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Lucknow News: नगालैंड से 45 शस्त्र लाइसेंस लखनऊ ट्रांसफर हुए, अधिकतर संदिग्ध
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लखनऊ। दो दशक में नगालैंड से करीब 45 शस्त्र लाइसेंस लखनऊ के पतों पर ट्रांसफर कराए गए हैं। इनमें से कुछ लाइसेंस तो सैन्यकर्मियों के हैं मगर अधिकर लाइसेंस संदिग्ध हैं। ये संदिग्ध लाइसेंस फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बनवाए गए हैं। एसटीएफ इस प्रकरण की जांच कर रही है। तमाम अहम सुबूत एसटीएफ जुटा चुकी है। मामले में जल्द बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
एसटीएफ ने इसी साल मई में सपा विधायक अभय सिंह के साले संदीप सिंह को गिरफ्तार किया था। आरोपी संदीप ने नगालैंड से फर्जीवाड़ा कर शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। वहीं, अयोध्या से एक शस्त्र लाइसेंस आपराधिक इतिहास छिपाकर बनवा लिया था। इसके बाद एसटीएफ ने हरदोई निवासी एक प्रॉपर्टी डीलर को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसने भी नगालैंड से दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाए थे।
एसटीएफ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से ऐसे शस्त्र लाइसेंसों का ब्योरा मांगा था जो नगालैंड से बनवाकर लखनऊ के पते पर ट्रांसफर कराए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रशासन ने करीब 45 शस्त्र लाइसेंसों का ब्योरा उपलब्ध कराया है। ये लाइसेंस पिछले दो दशक के भीतर नगालैंड में बनवाने के बाद लखनऊ के पतों पर ट्रांसफर कराए गए हैं। एसटीएफ अब इन सभी लाइसेंसों की तस्दीक कर उनका सत्यापन कर रही है।
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सूत्रों के मुताबिक प्रशासन ने जो ब्योरा दिया है, उसमें से कुछ लाइसेंस सैन्यकर्मियों के हैं। जिन्होंने नगालैंड में तैनाती के दौरान लाइसेंस बनवाए और बाद में लखनऊ के पते पर ट्रांसफर कराए। ये लाइसेंस सही हैं मगर अधिकतर लाइसेंसों में संदीप सिंह की तरफ फर्जीवाड़ा किए जाने की आशंका है। अंदेशा है कि नगालैंड में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लाइसेंस बनवाए गए। फिर एनओसी लेकर लखनऊ के पते पर ट्रांसफर करा लिया गया। ऐसे में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका है। एसटीएफ की जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई संभव है।
सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में तीन से चार शस्त्र लाइसेंसों के फर्जी होने की पुष्टि हुई है। संबंधित लोगों से जांच एजेंसी पूछताछ कर और जानकारी कर रही है। जांच पूरी होने और सभी साक्ष्य जुटाने के बाद एजेंसी कार्रवाई करेगी। जानकारी के मुताबिक इसमें कई बड़े लोग भी शामिल हैं।
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एसटीएफ ने इसी साल मई में सपा विधायक अभय सिंह के साले संदीप सिंह को गिरफ्तार किया था। आरोपी संदीप ने नगालैंड से फर्जीवाड़ा कर शस्त्र लाइसेंस बनवाया था। वहीं, अयोध्या से एक शस्त्र लाइसेंस आपराधिक इतिहास छिपाकर बनवा लिया था। इसके बाद एसटीएफ ने हरदोई निवासी एक प्रॉपर्टी डीलर को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसने भी नगालैंड से दो फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाए थे।
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एसटीएफ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन से ऐसे शस्त्र लाइसेंसों का ब्योरा मांगा था जो नगालैंड से बनवाकर लखनऊ के पते पर ट्रांसफर कराए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रशासन ने करीब 45 शस्त्र लाइसेंसों का ब्योरा उपलब्ध कराया है। ये लाइसेंस पिछले दो दशक के भीतर नगालैंड में बनवाने के बाद लखनऊ के पतों पर ट्रांसफर कराए गए हैं। एसटीएफ अब इन सभी लाइसेंसों की तस्दीक कर उनका सत्यापन कर रही है।
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सूत्रों के मुताबिक प्रशासन ने जो ब्योरा दिया है, उसमें से कुछ लाइसेंस सैन्यकर्मियों के हैं। जिन्होंने नगालैंड में तैनाती के दौरान लाइसेंस बनवाए और बाद में लखनऊ के पते पर ट्रांसफर कराए। ये लाइसेंस सही हैं मगर अधिकतर लाइसेंसों में संदीप सिंह की तरफ फर्जीवाड़ा किए जाने की आशंका है। अंदेशा है कि नगालैंड में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर लाइसेंस बनवाए गए। फिर एनओसी लेकर लखनऊ के पते पर ट्रांसफर करा लिया गया। ऐसे में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका है। एसटीएफ की जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई संभव है।
सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में तीन से चार शस्त्र लाइसेंसों के फर्जी होने की पुष्टि हुई है। संबंधित लोगों से जांच एजेंसी पूछताछ कर और जानकारी कर रही है। जांच पूरी होने और सभी साक्ष्य जुटाने के बाद एजेंसी कार्रवाई करेगी। जानकारी के मुताबिक इसमें कई बड़े लोग भी शामिल हैं।