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चुनावी एसएमएस पर ट्राई का ब्रेक
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अंबेडकरनगर। लोकसभा चुनाव प्रचार के एसएमएस संदेशों से कमाई का मंसूबा संजोए मोबाइल सेवा से जुड़ी ऑपरेटर कंपनियों को ट्राई ने झटका दिया है। एसएमएस संदेशों की एक दिन की अधिकतम सीमा पर लगी रोक को चुनावी मौसम में कुछ राहत देने का प्रस्ताव फिलहाल दूरसंचार नियामक आयोग ने नहीं माना है। इससे अब चुनावी प्रचार-प्रसार के लिए एक दिन में एक रजिस्टर्ड सिम से अधिकतम 200 एसएमएस ही भेजे जा सकेंगे।
प्रमुख दलों के नेताओं ने दूरसंचार नियामक आयोग को पत्र भेजकर चुनावी प्रचार प्रसार के लिए मोबाइल एसएमएस की एक दिन की अधिकतम तय संख्या दो सौ संदेश में राहत दिए जाने की मांग की थी। ट्राई के इस कदम से एसएमएस के जरिये मतदाताओं के दिल में जगह बनाने वाले प्रत्याशियों को भी मायूसी होगी।
गौरतलब है कि चुनाव-प्रचार के दौरान मोबाइल मेसेज सर्विस (एसएमएस) प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार में एक अहम भूमिका निभाता है। प्रत्याशी इसके माध्यम से सीधे वोटरों तक अपना संदेश भेज कर वोट व सपोर्ट मांगना बेहतर समझते हैं।
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ट्राई ने सिर्फ टेली मार्केटिंग से जुड़ी पंजीकृत कंपनियों को ही तय एसएमएस सीमा से अधिक संदेशों की छूट दे रखी है जो किसी भी स्थिति में प्रत्याशियों के प्रचार संदेश जारी नहीं कर सकती। यूनीनॉर, एयरटेल, वोडाफोन व रिलायंस जैसे निजी मोबाइल आपरेटरों में भी चुनावी एसएमएस संदेशों की सीमा न बढ़ाने से हताशा है। इन कंपनियों के प्रतिनिधियों का कहना था कि एसएमएस की संख्या में राहत देने से चुनावी प्रचार का अच्छा व सस्ता साधन सुलभ होता। साथ ही इसके शुल्क से सरकार व कंपनी दोनों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होती।
फिलहाल मोबाइल सेवा से जुड़ी ऑपरेटर कंपनियों के जिम्मेदारों का कहना है कि चुनावी संदेशों के लिए न तो अलग से कोई एसएमएस टैरिफ प्लान जारी होगा और न ही पैकेज प्लान। ट्राई के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। चुनावी एसएमएस के लिए भी सामान्य एसएमएस सेवा के तय मानक व दर पर ही संदेशों का आदान-प्रदान होगा।
नकदी-शराब बांटी तो खानी पड़ेगी जेल की हवा
अंबेडकरनगर। लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए नकदी, शराब, उपहार या मुफ्त भोजन बांटना व लेना दोनों ही मुसीबत में डाल सकता है। इसे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित करने वाला मानते हुए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्हें एक साल जेल की सजा तक काटनी पड़ सकती है। यह चेतावनी जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने दी।
उन्होंने जनसमुदाय को सचेत किया कि चुनाव के दौरान किसी के बहकावे में न आएं। साथ ही मुफ्त की चीजों के इस्तेमाल से बचें। मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए प्रत्याशी समर्थक नकदी, शराब, उपहार या मुफ्त भोजन का झांसा देते हैं, जो रिश्वत की श्रेणी में आता है। इसकी रोकथाम को सर्विलांस टीमें भी बनाई गई हैं। लोग ऐसी शिकायतें अनुश्रवण सेल के नंबर 05271-247250 एवं 9454418044 पर सीधे दर्ज करा सकते हैं।
खबरों पर भी खास नजर
प्रशासन चुनाव के दौरान समाचार पत्रों में प्रकाशित न्यूज, विज्ञापन और चैनलों में प्रसारित खबरों पर भी सघनता से निगरानी रखेगा। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ रविवार से लागू आदर्श आचार संहिता के तहत इसके अनुपालन को निगरानी समिति का भी गठन किया गया है। यह चुनाव संबंधी न्यूज आइटम में उन आपत्तिजनक अंशों को चिह्नित करेगी, जो आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में आते हों। डीएम ने बताया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को पढ़ने एवं आपत्तिजनक अंश के चिह्नीकरण को गठित कमेटी का प्रभारी अधिकारी एडीएम अमरनाथ रॉय को बनाया गया है।
