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Lucknow News: सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए मिले 32 करोड़ होंगे वापस
Sat, 01 Apr 2023 12:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 01 Apr 2023 12:56 AM IST
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रायबरेली। लोक निर्माण विभाग की सड़कों को दुरुस्त कराने के लिए मिले 32 करोड़ रुपये वापस करने होंगे। वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में यह धनराशि मिली है, जिसे खर्च करने के लिए विभाग को फुरसत नहीं मिली। इस हीलाहवाली से करीब 20 सड़कें बदहाल हैं। यह बजट सड़कों के नवीनीकरण और विशेष मरम्मत के लिए मिला था। अब इन सड़कों को ठीक कराने के लिए एक साल और इंतजार करना पड़ेगा। सड़कें खस्ताहाल होने से करीब 50 हजार ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ेगी।
लोक निर्माण विभाग के तीन खंड हैं। इन खंडों में करीब 32 करोड़ रुपये डंप हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त हो गया है। लिहाजा बजट शासन को वापस लौटना होगा। लोक निर्माण खंड प्रथम में 12 करोड़, द्वितीय में पांच और प्रांतीय खंड के पास 15 करोड़ रुपये डंप हैं। अभियंताओं का कहना है कि यह बजट वित्तीय वर्ष के आखिरी महीने मिला है। सड़कों का नवीनीकरण एवं विशेष मरम्मत का काम होना है। बजट मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया और अनुबंध करने में ही 15 से 20 दिन का समय लग जाता है। ऐसे में बजट खर्च नहीं हो पाया। यदि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाती तो बजट खर्च कर लिया जाता।
वित्तीय वर्ष बीता, नहीं मिला सिल्ट सफाई का धन
रायबरेली। सिंचाई विभाग में बजट का संकट है। वित्तीय वर्ष समाप्त हो गया है, लेकिन अब तक सिल्ट सफाई का पूरा बजट नहीं मिला है। इससे काम कराने वाले ठेकेदार अभियंताओं के चक्कर लगा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 में नहरों की सफाई में 688 किलोमीटर रजबहा और 1349 किलोमीटर माइनरों की सिल्ट सफाई कराई गई है। इसके लिए आठ करोड़ रुपये की जरुरत थी। इसमें अब तक पांच करोड़ रुपये मिला है। तीन करोड़ रुपया अभी तक नहीं मिला। इससे ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
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लोक निर्माण विभाग के तीन खंड हैं। इन खंडों में करीब 32 करोड़ रुपये डंप हैं। वित्तीय वर्ष समाप्त हो गया है। लिहाजा बजट शासन को वापस लौटना होगा। लोक निर्माण खंड प्रथम में 12 करोड़, द्वितीय में पांच और प्रांतीय खंड के पास 15 करोड़ रुपये डंप हैं। अभियंताओं का कहना है कि यह बजट वित्तीय वर्ष के आखिरी महीने मिला है। सड़कों का नवीनीकरण एवं विशेष मरम्मत का काम होना है। बजट मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया और अनुबंध करने में ही 15 से 20 दिन का समय लग जाता है। ऐसे में बजट खर्च नहीं हो पाया। यदि टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाती तो बजट खर्च कर लिया जाता।
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वित्तीय वर्ष बीता, नहीं मिला सिल्ट सफाई का धन
रायबरेली। सिंचाई विभाग में बजट का संकट है। वित्तीय वर्ष समाप्त हो गया है, लेकिन अब तक सिल्ट सफाई का पूरा बजट नहीं मिला है। इससे काम कराने वाले ठेकेदार अभियंताओं के चक्कर लगा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 में नहरों की सफाई में 688 किलोमीटर रजबहा और 1349 किलोमीटर माइनरों की सिल्ट सफाई कराई गई है। इसके लिए आठ करोड़ रुपये की जरुरत थी। इसमें अब तक पांच करोड़ रुपये मिला है। तीन करोड़ रुपया अभी तक नहीं मिला। इससे ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
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