{"_id":"631605859697ff5a2128b549","slug":"83-bus-stations-will-be-developed-on-ppp-model-in-three-phases-chief-secretary-said-speed-up-the-process","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News : तीन चरणों में पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगे 83 बस अड्डे, मुख्य सचिव ने कहा- प्रक्रिया करें तेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News : तीन चरणों में पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगे 83 बस अड्डे, मुख्य सचिव ने कहा- प्रक्रिया करें तेज
Mon, 05 Sep 2022 07:57 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 05 Sep 2022 07:57 PM IST
सार
गाजियाबाद में तीन, आगरा में तीन, प्रयागराज में दो, लखनऊ में तीन (चारबाग, अमौसी और गोमती नगर), अयोध्या में दो तथा मथुरा, कानपुर नगर, वाराणसी, मेरठ, अलीगढ़, गोरखपुर, बुलंदशहर, हापुड़, बरेली, रायबरेली, मिर्जापुर में एक-एक बस अड्डे को विकसित किया जा रहा है।
विज्ञापन
आलमबाग बस अड्डा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तीन चरणों में प्रदेश के सभी जिलों में 83 बस अड्डों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने इस बाबत समीक्षा बैठक की और कहा कि इस प्रक्रिया को तेज किया जाए। मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग करते हुए कहा कि 75 जिलों के इन सभी बस स्टेशनों की रूपरेखा तैयार करके सार्वजनिक-निजी-भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर जल्द से जल्द विकसित किया जाए।
उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ेगी। उसी को ध्यान में रखते हुए बस स्टेशनों पर चार्जिंग प्वाइंट्स बनाए जाएं। इसके साथ ही बस स्टैंडों पर मानक के अनुसार रैंप बनाया जाए, जिससे यात्रियों को सामान लाने-जाने में असुविधा न हो। कहा कि तीनों चरणों की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर प्रस्तुत करें। प्रथम चरण के की पूरी रिपोर्ट दी जाए कि कितना प्रक्रिया आगे बढ़ी। बैठक में यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार तिवारी समेत तमाम अधिकारी जुड़े।
फेज-1 में 16 जिलों के 24 बस अड्डे
गाजियाबाद में तीन, आगरा में तीन, प्रयागराज में दो, लखनऊ में तीन (चारबाग, अमौसी और गोमती नगर), अयोध्या में दो तथा मथुरा, कानपुर नगर, वाराणसी, मेरठ, अलीगढ़, गोरखपुर, बुलंदशहर, हापुड़, बरेली, रायबरेली, मिर्जापुर में एक-एक बस अड्डे को विकसित किया जा रहा है।
विज्ञापन
फेज-2 में 24 जनपदों के 24 बस अड्डे
कासगंज, महोबा, बिजनौर, इटावा, फतेहपुर, श्रावस्ती, अमरोहा, उन्नाव, बलिया, मुरादाबाद, रामपुर, एटा, बलरामपुर, बस्ती, देवरिया, फिरोजाबाद, गोंडा, कन्नौज, पीलीभीत, अंबेडकरनगर, बदायूं, बागपत, मुजफ्फरनगर, संभल ।
फेज-3 में बाकी 35 जिलों में एक एक 35 बस अड्डों को भी विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ेगी। उसी को ध्यान में रखते हुए बस स्टेशनों पर चार्जिंग प्वाइंट्स बनाए जाएं। इसके साथ ही बस स्टैंडों पर मानक के अनुसार रैंप बनाया जाए, जिससे यात्रियों को सामान लाने-जाने में असुविधा न हो। कहा कि तीनों चरणों की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर प्रस्तुत करें। प्रथम चरण के की पूरी रिपोर्ट दी जाए कि कितना प्रक्रिया आगे बढ़ी। बैठक में यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार तिवारी समेत तमाम अधिकारी जुड़े।
विज्ञापन
फेज-1 में 16 जिलों के 24 बस अड्डे
गाजियाबाद में तीन, आगरा में तीन, प्रयागराज में दो, लखनऊ में तीन (चारबाग, अमौसी और गोमती नगर), अयोध्या में दो तथा मथुरा, कानपुर नगर, वाराणसी, मेरठ, अलीगढ़, गोरखपुर, बुलंदशहर, हापुड़, बरेली, रायबरेली, मिर्जापुर में एक-एक बस अड्डे को विकसित किया जा रहा है।
विज्ञापन
फेज-2 में 24 जनपदों के 24 बस अड्डे
कासगंज, महोबा, बिजनौर, इटावा, फतेहपुर, श्रावस्ती, अमरोहा, उन्नाव, बलिया, मुरादाबाद, रामपुर, एटा, बलरामपुर, बस्ती, देवरिया, फिरोजाबाद, गोंडा, कन्नौज, पीलीभीत, अंबेडकरनगर, बदायूं, बागपत, मुजफ्फरनगर, संभल ।
फेज-3 में बाकी 35 जिलों में एक एक 35 बस अड्डों को भी विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।