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फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेची, एक नेता सहित तीन पर 33 लाख की ठगी का मुकदमा
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लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार के भरवारा में 167.286 वर्गमीटर जमीन देने के नाम पर एक विधवा से 33.50 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री की। लेकिन जब विधवा अपनी जमीन पर दीवार खड़ी करने पहुंची तो पता चला जमीन दूसरे की है। खुद को सही साबित करने केलिए जालसाजों ने प्रॉपर्टी डीलर सहित दो के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा भी दर्ज कराया था। लेकिन जब जांच हुई तो हकीकत सामने आई। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने तीन पर केस दर्ज कर लिया है।
प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर विस्तार राजेश द्विवेदी के मुताबिक, बलरामपुर के तुलसीपुर बालापुर निवासी रंजना सिंह के पति की मौत हो चुकी है। रंजना के मुताबिक, उन्होंने लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित भरवारा में एक जमीन खरीदने के लिए हुसैनगंज कुम्हार गली निवासी गणेश शंकर से मुलाकात की। गणेश शंकर प्रॉपर्टी के कारोबार के साथ ही खुद को एक पार्टी का नेता भी बताता है। उसने 167.286 वर्गमीटर की जमीन दिखाई जिसके दस्तावेज भी दिखाए। इसके आधार पर रजिस्ट्री 12 अक्तूबर 2020 को रंजना के पक्ष में कर दी।
गणेश शंकर ने इसके लिए 15 लाख रुपये लिए। इसके बाद बिचौलिये नीलेंद्र सिंह के जरिये 5 लाख रुपये और दोबारा कब्जा कराने के लिए 10 लाख रुपये लिए। इतना ही नहीं एक अन्य बिचौलिये उमेश पटेल के जरिये उसने कॉल कर 5 लाख रुपये और मांगे। लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर 3,50,000 रुपये दिए। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने गणेश शंकर, उमेश पटेल व नीलेंद्र सिंह के खिलाफ ठगी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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दीवार बनाने गई तो पता चला दूसरे की है जमीन
पीड़िता के मुताबिक, जब रजिस्ट्री पेपर मिल गया तो वे जमीन पर दीवार बनवाने पहुंचीं। इस पर कुछ लोग पहुंचे और कहा कि जमीन तारा सिंह बिष्ट और रामजी सिंह की है। इसके बाद जमीन पर काम रुकवा दिया गया। पीड़िता ने इसके बाद एसडीएम, पुलिस आयुक्त, महिला आयोग व तहसीलदार के कार्यालय में आवेदन किया। जब कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत की। हर जगह से रिपोर्ट मिली कि जमीन बहुजन निर्बल वर्ग सहकारी गृह निर्माण समिति की नहीं है। जमीन दि हिमालयन सहकारी गृह निर्माण समिति की है। रिपोर्ट मिलने के बाद लेखपाल से भी मिली। लेखपाल ने भी यही रिपोर्ट दी। लेखपाल ने यह भी बताया कि जमीन कभी गणेश शंकर के कब्जे में रही ही नहीं है।
अपनी जमीन बताकर दर्ज कराया मुकदमा
पीड़िता का आरोप है कि उसे इस बात की जानकारी मिली कि गणेश शंकर ने अपनी जमीन बताते हुए तारा सिंह बिष्ट, रामजी सिंह और विपिन सिंह के खिलाफ गोमतीनगर विस्तार थाने में जालसाजी व अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कराया। इसकी जानकारी गणेश शंकर ने पीड़िता को नहीं दी। न ही उसने विवादों का जिक्र किया। उसने शपथ पत्र भरते समय भी धोखाधड़ी की। जब जमीन पर कब्जा करने के लिए गणेश शंकर से बात की। लेकिन गणेश शंकर ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने गणेश शंकर, उमेश पटेल व नीलेंद्र सिंह के खिलाफ ठगी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर विस्तार राजेश द्विवेदी के मुताबिक, बलरामपुर के तुलसीपुर बालापुर निवासी रंजना सिंह के पति की मौत हो चुकी है। रंजना के मुताबिक, उन्होंने लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित भरवारा में एक जमीन खरीदने के लिए हुसैनगंज कुम्हार गली निवासी गणेश शंकर से मुलाकात की। गणेश शंकर प्रॉपर्टी के कारोबार के साथ ही खुद को एक पार्टी का नेता भी बताता है। उसने 167.286 वर्गमीटर की जमीन दिखाई जिसके दस्तावेज भी दिखाए। इसके आधार पर रजिस्ट्री 12 अक्तूबर 2020 को रंजना के पक्ष में कर दी।
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गणेश शंकर ने इसके लिए 15 लाख रुपये लिए। इसके बाद बिचौलिये नीलेंद्र सिंह के जरिये 5 लाख रुपये और दोबारा कब्जा कराने के लिए 10 लाख रुपये लिए। इतना ही नहीं एक अन्य बिचौलिये उमेश पटेल के जरिये उसने कॉल कर 5 लाख रुपये और मांगे। लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर 3,50,000 रुपये दिए। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने गणेश शंकर, उमेश पटेल व नीलेंद्र सिंह के खिलाफ ठगी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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दीवार बनाने गई तो पता चला दूसरे की है जमीन
पीड़िता के मुताबिक, जब रजिस्ट्री पेपर मिल गया तो वे जमीन पर दीवार बनवाने पहुंचीं। इस पर कुछ लोग पहुंचे और कहा कि जमीन तारा सिंह बिष्ट और रामजी सिंह की है। इसके बाद जमीन पर काम रुकवा दिया गया। पीड़िता ने इसके बाद एसडीएम, पुलिस आयुक्त, महिला आयोग व तहसीलदार के कार्यालय में आवेदन किया। जब कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत की। हर जगह से रिपोर्ट मिली कि जमीन बहुजन निर्बल वर्ग सहकारी गृह निर्माण समिति की नहीं है। जमीन दि हिमालयन सहकारी गृह निर्माण समिति की है। रिपोर्ट मिलने के बाद लेखपाल से भी मिली। लेखपाल ने भी यही रिपोर्ट दी। लेखपाल ने यह भी बताया कि जमीन कभी गणेश शंकर के कब्जे में रही ही नहीं है।
अपनी जमीन बताकर दर्ज कराया मुकदमा
पीड़िता का आरोप है कि उसे इस बात की जानकारी मिली कि गणेश शंकर ने अपनी जमीन बताते हुए तारा सिंह बिष्ट, रामजी सिंह और विपिन सिंह के खिलाफ गोमतीनगर विस्तार थाने में जालसाजी व अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कराया। इसकी जानकारी गणेश शंकर ने पीड़िता को नहीं दी। न ही उसने विवादों का जिक्र किया। उसने शपथ पत्र भरते समय भी धोखाधड़ी की। जब जमीन पर कब्जा करने के लिए गणेश शंकर से बात की। लेकिन गणेश शंकर ने उसे जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने गणेश शंकर, उमेश पटेल व नीलेंद्र सिंह के खिलाफ ठगी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।