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30 जिलों के 285 अस्पतालों को एमएसएमई इकाइयों से सीधे मिलने लगी ऑक्सीजन
Tue, 20 Apr 2021 11:07 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 20 Apr 2021 11:07 PM IST
सार
कोविड संक्रमित मरीजों के लिए प्रदेश में ऑक्सीजन की अब कोई कमी नहीं होगी।
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ऑक्सीजन सिलिंडर
- फोटो : pixabay
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विस्तार
कोविड संक्रमित मरीजों के लिए प्रदेश में ऑक्सीजन की अब कोई कमी नहीं होगी। औद्योगिक इकाइयों में उत्पादित ऑक्सीजन का इस्तेमाल केवल मेडिकल जरूरतों में करने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश का असर दिखने लगा है। सरकार का दावा है कि 30 जिलों में स्थापित 90 एमएसएमई इकाइयों को उनके निकटवर्ती 285 अस्पतालों से सीधे जोड़ दिया गया है, जिससे अब इन अस्पतालों में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।
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लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने मंगलवार को प्रदेश में एमएसएमई इकाइयों में ऑक्सीजन उत्पादन और सप्लाई चेन व्यवस्था की समीक्षा की। वर्चुअल माध्यम से हुई इस बैठक में अनेक विभागीय अधिकारी और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि औद्योगिक इकाइयों की अनिवार्य जरूरतों को छोड़ शेष उत्पादित ऑक्सीजन केवल मेडिकल जरूरतों के लिए ही इस्तेमाल होगा।
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इस व्यवस्था को शीर्ष प्राथमिकता के साथ लागू किया जाए। अपर मुख्य सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल ने बताया कि ताजा स्थिति के अनुसार आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ, अयोध्या, बाराबंकी, आंबेडकर नगर, अमेठी, बरेली, बहराइच, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, औरैया, लखनऊ, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, शामली, वाराणसी, चंदौली, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलन्दशहर, बिजनौर, मेरठ, मुरादाबाद, मीरजापुर, कानपुर देहात, संतकबीरनगर और मऊ सहित कुल 30 जिलों में 90 एमएसएमई इकाइयों को ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए इनके निकटवर्ती 285 अस्पतालों से सीधे जोड़ दिया गया है।
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इन इकाइयों में उत्पादक भी हैं और रीफिलर भी हैं। इनसे करीब 912.335 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। इस व्यवस्था से आगरा, जीबी नगर और गाजियाबाद जैसे कोविड से अति प्रभावित जिलों के अस्पतालों को सर्वाधिक फायदा हो रहा है।
सिद्धार्थ नाथ ने निर्देश दिए कि प्रदेश कि ऐसी सभी लघु, मध्यम दर्जे की औद्योगिक इकाइयों को इसी व्यवस्था से जोड़ा जाए। डिमांड और सप्लाई में पारदर्शिता रखी जाए। उन्होंने हर दिन इस दिशा में प्रगति के निर्देश देते हुए इसकी दैनिक समीक्षा के लिए भी कहा है।
सिलिंडरों की नहीं है कमी
बैठक में सिद्धार्थ नाथ ने ऑक्सीजन रीफिलिंग के लिए सिलिंडरों की उपलब्धता की जानकारी भी ली। साथ ही निर्देश दिए कि आवश्यकतानुसार अतिरिक्त सिलिंडर भी मंगाए जाएं। एसीएस एमएसएमई नवनीत सहगल ने बताया कि ऑक्सीजन रीफिलिंग के उद्देश्य से सिलिंडरों का अभाव नहीं होगा। अलग-अलग स्रोतों से सिलिंडर एकत्रित किये जा रहे हैं। कहा कि ऑक्सीजन की उपलब्धता को बढ़ाने की दिशा में विशेष प्रयास की आवश्यकता है। इस क्षेत्र में नई इकाइयों की स्थापना को सरकार सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराएगी।