गई, उसके सीसी बीआर फॉर्म पर सहायक लेखाकार के रूप में राजीव कुमार श्रीवास्तव के हस्ताक्षर कराए गए थे। इसलिए घोटाले में सिर्फ लेखाकार ही फंसा, जबकि लिपिकों सहित कई अन्य ने भी माल काटा था।
सेस लिपिक बर्खास्त हुए तो 30 लाख तक का नुकसान
पावर कॉर्पोरेशन ने लेसा के सेस खंड प्रथम में चेक मीटर लगवाने के नाम पर घूस लेने के आरोपी लिपिक जेएन शुक्ला को बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। महिला के आरोप पर सेवानिवृत्त के पांच दिन पहले 26 जून को जेएन शुक्ला को निलंबित कर दिया गया था। निलंबन की फाइल अधीक्षण अभियंता (सर्किल-चार) और मध्यांचल निगम मुख्यालय के बीच घूम रही है। कार्रवाई हुई तो जेएन शुक्ला को करी 30 लाख रुपये की चपत लगेगी। इसमें 15 से 20 लाख सीपीएफ, 8 से 9 लाख लीव इन कैश, 50 से 60 हजार ग्रेच्युटी की रकम शामिल होगी।
चौक की जांच रिपोर्ट का पता नहीं
लेसा के चौक डिवीजन में अभियंताओं एवं कर्मियों के कई-कई लाख रुपये के बिजली बिलोें को संशोधित कर हजारों रुपये के बनाने के खेल का खुलासा अमर उजाला ने 11 जनवरी को किया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रकरण की जांच भी हुई। इसमें अनियमितता का खुलासा भी हुआ, मगर ये जांच रिपोर्ट कहां चली गई कोई अधिकारी नहीं बता पा रहा है।

जांच समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई
यूपी पावर कार्पोेरेशन की जांच समिति की रिपोर्ट पर मध्यांचल निगम ने लेखाकार राजीव कुमार श्रीवास्तव के दोषी होने पर कार्रवाई करते हुए रिकवरी एवं प्रारंभिक मूल वेतन पर पदावनत किया है।
- प्रदीप कक्कड़, निदेशक (कार्मिक) मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed