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Lucknow News: 35 हजार अनफिट ई-रिक्शे दौड़ रहे, होती कार्रवाई तो हादसों व अपराध पर लगता अंकुश

Sun, 13 Apr 2025 01:48 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Apr 2025 01:48 AM IST
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35 thousand unfit e-rickshaws are running, if action was taken then accidents and crime would be curbed
लखनऊ। राजधानी की सड़कों पर 35 हजार अनफिट ई रिक्शे दौड़ रहे हैं। ये वे ई रिक्शे हैं, जो ट्रैफिक के लिए मुसीबत बनने के साथ-साथ अपराध व हादसों की भी वजह भी बन रहे हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ सहित प्रदेशभर में ई रिक्शा, ऑटो के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से ही नियम विरुद्ध चल रहे वाहनों की धरपकड़ की जा रही है। ऐसे में यह बात दीगर है कि राजधानी में 60 प्रतिशत ई रिक्शे अनफिट हैं और सड़कों पर दौड़ रहे हैं। लिहाजा समय-समय पर इन ई रिक्शों पर कार्रवाई होती रहती तो हादसों व अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता था।
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परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी में ट्रैफिक जाम की मुख्य वजहों में ई रिक्शे भी हैं। इनके चालकों की लापरवाही से हादसे भी हो रहे हैं। चौराहों, तिराहों, गली-कूचों आदि में ई रिक्शों को कहीं भी रोक देते हैं, जिससे यातायात संचालन बाधित होता है। ऐसे में विभाग की ओर से समिति बनाकर सर्वे कराया गया था, जिसमें अनफिट ई रिक्शों का मुद्दा उजागर हुआ।
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अधिकारियों ने बताया कि पिछले आठ साल में लखनऊ में 59 हजार ई रिक्शे पंजीकृत हुए हैं। इसमें 60 प्रतिशत ई-रिक्शे ऐसे हैं, जिनकी फिटनेस खत्म हो चुकी है। रोड टैक्स जमा नहीं करने व रिन्यूवल नहीं होने से परिवहन विभाग को राजस्व की भी हानि हो रही है। सर्वे रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गई है। इसके बाद पुराने ई रिक्शों को हटाने के लिए रणनीति बनेगी।
उम्र ही तय नहीं, कैसे लगे लगाम
ई रिक्शों की उम्र तय करने की मांग लंबे समय से उठ रही है। सवाल यह है कि जब ई रिक्शों की उम्र ही नहीं तय की गई है तो उन पर लगाम कैसे लगाई जा सकेगी। राजधानी में 36 हजार ई रिक्शे पांच साल से अधिक पुराने हैं।

स्टैंड बनाने की भी है मांग
ई रिक्शा डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री अंकित जैन ने बताया कि ट्रैफिक अधिकारियों के साथ सुगम यातायात के लिए बैठक हुई है। एसोसिएशन की ओर से उन्हें यह बताया गया कि चौराहों पर ई रिक्शे न खड़े हों, इसके लिए नगर निगम प्रशासन स्टैंड बनाकर दे। नाबालिग ई रिक्शा न चलाने पाएं। इससे जाम व हादसे दोनों पर लगाम लगेगी।

ई ऑटो भी लगा रहा जाम
ई रिक्शे की तरह ई ऑटो की भी संख्या बढ़ रही है। जिनसे जाम लग रहा है। ऐसे में ई ऑटो पर भी वैसी ही कार्रवाइयां हों, जैसी ई रिक्शों के साथ होती हैं।

फैक्ट
5700 सीएनजी आटो
3200 सीएनजी टेंपो
10200 कैब टैक्सी
59830 ई रिक्शा
14800 ई आटो
7200 बाइक टैक्सी
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