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Lucknow News: मझिलहा ड्रेन में 36 हजार घन मीटर सिल्ट, सफाई में लगेगा एक महीना
Sat, 27 May 2023 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 27 May 2023 11:50 PM IST
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रायबरेली-डीह। ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी मझिलहा ड्रेन (नाला) की सफाई के लिए कवायद शुरू हो गई है, लेकिन धरातल पर अभी काम शुरू नहीं है। नाले की सफाई कराने में करीब 36 हजार घन मीटर कचरा निकालना पड़ेगा और इसमें करीब महीना भर का समय लगेगा। इस कार्य में 10 से 12 लाख रुपये खर्च होने की उम्मीद है। दो चार दिन में सफाई शुरू हो पाएगी, मुश्किल लगता है। लेकिन जिस तरह से केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान 25 मई को अफसरों को चेतावनी दी थी, उससे जल्दी काम शुरू हो जाए, तो अचरज की बात नहीं है।
पीडब्ल्यूडी, आरईडी, सिंचाई विभाग के इंजीनियरों की मानें तो मझिलहा ड्रेन में जिस तरह सिल्ट जमा है। जलकुंभी और झाडिय़ां हैं, उससे लगता है कि इसकी सफाई में तकरीबन 36 हजार घन मीटर कचरा निकलेगा। यदि एक पोकलैंड से सफाई होती है, तो 25 से 30 दिन और दो लगती है तो 12 से 15 दिन का समय लग सकता है। ड्रेन की सफाई की सुगबुगाहट शुरू होने से ग्रामीणों के चेहरे पर चमक दिखाई पड़ रही है, लेकिन बारिश से पहले सफाई हो जाए, तो ग्रामीणों और किसानों को इस बार राहत जरूर मिल जाएगी। यह तभी संभव है, जब सिंचाई विभाग काम शुरू करा दे। ऐसा होने पर 100 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों को फायदा होगा और ग्रामीणों को जलभराव से मुक्ति मिलेगी।
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पीडब्ल्यूडी, आरईडी, सिंचाई विभाग के इंजीनियरों की मानें तो मझिलहा ड्रेन में जिस तरह सिल्ट जमा है। जलकुंभी और झाडिय़ां हैं, उससे लगता है कि इसकी सफाई में तकरीबन 36 हजार घन मीटर कचरा निकलेगा। यदि एक पोकलैंड से सफाई होती है, तो 25 से 30 दिन और दो लगती है तो 12 से 15 दिन का समय लग सकता है। ड्रेन की सफाई की सुगबुगाहट शुरू होने से ग्रामीणों के चेहरे पर चमक दिखाई पड़ रही है, लेकिन बारिश से पहले सफाई हो जाए, तो ग्रामीणों और किसानों को इस बार राहत जरूर मिल जाएगी। यह तभी संभव है, जब सिंचाई विभाग काम शुरू करा दे। ऐसा होने पर 100 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों को फायदा होगा और ग्रामीणों को जलभराव से मुक्ति मिलेगी।
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