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70 फीसदी महिलाओं तक नहीं पहुंचते गर्भ निरोधक

Thu, 30 Jul 2015 04:07 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Thu, 30 Jul 2015 04:07 PM IST
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70 percent women does not get birth control material

राजधानी के आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर तबकों की 10 में से 7 महिलाओं को गर्भ निरोधक साधन नहीं मिल रहे हैं। यह परिवार नियोजन की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बन रहा है। यह दावा है केजीएमयू के चिकित्सकों द्वारा करीब साढ़े चार सौ महिलाओं के बीच किए गए अध्ययन में।

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अध्ययन में सामने आई फाइंडिंग्स एक झलक दिखा रही हैं कि क्यों प्रदेश की जनसंख्या और फर्टिलिटी रेट देश की बाकी जगहों के मुकाबले अधिक है। जब राजधानी में ये हालात हैं तो समझा जा सकता है कि बाकी प्रदेश की महिलाओं के लिए गर्भ निरोधक की उपलब्धता कैसी होगी।
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तेजी से बढ़ती जनसंख्या किस भी समाज और देश की आर्थिक प्रगति को प्रभावित कर सकती है। साथ ही नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य व पोषण सुविधाएं देना भी इसकी वजह से मुश्किल हो जाता है।
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भारत में 1952 में ही राष्ट्रीय परिवार नियोजन कार्यक्रम शुरू कर दिया गया था,लेकिन आज भी हर वर्ष एक ऑस्ट्रेलिया के बराबर आबादी हमारे देश की आबादी में जुड़ जाती है।

ऐसे में समाज के सामाजिक व आर्थिक स्तर पर निम्न वर्ग में गिने जाने वाले तबके में परिवार नियोजन की स्थितियों को समझने के लिए केजीएमयू के कम्यूनिटी मेडिसिन व पब्लिक हेल्थ विभाग के डॉ.मुकेश शुक्ला,डॉ.मोनिका अग्रवाल और डॉ.कीर्ति यादव द्वारा इस अध्ययन को किया गया।

यूपी में अलग-अलग जगह पर किया गया ये सर्वे

70 percent women does not get birth control material

अध्ययन में लखनऊ की विभिन्न झुग्गी झोपड़ियों और कच्ची बस्तियों में रहने वाले 15 से 49 वर्ष उम्र की 452 महिलाओं को शामिल किया गया। इसे फरवरी 2014 से सितंबर 2014 के बीच अंजाम दिया गया और सामने आई फाइंडिंग्स को एक मेडिकल जर्नल के जुलाई 2015 के अंक में प्रकाशित किया गया है।

इस अध्ययन के आंकड़े राष्ट्रीय व प्रवेश स्तरीय आंकड़ों से भी बुरे हालात बताते हैं। नेशनल हेल्थ सर्वे के मुताबिक देश में औसतन जहां 13.2 प्रतिशत महिलाओं तक ही गर्भनिरोधक साधन नहीं पहुंच रहे हैं,वहीं यूपी में यह आंकड़ा करीब 43 प्रतिशत ही माना जाता है।

जिला स्तरीय घरेलू व जनसुविधा सर्वे के अनुसार लखनऊ में 26.8 प्रतिशत महिलाओं को गर्भ निरोधक साधन नहीं मिल पा रहे हैं।

अध्ययन हुए ये बड़े खुलासे

70 percent women does not get birth control material


312 महिलाओं को गर्भ निरोधक साधन उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। यह अध्ययन में शामिल कुल महिलाओं का 69 प्रतिशत था। इनमें से 62.5 प्रतिशत युवतियां 15 से 30वर्ष आयु वर्ग की थीं। 130 महिलाओं को ही मिल रहे हैं साधन। अध्ययन में शामिल महिलाओं में 60 से अधिक प्रतिशत महिला निरक्षर थीं। 44.2 प्रतिशत के पति निरक्षर थे। 76 प्रतिशत महिलाएं किसी रोजगार से नहीं जुड़ीं।

ये हैं वजहें

सबसे बड़ी वजह अशिक्षा और सामाजिक तौर पर गर्भ निरोधक पर बात करने से जुड़ी झिझक है। तो वहीं जानकारी की कमी,साइड इफेक्ट्स होने की भ्रांतियां,धार्मिक सोच, अंधविश्वास,परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता की कमी,पति द्वारा पत्नियों से इस विषय पर खुलकर बात न कर पाना प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं।

अध्ययन रिपोर्ट में सुझाया गया है कि सामाजिक व आर्थिक रूप से कमजोर तबके में परिवार नियोजन को बढ़ावा देने बेहतर कार्ययोजना बनाकर काम करने की जरूरत है। शादीशुदा महिलाओं में गर्भ निरोधकों को लेकर जागरूकता बढ़ानी होगी तो वहीं उन्हें स्वरोजगार व रोजगार पाने के लिए प्रशिक्षण देना होगा ताकि परिवार चलाने के लिए परिवार के ज्यादा सदस्यों की जरूरत न हो।

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