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Lucknow News: गृह मंत्रालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 24.15 लाख रुपये हड़पे
Mon, 09 Feb 2026 02:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 09 Feb 2026 02:24 AM IST
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लखनऊ। पीजीआई के तेलीबाग निवासी सुधा सिंह ने दंपती और उनके परिवार पर गृह मंत्रालय में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लोगों से 24.15 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। यही नहीं, आरोपियों ने फ्लैट दिलाने के बदले नौ तोले का सोने का हार भी हड़प लिया। पीजीआई पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
सधा के अनुसार, 2023 में उनकी पड़ोसन गीतांजलि ने बताया था कि उसका पति जितेंद्र सिंह दिल्ली में गृह मंत्रालय में उच्च अधिकारी है और वे सौंदर्य प्रतियोगिताएं भी कराता है। गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग में कुछ भर्तियां निकली थीं। इस पर सुधा ने जितेंद्र से अपने छोटे भाई नरेंद्र सिंह, मौसेरे भाई वीरेंद्र सिंह और परिचित संजय खड़का, वर्षा राना व रजनीश राना की नौकरी लगवाने की बात कही। बात 24.15 लाख रुपये में तय हुई थी।
आरोप है कि रुपये देने के बावजूद किसी की नौकरी नहीं लगी। दबाव बनाने पर जितेंद्र ने अप्रैल 2025 को सभी को साक्षात्कार के लिए दिल्ली बुलाया, लेकिन बिना साक्षात्कार के ही दिल्ली के शास्त्री भवन में सभी को नियुक्ति पत्र दे दिए गए। सुधा के अनुसार, 2025 में उन्हें पैरालिसिस हो गया। इस दौरान जितेंद्र ने सीएमओ से दिव्यांग प्रमाणपत्र और पीएम आवास योजना के तहत फ्लैट दिलवाने के नाम पर उनका नौ तोले का हार भी हड़प लिया। काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो नौकरी मिली, न प्रमाणपत्र बना और न ही फ्लैट मिला। उन्होंने इसकी शिकायत गीतांजलि की मां और पिता से की तो उन्होंने धमकी दी। इसके बाद गीतांजलि पति के साथ हरियाणा के गुड़गांव स्थित दूसरे घर भाग गई। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। विवेचना में जो भी साक्ष्य मिलेंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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सधा के अनुसार, 2023 में उनकी पड़ोसन गीतांजलि ने बताया था कि उसका पति जितेंद्र सिंह दिल्ली में गृह मंत्रालय में उच्च अधिकारी है और वे सौंदर्य प्रतियोगिताएं भी कराता है। गृह मंत्रालय और चुनाव आयोग में कुछ भर्तियां निकली थीं। इस पर सुधा ने जितेंद्र से अपने छोटे भाई नरेंद्र सिंह, मौसेरे भाई वीरेंद्र सिंह और परिचित संजय खड़का, वर्षा राना व रजनीश राना की नौकरी लगवाने की बात कही। बात 24.15 लाख रुपये में तय हुई थी।
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आरोप है कि रुपये देने के बावजूद किसी की नौकरी नहीं लगी। दबाव बनाने पर जितेंद्र ने अप्रैल 2025 को सभी को साक्षात्कार के लिए दिल्ली बुलाया, लेकिन बिना साक्षात्कार के ही दिल्ली के शास्त्री भवन में सभी को नियुक्ति पत्र दे दिए गए। सुधा के अनुसार, 2025 में उन्हें पैरालिसिस हो गया। इस दौरान जितेंद्र ने सीएमओ से दिव्यांग प्रमाणपत्र और पीएम आवास योजना के तहत फ्लैट दिलवाने के नाम पर उनका नौ तोले का हार भी हड़प लिया। काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो नौकरी मिली, न प्रमाणपत्र बना और न ही फ्लैट मिला। उन्होंने इसकी शिकायत गीतांजलि की मां और पिता से की तो उन्होंने धमकी दी। इसके बाद गीतांजलि पति के साथ हरियाणा के गुड़गांव स्थित दूसरे घर भाग गई। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। विवेचना में जो भी साक्ष्य मिलेंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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