सेहत से खिलवाड़: 60 प्रतिशत होटल-रेस्टोरेंट के किचन 'बीमारी का घर', यहां नहीं मिली सफाई
लखनऊ में 60 फीसदी होटल-रेस्टोरेंट के किचन गंदे रहते हैं। इनका खाना आपको बीमार बना सकता है। चौंकिए नहीं! एफएसडीए के अफसर खुद मानते हैं कि हालात खराब हैं। एक अधिकारी कहते हैं कि साठ फीसदी रेस्टोरेंट और छोटे होटलों में सफाई व्यवस्था बदहाल है। ऐसा क्यों? संचालकों को साफ-सफाई की न तो फिक्र है और न ही खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम के तहत तय सफाई के मानकों की जानकारी। होटल-रेस्टोरेंट के किचन में खाना बनाने से लेकर इनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री के रखरखाव व भंडारण तक में सफाई मानकों की अनदेखी हो रही है। ज्यादातर छोटे होटलों में तो गंदे कपड़े पहने कारीगरों व स्टाफ से खान-पान सामग्री ग्राहकों को परोसी जाती है। एफएसडीए के अधिकारी मानते हैं कि 30 से 40 प्रतिशत रेस्टोरेंट के किचन को छोड़कर बाकी जगह सफाई के नाम पर सिर्फ झाडू-पोंछा कर काम चलाया जा रहा है। वहीं, सख्ती की बात की जाए तो नमूना लेने, फूड लाइसेंस की जांच तक कार्रवाई सिमटी रहती है।
नियम कहता है...
20 से ज्यादा कर्मचारी तो किचन सुपरवाइजर होना चाहिए
नियमों की बात करें तो किसी भी होटल या रेस्टोरेंट, जिसमें 20 या इससे अधिक कर्मचारी हों, वहां किचन सुपरवाइजर की तैनाती अनिवार्य है। हालांकि, कुछ बड़े होटल, रेस्टोरेंट व फूड सप्लाई से जुड़ी फर्मों की मॉड्यूलर किचन को छोड़कर किसी अन्य होटल-रेस्टोरेंट संचालकों की ओर से इसका पालन नहीं किया जाता।
किचन सुपरवाइजर के लिए बाकायदा तय है योग्यता...पर?
अब किचन सुपरवाइजर के लिए होम साइंस, माइक्रो बायलॉजी या होटल मैनेजमेंट से तीन साल के डिग्री अथवा डेढ़ साल के फूड एंड बेवरेज सर्टिफिकेट कोर्स की योग्यता अनिवार्य है। हालांकि, छोटे होटलों में इसका पालन नहीं होता।
खाना बनाने वाले को ग्लव्स-टोपी पहनना जरूरी
खाना बनाने वाले स्टाफ का अपनी सफाई के साथ साफ कपड़े व काम करते समय गल्व्स, टोपी पहनना जरूरी है।
साफ-सफाई के साथ ही किचन हवादार हो। गंदे पानी की निकासी, रोशनी व सफाई की पर्याप्त व्यवस्था हो। वेज व नॉनवेज सामग्री रखने के लिए अलग इंतजाम हों। ऑर्डर का खाना बनाने के लिए दो सेट बर्तन होना जरूरी। रसोई का मुख्य व सहायक स्टाफ साफ परिधान में हो। किचन की फर्श या प्लेटफॉर्म पर सब्जियां व अन्य सामग्री न काटी जाए। गैस चूल्हे के करीब न हो बर्तन धोने का सिंक। उपयोग आ रही खाद्य सामग्री के भंडारण की अलग से हो व्यवस्था।
पर...शहर के होटल-रेस्टोरेंट में ऐसे हालात आम
- सामग्री का गंदगी में भंडारण।
- एक ही फ्रिज में वेज व नॉनवेज सामग्री एक साथ रखी जा रही।
- एक ही पैन को बिना ठीक से साफ किए वेज-नॉनवेज तैयार करना।
- किचन में इस्तेमाल होने वाले गंदे पानी की निकासी न होना।
- पानी की टंकी साफ न करना।
- दुकान-रेस्टोरेंट में फूड पंजीयन अथवा लाइसेंस प्रदर्शित न करना।
- रेस्टोरेंट, बेकरी के किचनकर्मियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण न होना।
- खराब खाद्य सामग्री को भी उपयोग में आ रही सामग्री के साथ रखना।
- स्कार्पियो क्लब (वुडलैंड गार्डेन) कुर्सी रोड
- मधुर मिलन रेस्टोरेंट, अमीनाबाद
- बून्स हैप्पी एंड रिटर्न रेस्टोरेंट, जानकीपुरम
- सागर स्वीट्स पहाड़पुर, कुर्सी रोड
- अजय प्रोविजनल स्टोर एलपी रोड, वजीरगंज
- साई-द- ढाबा भोपाल हाउस, लालबाग
- निशंक स्टोर सेक्टर जी, अलीगंज
- द पोश पफ रेस्टोरेंट बालाजी कॉम्प्लेक्स, एलडीए, कानपुर रोड
- अपोलो बेकरी, नजरबाग
- ताज बेकरी प्रियदर्शिनी कॉलोनी, सीतापुर रोड
- टीसीटी बेकरी, निरालानगर
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, एफएसडीए, एसके मिश्रा ने बताया कि रेस्टोरेंट-होटलों के किचन में सफाई के मानकों का सख्ती से अनुपालन कराने को अब नमूना लेने के दौरान किचन व भंडारण कक्ष का निरीक्षण भी जरूरी होगा। तैयार स्पॉट रिपोर्ट से मानकों की अनदेखी कर रहे संचालकों पर शिकंजा कसेगा। ऐसे रेस्टोरेंट संचालकों के खिलाफ किचन में गंदगी या मानकों की अनदेखी मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। - एसके मिश्रा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एफएसडीए