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प्रमुख दलों के नेताओं ने दूरसंचार नियामक आयोग को पत्र भेजकर चुनावी प्रचार प्रसार के लिए मोबाइल एसएमएस की एक दिन की अधिकतम तय संख्या दो सौ संदेश में राहत दिए जाने की मांग की थी। ट्राई के इस कदम से एसएमएस के जरिये मतदाताओं के दिल में जगह बनाने वाले प्रत्याशियों को भी मायूसी होगी।
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गौरतलब है कि चुनाव-प्रचार के दौरान मोबाइल मेसेज सर्विस (एसएमएस) प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार में एक अहम भूमिका निभाता है। प्रत्याशी इसके माध्यम से सीधे वोटरों तक अपना संदेश भेज कर वोट व सपोर्ट मांगना बेहतर समझते हैं।
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ट्राई ने सिर्फ टेली मार्केटिंग से जुड़ी पंजीकृत कंपनियों को ही तय एसएमएस सीमा से अधिक संदेशों की छूट दे रखी है जो किसी भी स्थिति में प्रत्याशियों के प्रचार संदेश जारी नहीं कर सकती। यूनीनॉर, एयरटेल, वोडाफोन व रिलायंस जैसे निजी मोबाइल आपरेटरों में भी चुनावी एसएमएस संदेशों की सीमा न बढ़ाने से हताशा है। इन कंपनियों के प्रतिनिधियों का कहना था कि एसएमएस की संख्या में राहत देने से चुनावी प्रचार का अच्छा व सस्ता साधन सुलभ होता। साथ ही इसके शुल्क से सरकार व कंपनी दोनों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होती।
फिलहाल मोबाइल सेवा से जुड़ी ऑपरेटर कंपनियों के जिम्मेदारों का कहना है कि चुनावी संदेशों के लिए न तो अलग से कोई एसएमएस टैरिफ प्लान जारी होगा और न ही पैकेज प्लान। ट्राई के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। चुनावी एसएमएस के लिए भी सामान्य एसएमएस सेवा के तय मानक व दर पर ही संदेशों का आदान-प्रदान होगा।
नकदी-शराब बांटी तो खानी पड़ेगी जेल की हवा
अंबेडकरनगर। लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए नकदी, शराब, उपहार या मुफ्त भोजन बांटना व लेना दोनों ही मुसीबत में डाल सकता है। इसे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित करने वाला मानते हुए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्हें एक साल जेल की सजा तक काटनी पड़ सकती है। यह चेतावनी जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने दी।
उन्होंने जनसमुदाय को सचेत किया कि चुनाव के दौरान किसी के बहकावे में न आएं। साथ ही मुफ्त की चीजों के इस्तेमाल से बचें। मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए प्रत्याशी समर्थक नकदी, शराब, उपहार या मुफ्त भोजन का झांसा देते हैं, जो रिश्वत की श्रेणी में आता है। इसकी रोकथाम को सर्विलांस टीमें भी बनाई गई हैं। लोग ऐसी शिकायतें अनुश्रवण सेल के नंबर 05271-247250 एवं 9454418044 पर सीधे दर्ज करा सकते हैं।
खबरों पर भी खास नजर
प्रशासन चुनाव के दौरान समाचार पत्रों में प्रकाशित न्यूज, विज्ञापन और चैनलों में प्रसारित खबरों पर भी सघनता से निगरानी रखेगा। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ रविवार से लागू आदर्श आचार संहिता के तहत इसके अनुपालन को निगरानी समिति का भी गठन किया गया है। यह चुनाव संबंधी न्यूज आइटम में उन आपत्तिजनक अंशों को चिह्नित करेगी, जो आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के दायरे में आते हों। डीएम ने बताया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को पढ़ने एवं आपत्तिजनक अंश के चिह्नीकरण को गठित कमेटी का प्रभारी अधिकारी एडीएम अमरनाथ रॉय को बनाया गया है।