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किसी राजकीय विद्यालय में नहीं लगी बायोमीट्रिक मशीन
Updated Fri, 22 Jun 2018 11:04 PM IST
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अंबेडकरनगर। शासन की मंशानुरूप राजकीय, अनुदानित व वित्त विहीन विद्यालयों में शैक्षिक सुधार हो भी तो कैसे? जिले के कुल 350 राजकीय, अनुदानित व वित्त विहीन विद्यालयों के सापेक्ष मात्र 126 स्कूलों में ही सीसीटीवी कैमरा लगा है, जबकि किसी भी विद्यालय में बायोमीट्रिक सिस्टम अब तक नहीं लग सका है। ऐसा तब है, जबकि शासन ने नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने से पहले ही राजकीय व अनुदानित विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरा व बायोमीट्रिक सिस्टम लगाने का निर्देश दिया था, इसके बावजूद इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में शिक्षण कार्य में सुधार किस प्रकार हो सकेगा।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कड़े कदम उठाना शुरू कर दिया था। यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया पर अंकुश लगाने के लिए पूरी परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराई। इसका परिणाम भी देखने को मिला। अब दूसरे चरण में राजकीय व अनुदानित विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए बड़ा कदम उठाया है। समय पर शिक्षक कक्ष में पहुंचें और सुचारु रूप से पढ़ाने का कार्य करें, इसके लिए सभी कक्षों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के साथ ही शिक्षकों व छात्र-छात्राओं की हाजिरी के लिए बायोमीट्रिक सिस्टम लगाए जाने का निर्देश दिया है।
जुलाई में विद्यालय खुलने से पहले ही सीसीटीवी कैमरा व बायोमीट्रिक सिस्टम लगानेे का निर्देश दिया गया, लेकिन जिले में इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। बताते चलें कि जिले में 28 राजकीय, 60 अनुदानित व 262 वित्त विहीन विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में कुल एक लाख 75 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार सभी अनुदानित विद्यालयों में तो सीसीटीवी कैमरा लगा है, लेकिन मात्र पांच राजकीय विद्यालय में ही सीसीटीवी कैमरा लग सका है। इसके अलावा 61 वित्त विहीन विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरा अब तक लग सका है। कुल 350 विद्यालयों के सापेक्ष एक भी विद्यालय में अब तक बायोमीट्रिक सिस्टम नहीं लग सका है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि शासन की मंशानुरूप किस प्रकार से शिक्षा स्तर में सुधार हो सकेगा।
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राजकीय विद्यालयों में ही नहीं लगा बायोमीट्रिक सिस्टम
शिक्षण कार्य में सुधार को लेकर डीआईओएस कार्यालय कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजकीय विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरा व बायोमीट्रिक सिस्टम लगाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। लिपिक राजेश कुमार के अनुसार मात्र पांच विद्यालयों में ही सीसीटीवी कैमरा लगा है। वह भी तब लगाया गया, जब इन विद्यालयों को यूपी बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनाया गया। बायोमीट्रिक सिस्टम तो किसी भी विद्यालय में नहीं लग सका है।
दिए गए हैं निर्देश
शासन की मंशानुरूप सभी राजकीय व अनुदानित विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे व बायोमीट्रिक सिस्टम लग सकें, इसके लिए संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही संबंधित विद्यालयों का जायजा भी लिया जाएगा।
- विनोद सिंह, डीआईओएस
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प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कड़े कदम उठाना शुरू कर दिया था। यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया पर अंकुश लगाने के लिए पूरी परीक्षा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराई। इसका परिणाम भी देखने को मिला। अब दूसरे चरण में राजकीय व अनुदानित विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए बड़ा कदम उठाया है। समय पर शिक्षक कक्ष में पहुंचें और सुचारु रूप से पढ़ाने का कार्य करें, इसके लिए सभी कक्षों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के साथ ही शिक्षकों व छात्र-छात्राओं की हाजिरी के लिए बायोमीट्रिक सिस्टम लगाए जाने का निर्देश दिया है।
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जुलाई में विद्यालय खुलने से पहले ही सीसीटीवी कैमरा व बायोमीट्रिक सिस्टम लगानेे का निर्देश दिया गया, लेकिन जिले में इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। बताते चलें कि जिले में 28 राजकीय, 60 अनुदानित व 262 वित्त विहीन विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में कुल एक लाख 75 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार सभी अनुदानित विद्यालयों में तो सीसीटीवी कैमरा लगा है, लेकिन मात्र पांच राजकीय विद्यालय में ही सीसीटीवी कैमरा लग सका है। इसके अलावा 61 वित्त विहीन विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरा अब तक लग सका है। कुल 350 विद्यालयों के सापेक्ष एक भी विद्यालय में अब तक बायोमीट्रिक सिस्टम नहीं लग सका है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि शासन की मंशानुरूप किस प्रकार से शिक्षा स्तर में सुधार हो सकेगा।
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राजकीय विद्यालयों में ही नहीं लगा बायोमीट्रिक सिस्टम
शिक्षण कार्य में सुधार को लेकर डीआईओएस कार्यालय कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजकीय विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरा व बायोमीट्रिक सिस्टम लगाने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। लिपिक राजेश कुमार के अनुसार मात्र पांच विद्यालयों में ही सीसीटीवी कैमरा लगा है। वह भी तब लगाया गया, जब इन विद्यालयों को यूपी बोर्ड परीक्षा में केंद्र बनाया गया। बायोमीट्रिक सिस्टम तो किसी भी विद्यालय में नहीं लग सका है।
दिए गए हैं निर्देश
शासन की मंशानुरूप सभी राजकीय व अनुदानित विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे व बायोमीट्रिक सिस्टम लग सकें, इसके लिए संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही संबंधित विद्यालयों का जायजा भी लिया जाएगा।
- विनोद सिंह, डीआईओएस