फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   30 days of the UP Government some decisions of the CM Yogi adityanath

यूपी सरकार के 30 दिन: CM योगी के ऐसे फैसले, लागू हुए पर अधूरे

Wed, 19 Apr 2017 06:36 PM IST
अखिलेश वाजपेयी/सचिन मुदगल, लखनऊ
अखिलेश वाजपेयी/सचिन मुदगल, लखनऊ Updated Wed, 19 Apr 2017 06:36 PM IST
विज्ञापन
30 days of the UP Government some decisions of the CM Yogi adityanath
सीएम योगी आदित्यनाथ
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महीने में ही एक के बाद एक कई ताबड़तोड़ फैसले क‌िए, इनमें कुछ ऐसे रहे, जिनपर सवाल भी उठे।
विज्ञापन


भाजपा ने चुनाव के दौरान अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र अर्थात घोषणा पत्र में लघु एवं सीमांत किसानों के फसली ऋण की कर्जमाफी की बात की थी। यह नहीं कहा था कि सिर्फ एक लाख तक कर्ज माफ करेंगे। जाहिर है कि यह वादा पूरा तो किया गया लेकिन आधा अधूरा। 

इसी तरह बूचड़खानों पर एक महीने बाद भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। योगी के सत्ता संभालने के बाद बूचड़खानों पर जिस तरह कार्रवाई शुरू हुई।  बाजारों में खुले में पशुओं के कटने और मांस के बिकने पर प्रतिबंध का असर दिखा तो लगा कि बदलाव हो रहा है। पर, कुछ दिनों बाद सब कुछ पुराने ढर्रे पर लौटता जा रहा है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कह रहे हैं कि यांत्रिक कत्लखानों पर रोक के लिए कानून बनाया जाएगा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों पर अमल की बात कह रहे हैं और सरकार के प्रवक्ता यह स्पष्ट करते घूम रहे हैं कि सिर्फ अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई होगी। सरकार के इस असमंजस ने सूबे में फिर सब कुछ पहले जैसा ही कर दिया है। बाजारों में खुले में पशुओं का कटना शुरू हो गया है और नियमों को ताक पर रखकर गोश्त की बिक्री भी शुरू हो गई है।
विज्ञापन

कई पर अमल, कुछ पर नजर

30 days of the UP Government some decisions of the CM Yogi adityanath
सीएम योगी आदित्यनाथ
किसानों की कर्जमाफी ही नहीं बल्कि बकाया बिजली के भुगतान के लिए सरचार्ज माफी का एलान और दस हजार रुपये से ज्यादा के बकाएदार किसानों को किस्तों में भुगतान की सुविधा, बिजली के मुद्दे पर पॉवर ऑफ ऑल के सिलसिले में केंद्र सरकार से समझौता वादों पर अमल का इरादा जता रहा है।

रिवर फ्रंट घोटाले की न्यायिक जांच व चीनी मिलों की बिक्री की उच्चस्तरीय जांच तथा एलडीए और आवास विकास परिषदों की सीएजी जांच कराने का ऐलान कर सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोर रुख का संदेश दिया है। साथ ही खनन के अवैध व्यापार को रोकने के लिए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर यह साफ किया है कि उसे प्रधानमंत्री की चुनाव के दौरान कही गई यह बात याद है कि यूपी में शुकराना, नजराना, हकराना और जबराना की व्यवस्था बदलनी है।

यही नहीं,  प्रदेश सरकार ने अगले वर्ष अक्टूबर से गांवों तक 24 घंटे बिजली के सिलसिले में नींव रखकर भी वादे पूरे करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। हालांकि  बिजली आपूर्ति को लेकर जिलों को 24 घंटा, तहसीलों को 20 और गांवों को 18 घंटे बिजली देने का ऐलान पुराना फैसला ही है। फिर भी कुछ फैसले सरकार को सवालों में खड़ा कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने चुनाव के दौरान सूबे के थानों को समाजवादी पार्टी के लोगों का अड्डा बताया था। योगी सरकार ने भी सत्ता की कमान संभालते हुए इनकी छवि को बदलने का इरादा जताया था पर, इस मुद्दे पर भी अभी तक कुछ जमीन पर नहीं दिखाई दिया है। उम्मीद तो थी कि नई सरकार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह राह पर आ जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed