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इटावा में दबोचे गए कछुवों के तस्कर
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इटावा में चार तस्कर गिरफ्तार, 327 कछुए बरामद
एटीएफ ने वन विभाग की मदद से तस्करों को दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। एसटीएफ ने शुक्रवार को इटावा से चार कछुआ तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 327 कछुए बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार तस्करों इटावा निवासी रामसरन प्रजापति, किशन गोपाल व रक्षपाल सिंह व उत्तराखंड निवासी खोकन मंडल के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि उत्तराखंड के कुछ तस्कर इटावा व आसपास के इलाकों में स्थानीय तस्करों के साथ मिलकर कार से कछुए लेकर पश्चिम बंगाल जाने वाले हैं। इसके बाद वन विभाग की मदद से शुक्रवार तड़के चार बजे चौबिया थाना क्षेत्र में चौपाला के पास से चारों तस्करों दबोच लिया गया। साथ ही उन्होंने बताया कि स्थानीय तस्कर कछुए बेचने के लिए पश्चिम बंगाल के व्यापारियों के संपर्क में रहते हैं। जहां से इन कछुओं को बांग्लादेश व म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग और मलेशिया को भेजा जाता है।
कछुए की 11 प्रजातियों का अवैध कारोबार
प्रदेश में कछुए की 15 प्रजातियों पाई जाती हैं। इनमें से 11 प्रजातियों का अवैध व्यापार होता है। दरअसल, इन कछुओं का इस्तेमाल मांस और इसकी झिल्ली सुखाकर शक्तिवर्धक दवाएं बनाने में होता है। प्रदेश में कछुओं की ये प्रजातियां यमुना, चंबल, गंगा, गोमती, घाघरा, गंडक व इनकी सहायक नदियों में बहुतायत मात्रा में पाई जाती हैं।
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एटीएफ ने वन विभाग की मदद से तस्करों को दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। एसटीएफ ने शुक्रवार को इटावा से चार कछुआ तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 327 कछुए बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार तस्करों इटावा निवासी रामसरन प्रजापति, किशन गोपाल व रक्षपाल सिंह व उत्तराखंड निवासी खोकन मंडल के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि उत्तराखंड के कुछ तस्कर इटावा व आसपास के इलाकों में स्थानीय तस्करों के साथ मिलकर कार से कछुए लेकर पश्चिम बंगाल जाने वाले हैं। इसके बाद वन विभाग की मदद से शुक्रवार तड़के चार बजे चौबिया थाना क्षेत्र में चौपाला के पास से चारों तस्करों दबोच लिया गया। साथ ही उन्होंने बताया कि स्थानीय तस्कर कछुए बेचने के लिए पश्चिम बंगाल के व्यापारियों के संपर्क में रहते हैं। जहां से इन कछुओं को बांग्लादेश व म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग और मलेशिया को भेजा जाता है।
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कछुए की 11 प्रजातियों का अवैध कारोबार
प्रदेश में कछुए की 15 प्रजातियों पाई जाती हैं। इनमें से 11 प्रजातियों का अवैध व्यापार होता है। दरअसल, इन कछुओं का इस्तेमाल मांस और इसकी झिल्ली सुखाकर शक्तिवर्धक दवाएं बनाने में होता है। प्रदेश में कछुओं की ये प्रजातियां यमुना, चंबल, गंगा, गोमती, घाघरा, गंडक व इनकी सहायक नदियों में बहुतायत मात्रा में पाई जाती हैं।
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