बाराबंकी रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर दूर सोमवार सुबह साढ़े दस बजे गुजरात से असम जा रही मालगाड़ी के आठ वैगन अचानक पटरी से उतर गए। हादसे से तीन स्थानों पर पटरी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंचे डीआरएम व अन्य अधिकारियों ने लखनऊ व गोरखपुर से बचाव व राहत कार्य के लिए क्रेन और रिलीफ ट्रेन को बुलवाया। इस दौरान एक दर्जन से अधिक ट्रेनें जहां बाराबंकी व सफेदाबाद रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही वहीं एक लाइन से धीरे-धीरे कुछ ट्रेनों को निकाला गया। हादसे से करीब पांच घंटे तक यातायात ठप रहा।
मालगाड़ी के आठ डिब्बे पटरी से उतरे, तीन जगह से कैसे टूटी पटरी, हादसे की होगी जांच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रेन के गार्ड रामराज ने बताया कि जब वैगन पटरी से नीचे उतरे तो तेज आवाज आने पर इस बारे में चालक बृजेश तिवारी को जानकारी देकर ट्रेन रुकवाई गई। इस दौरान हादसे पर आसपास के लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई। सूचना पाकर डीआरएम सतीश कुमार समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे।
तीन जगह से टूटी रेल पटरी
हादसे के चलते लखनऊ से बाराबंकी के बीच रेल मार्ग पर तीन जगह से पटरी टूटी। बताया जा रहा है कि पटरियां जर्जर होने के चलते इन्हें बदलने का काम जारी है। यहां पर कॉशन लगाकर ट्रेनों का संचालन होता है लेकिन इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा पटरियों की देखरेख में लापरवाही बरती गई जिसके चलते हादसा हो गया।
पहले से तो नहीं काटी गई थी रेल पटरी
जिस तरह से रेल पटरी टूटी मिली है उससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि पटरी पहले से काटी गई थी। जबकि अधिकारी इस बारे में जांच कराने की बात कह रहे है।
जांच के लिए गठित की गई टीम
उत्तर रेलवे के डीआरएम सतीश कुमार का कहना है कि डिरेलमेंट के बाद पटरी भी टूटी है। इसलिए मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
छह मेमू निरस्त, दर्जनों ट्रेनें रास्ते में रोकी गईं
हादसे के कारण छह मेमू ट्रेनों को रेलवे प्रशासन ने निरस्त कर दिया। जबकि दर्जनों ट्रेनें जहां की तहां रास्ते में रोक दी गईं। जिन्हें रूट क्लियर होने के बाद धीरे-धीरे रवाना किया गया।