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चीनी मिल पर किसानों का आठ करोड़ बकाया
Updated Sat, 28 Apr 2018 10:16 PM IST
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चीनी मिल पर किसानों का आठ करोड़ बकाया
अंबेडकरनगर। लक्ष्य से 19 लाख क्विंटल अधिक गन्ने की पेराई के बाद अकबरपुर चीनी मिल में पेराई सत्र समाप्त हो गया। चीनी मिल ने 13 मार्च तक बिक्री करने वाले किसानों का भुगतान भी कर दिया है। ऐसे में अब सिर्फ आठ करोड़ रुपये का भुगतान होना ही शेष है।
गौरतलब है कि गत 24 नवंबर को अकबरपुर चीनी मिल में पेराई का कार्य प्रारंभ हुआ था। शुरुआती दौर से ही सुचारु ढंग से पर्ची नहीं मिलने के चलते किसानों को गन्ना बिक्री करने में विभिन्न मुश्किलें उठानी पड़ीं।
बताते चलें कि, जिले में 35 हजार किसान गन्ने की खेती करते हैं। किसानों को बिक्री में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 36 गन्ना क्रय केंद्रों की स्थापना की गई थी।
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शासन से अकबरपुर चीनी मिल को 85 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य दिया गया था। लक्ष्य को चीनी मिल ने काफी पहले ही पूर्ण कर लिया। खेतों में गन्ने की फसल शेष रहने के चलते चीनी मिल प्रशासन पर मिल नहीं बंद करने का दबाव पड़ने लगा।
जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन की पहल के चलते चीनी मिल प्रशासन ने सभी किसानों का गन्ना खरीदने के बाद ही पेराई सत्र समाप्त करने की घोषणा की थी। 26 अप्रैल की रात्रि साढ़े 11 बजे जब चीनी मिल में पेराई सत्र समाप्त हुआ, तो एक करोड़ चार लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी थी। ऐसे में 19 लाख क्विंटल अधिक गन्ने की पेराई की गई।
मुख्य गन्ना प्रबंधक अरविंद सिंह ने बताया कि, 13 मार्च तक बिक्री करने वाले किसानों का भुगतान भी कर दिया गया है। लगभग आठ करोड़ रुपये का भुगतान शेष है, जो शीघ्र ही कर दिया जाएगा।
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अंबेडकरनगर। लक्ष्य से 19 लाख क्विंटल अधिक गन्ने की पेराई के बाद अकबरपुर चीनी मिल में पेराई सत्र समाप्त हो गया। चीनी मिल ने 13 मार्च तक बिक्री करने वाले किसानों का भुगतान भी कर दिया है। ऐसे में अब सिर्फ आठ करोड़ रुपये का भुगतान होना ही शेष है।
गौरतलब है कि गत 24 नवंबर को अकबरपुर चीनी मिल में पेराई का कार्य प्रारंभ हुआ था। शुरुआती दौर से ही सुचारु ढंग से पर्ची नहीं मिलने के चलते किसानों को गन्ना बिक्री करने में विभिन्न मुश्किलें उठानी पड़ीं।
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बताते चलें कि, जिले में 35 हजार किसान गन्ने की खेती करते हैं। किसानों को बिक्री में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 36 गन्ना क्रय केंद्रों की स्थापना की गई थी।
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शासन से अकबरपुर चीनी मिल को 85 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य दिया गया था। लक्ष्य को चीनी मिल ने काफी पहले ही पूर्ण कर लिया। खेतों में गन्ने की फसल शेष रहने के चलते चीनी मिल प्रशासन पर मिल नहीं बंद करने का दबाव पड़ने लगा।
जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन की पहल के चलते चीनी मिल प्रशासन ने सभी किसानों का गन्ना खरीदने के बाद ही पेराई सत्र समाप्त करने की घोषणा की थी। 26 अप्रैल की रात्रि साढ़े 11 बजे जब चीनी मिल में पेराई सत्र समाप्त हुआ, तो एक करोड़ चार लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की जा चुकी थी। ऐसे में 19 लाख क्विंटल अधिक गन्ने की पेराई की गई।
मुख्य गन्ना प्रबंधक अरविंद सिंह ने बताया कि, 13 मार्च तक बिक्री करने वाले किसानों का भुगतान भी कर दिया गया है। लगभग आठ करोड़ रुपये का भुगतान शेष है, जो शीघ्र ही कर दिया जाएगा।