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Lucknow News: वर्क वीजा के नाम पर 90.50 लाख की ठगी
Sat, 31 May 2025 01:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 31 May 2025 01:17 AM IST
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वर्क वीजा के नाम पर 90.50 लाख की ठगी
लखनऊ। तमिलनाडु के पुदुक्कोटई निवासी धर्मराज ने योगेश यादव और उसके साथी गोकुलेश्वर बेहोरा पर उनसे व उनके आठ साथियों से वर्क वीजा के नाम पर 90.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पुलिस आयुक्त के आदेश पर बुधवार को विकास नगर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
थाना प्रभारी आलोक कुमार सिंह के अनुसार, धर्मराज ने बताया कि 18 अप्रैल 2024 को उनका संपर्क सोशल मीडिया पर विकासनगर निवासी योगेश यादव से हुआ। योगेश व उसके साथी गोकुलेश्वर ने सर्बिया का वर्क वीजा बनवाने का दावा किया। धर्मराज ने दोनों से अपने आठ साथियों विलेचामी, कन्नन, रामनाथन, मुथु वेंकटेश, पांडिरांजन, सरावनन, प्रभाकरन और वेरापांडी काशी का भी वीजा बनवाने की बात कही थी। बदले में दोनों ने प्रति व्यक्ति दस लाख रुपये की मांग की थी। बात बनने पर पीड़ितों ने 90.50 लाख दिए व अपने वीजा व टिकट ले लिए। पर ठगों ने चार लोगों के पासपोर्ट रोक लिए।
सत्यापन होने पर वीजा निकला फर्जी
धर्मराज के मुताबिक फ्लाइट पकड़ने से पहले पता चला कि सारे टिकट निरस्त किए जा चुके थे। सत्यापन के दौरान वीजा भी फर्जी होने की बात पता चली। पीड़ित ने दोनों से संपर्क किया तो चार साथियों के पासपोर्ट और रकम लौटाने से मना कर दिया।
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थाना प्रभारी आलोक कुमार सिंह के अनुसार, धर्मराज ने बताया कि 18 अप्रैल 2024 को उनका संपर्क सोशल मीडिया पर विकासनगर निवासी योगेश यादव से हुआ। योगेश व उसके साथी गोकुलेश्वर ने सर्बिया का वर्क वीजा बनवाने का दावा किया। धर्मराज ने दोनों से अपने आठ साथियों विलेचामी, कन्नन, रामनाथन, मुथु वेंकटेश, पांडिरांजन, सरावनन, प्रभाकरन और वेरापांडी काशी का भी वीजा बनवाने की बात कही थी। बदले में दोनों ने प्रति व्यक्ति दस लाख रुपये की मांग की थी। बात बनने पर पीड़ितों ने 90.50 लाख दिए व अपने वीजा व टिकट ले लिए। पर ठगों ने चार लोगों के पासपोर्ट रोक लिए।
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सत्यापन होने पर वीजा निकला फर्जी
धर्मराज के मुताबिक फ्लाइट पकड़ने से पहले पता चला कि सारे टिकट निरस्त किए जा चुके थे। सत्यापन के दौरान वीजा भी फर्जी होने की बात पता चली। पीड़ित ने दोनों से संपर्क किया तो चार साथियों के पासपोर्ट और रकम लौटाने से मना कर दिया।
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