{"_id":"5afdc3ce4f1c1be4408b5fde","slug":"71526580174-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसी ने रखा रोजा तो कोई रखेगा आज से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसी ने रखा रोजा तो कोई रखेगा आज से
Updated Fri, 18 May 2018 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। रमजान के चांद को लेकर एक बार फिर असमंजस की स्थिति रही। बुधवार को देर रात लखनऊ में चांद देखे जाने का एलान तो हो गया, लेकिन इस जिले में किसी ने गुरुवार को रोजा रखा तो किसी ने शुक्रवार से रोजा रखने की बात कही। हालांकि रमजान को लेकर शहर के मुस्लिम इलाकों में रौनक बढ़ गई है। बुधवार की रात ज्यादातर मस्जिदों में औपचारिक तौर पर नमाज तरावीह पढ़ाई गई, जबकि नमाज तरावीह में कुरानपाक की तिलावत का सिलसिला आज से शुरू हुआ।
रमजान का चांद अमूमन सूर्यास्त के बाद नजर आ जाता है, लेकिन 29 का चांद बहुत कम समय के लिए दिखता है। इस वजह से चांद देखना मुश्किल रहता है। यही वजह रही कि बुधवार की शाम चांद नजर नहीं आया। इसे लेकर उहापोह की स्थिति रही। लखनऊ में रात के वक्त मरकजी चांद कमेटी और शिया मून कमेटी ने जब चांद देखे जाने का एलान किया तो मस्जिदों में तरावीह पढ़ा दी गई। इसके बाद भी गुरुवार को पहला रोजा होगा या नहीं, इसे लेकर असमंजस की स्थिति रही। देश के कई हिस्सों की कमेटियों और इदारों ने चांद न देखे जाने की बात कही थी। इस जिले में भी शहर काजी ने चांद देखे जाने की तस्दीक नहीं की और शुक्रवार को पहला रोजा होने की बात कही। इस पर गुरुवार को किसी ने रोजा रखा तो किसी ने नहीं रखा। गुरुवार को भी मस्जिदों, घरों की छतों और मैदानों में चांद देखने के लिए काफी लोग नजर आए।
फिलहाल रमजान के महीने के लेकर मुस्लिम इलाकों में रौनक नजर आ रही है। शहर के कहारों का अड्डा इलाके में चहल-पहल बढ़ गई है। इसी तरह गुलाब रोड, सब्जी मंडी, स्वराज नगर, तिलियाकोट, किला बाजार, खालीसहाट, खिन्नीतल्ला, गोरा बाजार जैसे इलाकों में चहल-पहल नजर आई। इफ्तार और सहरी के सामान की खरीदारी के लिए मुस्लिम परिवारों के लोग दुकानों पर खरीदारी करते नजर आए।
विज्ञापन
पहला जुमा आज, पूरी की गई तैयारी
रमजान के महीने के पहले जुमे को देखते हुए मुस्लिम परिवारों में जहां तैयारियां पूरी हो गई हैं, वहीं सुरक्षा और शांति व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने भी इंतजाम कर लिए हैं। शहर की ज्यादातर मस्जिदों के पास चूने का छिड़काव करा दिया गया है। साफ-सफाई की व्यवस्था भी दुरुस्त की जा रही है।
इबादतों और रहमतों का महीना है रमजान
छोटी बाजार के फाजिल हुसैन, चिड़ियाखाना के शकील अहमद और कहारों का अड्डा रोड निवासी नदीम का कहना है कि रमजान का महीना बड़ा ही रहमत और बरकत वाला है। इस महीने रोजा रखने और इबादत खास महत्व है। रंग महल निवासी रजी खान, किला बाजार के मुस्तकीम अहमद और चक अहमदपुर की अनीसा तनवीर ने कहा कि रमजान के महीने में सभी को इबादत करनी चाहिए। इस महीने की जाने वाली इबादत का सवाब बहुत अधिक मिलता है। रोजा रखने और इबादत करने वालों से अल्लाह खुश होते हैं। उनकी दुआएं कुबूल करते हैं।
