फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   84 lakh children are not getting pre school kit from two years

अधिकारियों की लापरवाही से 84 लाख बच्चों को दो साल से नहीं मिल रही प्री स्कूल किट

Fri, 20 Sep 2019 04:38 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Fri, 20 Sep 2019 04:38 PM IST
विज्ञापन
84 lakh children are not getting pre school kit from two years
आंगनबाड़ी केंद्र - फोटो : अमर उजाला

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले 84 लाख से अधिक बच्चों को दो साल से प्री स्कूल किट का वितरण नहीं हो पा रहा है।

विज्ञापन


केंद्र सरकार इस मद में हर साल प्रदेश को रकम उपलब्ध कराती है, लेकिन किट नहीं खरीदे जाने के कारण यह रकम केंद्र को लौटा दी जाती है। केंद्र इस पर कई बार आपत्ति भी जता चुका है। 
विज्ञापन


आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले तीन से छह साल उम्र तक के बच्चों को प्ले स्कूल के तौर पर पढ़ाई के साथ खेल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ‘प्री स्कूल किट’ दिए जाने की योजना करीब 20 साल पहले शुरू की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके तहत प्री स्कूल किट खरीदने के लिए 60 फीसदी राशि केंद्र और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार को देनी है। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से धनराशि उपलब्ध कराने के बाद भी पिछले दो साल से विभाग प्री स्कूल किट नहीं खरीद पा रहा है। 

शासन स्तर पर बैठे अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि पिछले दो साल से प्री स्कूल किट खरीदने के लिए विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों को न तो धनराशि उपलब्ध करा रहा है और न खुद के स्तर पर ही पहल कर रहा है। इस वजह से बच्चों को खेल व शिक्षा सामग्री नहीं मिल पा रही है। इस साल भी अब तक प्री स्कूल किट का वितरण नहीं हो पाया है। 

योजना के तहत व्यवस्था की गई थी कि हर साल थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पढ़ने-लिखने और खेल की सामग्री खरीदी जाएगी। इससे आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की जा सकेगी।

इस व्यवस्था के लिए हर आंगनबाड़ी केंद्र को हर साल पांच हजार रुपये उपलब्ध कराया जाना था, लेकिन केंद्रों को राशि उपलब्ध ही नहीं कराई गई। लिहाजा वित्तीय वर्ष के अंत में धनराशि सरेंडर करनी पड़ रही है।

इसका खुलासा तब हुआ जब पिछले दिनों विभागीय स्तर पर संचालित योजनाओं के लिए लक्ष्य तय किया जा रहा था। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस योजना की उपलब्धियां दो अक्तूबर को आहूत विधानसभा के विशेष सत्र में रखी जानी हैं, जिसके लिए आंकड़े तैयार किए जा रहे हैं। धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद प्री स्कूल किट न खरीदे जाने से संबंधित आंकड़े तैयार करने में अब अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।  
 
दो साल में 162.19 करोड़ रुपये किए सरेंडर
सूत्र बताते हैं कि 2017-18 में केंद्र सरकार ने 1 लाख 87 हजार 997 आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री स्कूल किट की खरीद के लिए 68.07 करोड़ रुपये और 2018-19 में 1 लाख 88 हजार 259 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए 94.12 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन पूरी रकम वापस कर दी गई।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed