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Lucknow News: अलीगंज गैस एजेंसी पर 661 सिलिंडर कम मिले, कालाबाजारी की रिपोर्ट
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
लखनऊ। अलीगंज स्थित विहान गैस सर्विस पर घरेलू गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और स्टॉक में हेराफेरी का आरोप लगा है। आपूर्ति विभाग की जांच में एजेंसी के पास 661 घरेलू गैस सिलिंडर कम पाए गए। जिलाधिकारी के निर्देश पर एजेंसी के प्रोपराइटर राहुल गंगवार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत केस दर्ज किया गया है।
गैस आपूर्ति में देरी और अनियमितताओं की मौखिक शिकायत मिलने के बाद 14 अप्रैल को ऑयल कंपनी और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने सुबह करीब 7:30 बजे एजेंसी के प्रतिष्ठान और गोदाम की जांच की। जांच टीम में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी संतोष कुमार सिंह, बिक्री अधिकारी अमित सिंह और बाबू लाल, पूर्ति निरीक्षक राजनारायण मिश्रा और कुमार सौरभ शामिल थे। मौके पर प्रोपराइटर राहुल गंगवार और उनके भाई योगेश कुमार गंगवार से ऑनलाइन स्टॉक रिपोर्ट ली गई।
रिपोर्ट के अनुसार, 291 खाली और 384 भरे सिलिंडर और आठ डिफेक्टिव सिलिंडर प्रदर्शित हो रहे थे। हालांकि, एजेंसी के लॉगिन पर छह अप्रैल को 342 और सात अप्रैल को 360 भरे सिलिंडर ऑनलाइन रिसीव नहीं दिखाए गए थे। प्रोपराइटर ने तकनीकी खराबी का हवाला दिया और बताया कि ये सिलिंडर गोदाम में उतारकर खाली सिलिंडर वापस भेजे गए थे। गोदाम के भौतिक सत्यापन में केवल 22 खाली सिलिंडर मिले और कोई भरा सिलिंडर नहीं पाया गया। इस प्रकार, ऑनलाइन स्टॉक के मुकाबले मौके पर 269 खाली और 392 भरे घरेलू गैस सिलिंडर कम पाए गए। पूछने पर प्रोपराइटर जवाब नहीं दे सके।
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पहले भी मिली थी अनियमितता
इसके पहले भी एजेंसी में अनियमितता पाई गई थी। इससे पहले 23 मार्च को भी बिक्री अधिकारी अमित सिंह ने एजेंसी की जांच की थी। उस समय भी 142 खाली और 176 भरे गैस सिलिंडर कम मिले थे। इस पर आईओसीएल ने 24 मार्च को एजेंसी मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा था, जिसका जवाब 14 अप्रैल तक नहीं दिया गया था। आरोप है कि गैस एजेंसी संचालक सिलिंडरों की कालाबाजारी कर रहे थे।
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गैस आपूर्ति में देरी और अनियमितताओं की मौखिक शिकायत मिलने के बाद 14 अप्रैल को ऑयल कंपनी और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने सुबह करीब 7:30 बजे एजेंसी के प्रतिष्ठान और गोदाम की जांच की। जांच टीम में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी संतोष कुमार सिंह, बिक्री अधिकारी अमित सिंह और बाबू लाल, पूर्ति निरीक्षक राजनारायण मिश्रा और कुमार सौरभ शामिल थे। मौके पर प्रोपराइटर राहुल गंगवार और उनके भाई योगेश कुमार गंगवार से ऑनलाइन स्टॉक रिपोर्ट ली गई।
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रिपोर्ट के अनुसार, 291 खाली और 384 भरे सिलिंडर और आठ डिफेक्टिव सिलिंडर प्रदर्शित हो रहे थे। हालांकि, एजेंसी के लॉगिन पर छह अप्रैल को 342 और सात अप्रैल को 360 भरे सिलिंडर ऑनलाइन रिसीव नहीं दिखाए गए थे। प्रोपराइटर ने तकनीकी खराबी का हवाला दिया और बताया कि ये सिलिंडर गोदाम में उतारकर खाली सिलिंडर वापस भेजे गए थे। गोदाम के भौतिक सत्यापन में केवल 22 खाली सिलिंडर मिले और कोई भरा सिलिंडर नहीं पाया गया। इस प्रकार, ऑनलाइन स्टॉक के मुकाबले मौके पर 269 खाली और 392 भरे घरेलू गैस सिलिंडर कम पाए गए। पूछने पर प्रोपराइटर जवाब नहीं दे सके।
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पहले भी मिली थी अनियमितता
इसके पहले भी एजेंसी में अनियमितता पाई गई थी। इससे पहले 23 मार्च को भी बिक्री अधिकारी अमित सिंह ने एजेंसी की जांच की थी। उस समय भी 142 खाली और 176 भरे गैस सिलिंडर कम मिले थे। इस पर आईओसीएल ने 24 मार्च को एजेंसी मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में स्पष्टीकरण मांगा था, जिसका जवाब 14 अप्रैल तक नहीं दिया गया था। आरोप है कि गैस एजेंसी संचालक सिलिंडरों की कालाबाजारी कर रहे थे।