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पैरोल पर छूटे 17 कैदी ही लौटे, 60 का कोई नही सुराग
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लखनऊ। कोरोना काल में जिला कारागार से पैरोल पर छूटे 17 कैदी ही जेल वापस लौटे, वहीं 60 का कोई सुराग नहीं लग रहा है। फरार कैदियों की लोकेशन न मिलने से जेल महकमे के साथ ही पुलिस अधिकारी भी तनाव में हैं। दरअसल इन कैदियों को गिरफ्तार कर जेल पहुंचाने की जिम्मेदारी पुलिस को सौंपी गई है। फरार चल रहे पांच दर्जन कैदियों की धरपकड़ के लिए राजधानी की कमिश्नरेट समेत 20 जनपदों की पुलिस लगी है। लेकिन पैरोल पर गए कैदी पुलिस को ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। नतीजतन पैरोल की मियाद खत्म होने के 50 दिन बाद भी कैदी जेल नहीं पहुंचे हैं। पैरोल पर छूटकर गए कैदी कहां हैं और क्यों जेल वापस नहीं आ रहे? इस सवाल ने जिम्मेदारों की नींद उड़ा दी है।
शासन की संस्तुति पर जिला जेल के 77 कैदियों को 8 सप्ताह की विशेष पैरोल दी गई थी। बाद में लॉकडाउन के चलते पैरोल को 8-8 सप्ताह के लिए तीन बार बढ़ाया गया। पैरोल के समाप्त होने पर कैदियों के जेल वापसी के आदेश पर भी जब 60 कैदी नहीं लौटे तो जेल प्रशासन मुश्किल में पड़ गया। जेल प्रशासन ने उनकी तलाश कर गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधिकारियों से पत्राचार किया जिसके बाद पुलिस की टीमें फरार कैदियों को तलाश रही हैं, लेकिन पता लगाने में पुलिस नाकाम रही। पैरोल मियाद के खत्म होने बाद जेल वापस न आने वालों मे लखनऊ के 35, सीतापुर के 5, हरदोई के 4, रायबरेली, उन्नाव, श्रावस्ती, कानपुर नगर व बहराइच के तीन-तीन, प्रयागराज, बाराबंकी, शाहजहांपुर, आजमगढ़, बरेली व गोण्डा के दो-दो अलावा पीलीभीत, बदायूं, अम्बेडकर नगर, वाराणसी, प्रतापगढ़ व फतेहपुर के एक-एक कैदी शामिल हैं।
पुलिस आयुक्त व जिलों के कप्तान को लिखा पत्र
वरिष्ठ जेल अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि अप्रैल मे 77 कैदियों को शासन के आदेश पर 8 सप्ताह की पैरोल पर रिहा किया गया था। बाद में पैरोल की अवधि को बढ़ाया भी गया। पैरोल समाप्त होने पर जेल वापसी के आदेश जारी होने पर 17 कैदी जेल मे दाखिल हो गए लेकिन 60 कैदी जेल वापस नहीं लौटे। ऐसे कैदियों को पकड़कर जेल में दाखिल कराने के लिए पुलिस आयुक्त लखनऊ के अलावा प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर व बाराबंकी समेत 20 जिलों के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। इसके अलावा जेल प्रशासन भी कैदियों के परिजनों को सूचना भेजकर कैदियों की जेल वापसी के लिए कोशिश कर रहा है।
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शासन की संस्तुति पर जिला जेल के 77 कैदियों को 8 सप्ताह की विशेष पैरोल दी गई थी। बाद में लॉकडाउन के चलते पैरोल को 8-8 सप्ताह के लिए तीन बार बढ़ाया गया। पैरोल के समाप्त होने पर कैदियों के जेल वापसी के आदेश पर भी जब 60 कैदी नहीं लौटे तो जेल प्रशासन मुश्किल में पड़ गया। जेल प्रशासन ने उनकी तलाश कर गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधिकारियों से पत्राचार किया जिसके बाद पुलिस की टीमें फरार कैदियों को तलाश रही हैं, लेकिन पता लगाने में पुलिस नाकाम रही। पैरोल मियाद के खत्म होने बाद जेल वापस न आने वालों मे लखनऊ के 35, सीतापुर के 5, हरदोई के 4, रायबरेली, उन्नाव, श्रावस्ती, कानपुर नगर व बहराइच के तीन-तीन, प्रयागराज, बाराबंकी, शाहजहांपुर, आजमगढ़, बरेली व गोण्डा के दो-दो अलावा पीलीभीत, बदायूं, अम्बेडकर नगर, वाराणसी, प्रतापगढ़ व फतेहपुर के एक-एक कैदी शामिल हैं।
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पुलिस आयुक्त व जिलों के कप्तान को लिखा पत्र
वरिष्ठ जेल अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि अप्रैल मे 77 कैदियों को शासन के आदेश पर 8 सप्ताह की पैरोल पर रिहा किया गया था। बाद में पैरोल की अवधि को बढ़ाया भी गया। पैरोल समाप्त होने पर जेल वापसी के आदेश जारी होने पर 17 कैदी जेल मे दाखिल हो गए लेकिन 60 कैदी जेल वापस नहीं लौटे। ऐसे कैदियों को पकड़कर जेल में दाखिल कराने के लिए पुलिस आयुक्त लखनऊ के अलावा प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर व बाराबंकी समेत 20 जिलों के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। इसके अलावा जेल प्रशासन भी कैदियों के परिजनों को सूचना भेजकर कैदियों की जेल वापसी के लिए कोशिश कर रहा है।
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