जानिए, कौन करेगा 72,825 शिक्षकों की भर्ती
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 72,825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया का सारा दारोमदार जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) पर है।
प्रदेश में टीईटी डायट जितनी जल्द नवंबर 2011 के विज्ञापन के आधार पर आए आवेदनों का ब्यौरा उपलब्ध करा देगा, उतनी ही जल्दी भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
पढ़ें-72,825 शिक्षक भर्ती में क्या है नया पेंच
बेसिक शिक्षा विभाग ने नेशनल इंफॉरमेटिक सेंटर (एनआईसी) के साथ बैठक करते हुए टीईटी 2011 के रिजल्ट और आवेदन संबंधी ब्यौरे को ऑनलाइन करने में कितना समय लगेगा के संबंध में जानकारी प्राप्त की है।
उधर, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से अनुरोध किया गया है कि वह टीईटी पास बीएड वालों को भर्ती करने संबंधी अनुमति शीघ्र दे दे। ताकि आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
एक हफ्ते में एकत्र करें ब्यौरा
सभी डायट प्राचार्यों को निर्देश दिया गया है कि वह एक सप्ताह के अंदर नवंबर 2011 के विज्ञापन के आधार पर आए हुए आवेदनों का ब्यौरा एकत्र करते हुए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद को उपलब्ध करा दे।
ब्यौरा मिलने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि कितनों ने अपना आवेदन पत्र वापस लिया था और कितनों के अभी जमा हैं।
इसके आधार पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी।
जैसे कि आवेदन वापस लेने वालों को मौका दिया जाना है या नहीं, आवेदन के लिए यदि मौका दिया जाना है तो कितने दिन का समय दिया जाए।
B.ed वालों का क्या है मामला
प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए दिसंबर 2012 में निकले विज्ञापन के आधार पर आवेदन करने वाले टीईटी पास बीएड वालों ने भी नौकरी देने की मांग की है।
इस तरह इस प्रकिया में एक नया पेंच कसता दिख रहा है। हालांकि सरकार अभी इस पर चुप है, लेकिन संभव है कि ये मुद्दा भी तूल पकड़ ले।
नौकरी मांग रहे इन युवाओं का कहना है कि 72,825 शिक्षक भर्ती के लिए दो बार अलग-अलग चयन प्रक्रिया के आधार पर विज्ञापन निकाल कर आवेदन लिए गए हैं।
इस तरह इसमें उन लोगों को भी नौकरी दिए जाने का प्रावधान किया जाना चाहिए।