यौमे-शक का रोजा जायज नहीं
काजी-ए-शहर कारी महमूद अख्तर मिस्बाही ने खिदमते खल्क सोसाइटी के लेटर-हेड पर रात करीब 11.30 एलान किया कि बुधवार को चांद की तस्दीक नहीं हो सकी। जब अहले सुन्नत की तरफ से चांद की कोई तस्दीक नहीं है तो गुरुवार का (यौमे-शक) का रोजा रखना जायज नहीं है।
विज्ञापन
रमजान का चांद अमूमन सूर्यास्त के बाद नजर आ जाता है, लेकिन 29 का चांद बहुत कम समय के लिए दिखता है। इस वजह से चांद देखना मुश्किल रहता है। यही वजह रही कि बुधवार की शाम चांद नजर नहीं आया। इसे लेकर उहापोह की स्थिति रही। लखनऊ में रात के वक्त मरकजी चांद कमेटी और शिया मून कमेटी ने जब चांद देखे जाने का एलान किया तो मस्जिदों में तरावीह पढ़ा दी गई। इसके बाद भी गुरुवार को पहला रोजा होगा या नहीं, इसे लेकर असमंजस की स्थिति रही। देश के कई हिस्सों की कमेटियों और इदारों ने चांद न देखे जाने की बात कही थी। इस जिले में भी शहर काजी ने चांद देखे जाने की तस्दीक नहीं की और शुक्रवार को पहला रोजा होने की बात कही। इस पर गुरुवार को किसी ने रोजा रखा तो किसी ने नहीं रखा। गुरुवार को भी मस्जिदों, घरों की छतों और मैदानों में चांद देखने के लिए काफी लोग नजर आए।
विज्ञापन
फिलहाल रमजान के महीने के लेकर मुस्लिम इलाकों में रौनक नजर आ रही है। शहर के कहारों का अड्डा इलाके में चहल-पहल बढ़ गई है। इसी तरह गुलाब रोड, सब्जी मंडी, स्वराज नगर, तिलियाकोट, किला बाजार, खालीसहाट, खिन्नीतल्ला, गोरा बाजार जैसे इलाकों में चहल-पहल नजर आई। इफ्तार और सहरी के सामान की खरीदारी के लिए मुस्लिम परिवारों के लोग दुकानों पर खरीदारी करते नजर आए।
विज्ञापन
पहला जुमा आज, पूरी की गई तैयारी
रमजान के महीने के पहले जुमे को देखते हुए मुस्लिम परिवारों में जहां तैयारियां पूरी हो गई हैं, वहीं सुरक्षा और शांति व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने भी इंतजाम कर लिए हैं। शहर की ज्यादातर मस्जिदों के पास चूने का छिड़काव करा दिया गया है। साफ-सफाई की व्यवस्था भी दुरुस्त की जा रही है।
इबादतों और रहमतों का महीना है रमजान
छोटी बाजार के फाजिल हुसैन, चिड़ियाखाना के शकील अहमद और कहारों का अड्डा रोड निवासी नदीम का कहना है कि रमजान का महीना बड़ा ही रहमत और बरकत वाला है। इस महीने रोजा रखने और इबादत खास महत्व है। रंग महल निवासी रजी खान, किला बाजार के मुस्तकीम अहमद और चक अहमदपुर की अनीसा तनवीर ने कहा कि रमजान के महीने में सभी को इबादत करनी चाहिए। इस महीने की जाने वाली इबादत का सवाब बहुत अधिक मिलता है। रोजा रखने और इबादत करने वालों से अल्लाह खुश होते हैं। उनकी दुआएं कुबूल करते हैं।
यौमे-शक का रोजा जायज नहीं
काजी-ए-शहर कारी महमूद अख्तर मिस्बाही ने खिदमते खल्क सोसाइटी के लेटर-हेड पर रात करीब 11.30 एलान किया कि बुधवार को चांद की तस्दीक नहीं हो सकी। जब अहले सुन्नत की तरफ से चांद की कोई तस्दीक नहीं है तो गुरुवार का (यौमे-शक) का रोजा रखना जायज नहीं है।