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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: पुलिस ने पेश की चार्जशीट, चंपत राय, अनिल मिश्र, गोपाल राव आरोपी नहीं; बनाए गए गवाह

Wed, 23 Sep 2026 08:43 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 23 Sep 2026 08:43 PM IST
सार

Ram Temple offering theft:राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर पुलिस ने चार्जशीट पेश की है। इस रिपोर्ट के अनुसार चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा इसके दोषी नहीं हैं। 

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Ram Temple offering theft: Police files chargesheet; Champat Rai, Anil Mishra not accused; witnesses named
राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर पुलिस ने लगाई चार्जशीट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस ने बुधवार को विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट की अदालत में 36,039 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी। चार्जशीट में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र व निर्माण प्रभारी गोपाल राव पर कोई आपराधिक संस्तुति नहीं की गई है, बल्कि उन्हें गवाह बनाया गया है। इससे पहले आरोपपत्र कई बक्सों और गत्तों में भरकर अदालत पहुंचाया गया। आरोपपत्र में 133 गवाहों का उल्लेख है। इसके साथ 59 पृष्ठ का आरोपपत्र और 101 केस डायरी के परचे भी शामिल हैं।

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पुलिस की ओर से आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद अदालत ने दस्तावेजों का मिलान और परीक्षण शुरू किया। आरोपपत्र दाखिल किए जाने की सूचना पर कचहरी परिसर में हलचल बढ़ गई। अधिवक्ताओं के एक वर्ग ने पुलिस की विवेचना और आरोपपत्र में कुछ लोगों को आरोपी नहीं बनाए जाने पर आपत्ति जताई। विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट के बाहर अधिवक्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। स्थिति को देखते हुए पहले से ही कचहरी परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। दो ट्रक पीएसी बल भी तैनात किया गया था। आरोपपत्र दाखिल करने के दौरान विवेचक आशुतोष तिवारी के साथ एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी, सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी, कोतवाल मनोज शर्मा और थाना राम जन्मभूमि प्रभारी सुमित श्रीवास्तव मौजूद रहे।

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चार बक्सों और दो गत्तों में पहुंची चार्जशीट

राम मंदिर चढ़ावा धनराशि प्रकरण की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने बुधवार को अदालत में जो आरोपपत्र दाखिल किया, उसका आकार भी चर्चा का विषय बना रहा। 36,039 पन्नों की चार्जशीट को चार बक्सों और दो गत्तों में भरकर अदालत लाया गया। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद अदालत में दस्तावेजों का मिलान और परीक्षण शुरू हुआ।

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सात अक्तूबर को होगी रिमांड पर सुनवाई

 राम मंदिर चढ़ावा धनराशि प्रकरण में अदालत ने अधिवक्ता संघ की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र का निस्तारण कर दिया। अदालत के अनुसार विवेचना में शामिल किए जाने के लिए अधिवक्ताओं की ओर से दिए गए शपथपत्रों के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं पाया गया। इसके आधार पर अधिवक्ता संघ के प्रार्थना पत्र को निस्तारित कर दिया गया। प्रकरण में रिमांड की अगली तिथि सात अक्तूबर निर्धारित की गई है।

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चढ़ावा चोरी घटनाक्रम

  • चार जून : गणना कक्ष में नकदी छिपाने का मामला सामने आया
  • 10 जून : जांच की मांग और रिपोर्ट तलब
  • 13 जून : पहली एसआईटी गठित
  • 15 जून- एसआईटी ने चंपत राय और गोपाल राय समेत कर्मचारियों से पूछताछ की।
  • 16 जून- फिर पूछताछ हुई और ट्रस्ट के करीब 11 महीने के दस्तावेज खंगाले गए।
  • 17 जून- बैंक अधिकारियों और नोट गिनने वाली एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ हुई।
  • 18 जून- डॉ. अनिल मिश्र समेत अन्य लोगों से पूछताछ हुई।
  • 19 जून- चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राय से अलग-अलग सवाल-जवाब किए गए। एसबीआई अधिकारियों से भी पूछताछ हुई।
  • 23 जून : पहली एसआईटी की प्राथमिक रिपोर्ट-एसआईटी ने गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को करीब 20 पन्नों की प्राथमिक रिपोर्ट सौंपी। इसी दौरान जांच में 27 अप्रैल से पांच जून के बीच 42 दिनों में करीब 70 संदिग्ध चोरी की घटनाओं के सीसीटीवी साक्ष्य मिलने की जानकारी सामने आई।
  • 25 जून : आठ लोगों पर एफआईआर- रामजन्मभूमि थाने में आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई। नामजद लोगों में रामशंकर यादव टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव शामिल थे।
  • 26 जून : एफआईआर के बाद सभी आठ नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।

छोटी मछलियों को फंसाया गया : सांसद

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अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद। - फोटो : amar ujala

सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, चढ़ावा चोरी में मुख्य दोषियों को बचाने के लिए छोटी मछलियों को फंसाया गया है। कहा कि पहले राम मंदिर का चढ़ावा चोरी हुआ और अब लोगों के घरों में रखा सामान उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भगवान राम को भी नहीं छोड़ा, वे जनता को क्या छोड़ेंगे। अवधेश प्रसाद ने कहा कि अयोध्या से ही भाजपा की सरकार बनी थी और अब जनता के साथ हो रहे अन्याय का जवाब भी अयोध्या की जनता देगी। उन्होंने कहा कि अयोध्या से सरकार आई थी और अब अयोध्या से ही सरकार जाएगी।

लॉकर से बरामद 81.19 लाख रुपये का आरोपपत्र में उल्लेख नहीं

अधिवक्ता संघ का आरोप है कि चोरी की धनराशि जिन लोगों के पास से बरामद हुई, उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। संघ के अनुसार ट्रस्ट के कृष्ण मोहन के लॉकर से बरामद 81.19 लाख रुपये का भी आरोपपत्र में उल्लेख नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने विवेचक की ओर से प्रस्तुत आरोपपत्र वापस करने, संघ के प्रार्थनापत्र के आधार पर जांच का आदेश देने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र, गोपाल राव व कृष्ण मोहन को तलब करने की मांग की।

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