यूपी में एक साथ कई फिल्में हुईं टैक्स फ्री, पढ़िए और भी बड़े फैसले
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मंत्रिपरिषद ने हिन्दी फिल्म ‘इश्क के परिन्दे’ को मनोरंजन कर से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह छूट ‘उत्तर प्रदेश आमोद एवं पणकर अधिनियम, 1979’ की धारा-11(1) के अन्तर्गत लोकहित तथा शासनादेशों में निहित व्यवस्थानुसार दी गई है।
मालूम हो कि इस फिल्म की शुटिंग लखनऊ में की गई है। फिल्म की कहानी भी लखनऊ की ही दिखाई जाती है। एक और फिल्म मिस टनकपुर हाजिर हों को भी टैक्स फ्री कर दिया गया है।
इस फिल्म के निर्माता ने अवगत कराया है कि इस फिल्म की शत-प्रतिशत शूटिंग उत्तर प्रदेश में ही की गई है तथा फिल्म में 90 प्रतिशत कलाकार उत्तर प्रदेश के हैं। समाज में व्याप्त अंधविश्वास, बेमेल विवाह और भ्रष्टाचार को प्रदर्शित करते हुए फिल्म में ऐसी सामाजिक बुराइयों पर कटाक्ष किया गया है।
हाल ही में रिलीज हुई फिल्म बजरंगी भाईजान को भी यूपी सरकार टैक्स फ्री कर सकती है। फिल्म बजरंगी भाईजान के निर्देशक कबीर खान ने सीएम अखिलेश यादव से इस फिल्म को टैक्स फ्री करने का आग्रह किया था। सीएम ने उन्हें इस पर विचार करने का भरोसा दिया है।
दुरुस्त होंगी राज्य की सभी सड़कें
कैबिनेट के कई बड़े फैसलों में यूपी की सड़कों को दुरुस्त करने का भी एक फैसला हुआ। प्रदेश की सड़कों को दुरुस्त करने तथा हाईवे पेट्रोलिंग के लिए राज्य सरकार विश्व बैंक से 2450 करोड़ रुपये ऋण लेगी। विश्व बैंक से ऋण लेने के प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई।
यह कार्य उत्तर प्रदेश कोर रोड नेटवर्क डवलपमेंट परियोजना के तहत विश्व बैंक के सहयोग से कराया जाएगा। परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए लोकनिर्माण मंत्री को अधिकृत किया गया है। इस योजना के तहत कुल 3500 करोड़ रुपये के काम होंगे।
इस परियोजना के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने विश्व बैंक से 40 करोड़ यूएस डॉलर ऋण लेने के लिए पहले ही अपनी सहमति दे दी है। परियोजना की लागत का 30 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार को वहन करना होगा। कुल लागत 57 करोड़ यूएस डॉलर होगी।
भारतीय करेंसी में यह राशि 3500 करोड़ रुपये होगी। इसमें से 2450 करोड़ रुपये ऋण लिया जाएगा जबकि 1050 करोड़ रुपये राज्य सरकार अपने संसाधनों से वहन करेगी। राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, इस परियोजना में 3200 करोड़ रुपये सिविल कार्यों पर खर्च होंगे। 300 करोड़ रुपये से हाईवे पर पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जाएगी।
प्लास्टिक सिटी में निवेशकों को मिलेंगी ज्यादा सुविधाएं
सरकार ने औरैया जिले के दिबियपुर में विकसित की जा रही प्लास्टिक सिटी में निवेशकों को पहले से ज्यादा सुविधाएं व रियायतें देने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
फैसले के अनुसार प्लास्टिक सिटी परियोजना का विकास स्पेशल परपज व्हिकल (एसपीवी) के आधार पर पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा। प्लास्टिक सिटी में जो यूनिटें लग चुकी हैं, उसे किसी को हस्तांतरित करने पर हस्तांतरण शुल्क नहीं लगेगा।
इसके अलावा रिक्त श्रेणी के भूखंडों के हस्तांतरण पर यूपीएसआईडीसी की उस समय लागू नीति के अनुसार हस्तांतरण शुल्क देना होगा।
सरकार प्लास्टिक सिटी में अवस्थापना सुविधाओं के अंतर्गत बिजली, सड़क, नाली व पुलिया के विकास के साथ-साथ सहायक अवस्थापना सुविधाओं के लिए भी जमीन का बंदोबस्त करेगी। साथ ही एक हॉस्टल की भी व्यवस्था होगी।