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5 पुलिस उपाधीक्षकों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन की तिथि से दी थी वरिष्ठता
Tue, 02 Apr 2019 12:08 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 02 Apr 2019 12:08 AM IST
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Lucknow High Court
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हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के मामले में अपना आदेश 5 पुलिस उपाधीक्षकों विनोद सिंह सिरोही, हरिमोहन सिंह, उमेश नाथ मिश्र, राजेश कुमार द्विवेदी व एक अन्य की विशेष अपील पर दिया। अपीलकर्ताओं के अधिवक्ता समीर कालिया के मुताबिक वर्ष 1994 से 2014 के बीच में राज्य सरकार की दरोगाओं के आउट ऑफ टर्न प्रमोशन की नीति रही।
इसके तहत कई दरोगा से इंस्पेक्टर व कई इंस्पेक्टर से पुलिस उपाधीक्षक हो गए। वर्ष 2015 में शासन ने एक नीतिगत निर्णय के तहत इन्हें आउट आफ टर्न प्रमोशन की तिथि से वरिष्ठता देने का निर्णय किया।
अधिवक्ता ने बताया कि इससे प्रभावित हुए कुछ पुलिसकर्मियों ने इस निर्णय को एकल न्यायाधीश के समक्ष चुनौती दी थी। एकल पीठ ने सरकार के 23 जुलाई, 2015 के शासनादेश (आउट ऑफ टर्न प्रमोशन की तिथि से वरिष्ठता), 29 जुलाई के परिणामी आदेश समेत 24 फरवरी, 2016 की वरिष्ठता सूची को रद्द कर दिया था। साथ ही दो माह में संबंधित नियमों के तहत नए सिरे से वरिष्ठता सूची बनाने के आदेश दिए थे।
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इसके तहत कई दरोगा से इंस्पेक्टर व कई इंस्पेक्टर से पुलिस उपाधीक्षक हो गए। वर्ष 2015 में शासन ने एक नीतिगत निर्णय के तहत इन्हें आउट आफ टर्न प्रमोशन की तिथि से वरिष्ठता देने का निर्णय किया।
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अधिवक्ता ने बताया कि इससे प्रभावित हुए कुछ पुलिसकर्मियों ने इस निर्णय को एकल न्यायाधीश के समक्ष चुनौती दी थी। एकल पीठ ने सरकार के 23 जुलाई, 2015 के शासनादेश (आउट ऑफ टर्न प्रमोशन की तिथि से वरिष्ठता), 29 जुलाई के परिणामी आदेश समेत 24 फरवरी, 2016 की वरिष्ठता सूची को रद्द कर दिया था। साथ ही दो माह में संबंधित नियमों के तहत नए सिरे से वरिष्ठता सूची बनाने के आदेश दिए थे।
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इसके खिलाफ पांचों पुलिस उपाधीक्षकों ने विशेष अपीलें दायर की थी। उनका कहना था कि एकल पीठ के फैसले से उनके हित प्रभावित होंगे क्योंकि नई वरिष्ठता सूची बनने से उनकी वरिष्ठता पर भी असर पड़ेगा। उधर विशेष अपील का विपक्षी पक्षकारों की तरफ से विरोध किया गया।
इस पर खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के 20 फरवरी, 2019 के (पैरा 39) के आदेश के अमल पर रोक लगा दी। साथ ही कहा है कि अपीलकर्ता अगली तारीख तक अपने आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के आधार पर किसी आगे मिलने वाले लाभ के हकदार नहीं होंगे। अगली सुनवाई 6 मई से शुरू होने वाले हफ्ते में नियत की गई है।
इस पर खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के 20 फरवरी, 2019 के (पैरा 39) के आदेश के अमल पर रोक लगा दी। साथ ही कहा है कि अपीलकर्ता अगली तारीख तक अपने आउट ऑफ टर्न प्रमोशन के आधार पर किसी आगे मिलने वाले लाभ के हकदार नहीं होंगे। अगली सुनवाई 6 मई से शुरू होने वाले हफ्ते में नियत की गई है।