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Lucknow News: 22 हजार टीबी रोगियों को 16 माह से नहीं मिली पोषण राशि
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। राजधानी में टीबी के मरीज डेढ़ साल से पोषण राशि का इंतजार कर रहे हैं। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मरीजों को दी जाने वाली पोषण सहायता राशि अधर में लटकी है। सरकारी सिस्टम और पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण अकेले लखनऊ जिले के हजारों मरीज आर्थिक मदद के लिए तरस रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 22 हजार टीबी रोगियों का पंजीकरण किया गया है। नियमतः इलाज के दौरान हर मरीज को सरकार 1,000 रुपये प्रति माह पोषण भत्ता देती है, लेकिन 16 महीनों से सभी मरीजों का भुगतान रुका हुआ है। डाट्स केंद्र पर जाने वाले मरीजों को इंतजार करने का आश्वासन मिल रहा है। टीबी का इलाज आमतौर पर छह से नौ महीने तक चलता है, जिसमें दवाओं के साथ पौष्टिक भोजन अनिवार्य है।
एनएचएम की एमडी डॉ. पिंकी ने करीब चार माह पहले अफसरों को पोर्टल की समस्या का समाधान करके भुगतान करने के निर्देश दिए थे। मगर कई माह बीतने के बाद भी पोषण राशि अभी तक मरीजाें के खाते में नहीं पहुंची है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि पोषण राशि के भुगतान का मामला अभी तक फंसा हुआ है। इस मामले में उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर भुगतान की प्रक्रिया जल्द करवाई जाएगी।
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केस-1 : एक बार ही मिला पोषण भत्ता
ठाकुरगंज निवासी छात्र टीबी से पीड़ित है और ठाकुरगंज टीबी अस्पताल के डॉट्स केंद्र से इलाज चल रहा है। छात्र को एक हजार रुपये की एक ही किस्त मिली थी, जिसके बाद से उनके खाते में कोई राशि नहीं आई।
केस-2 : कर्ज लेकर जुटा रहे पौष्टिक आहार
ठाकुरगंज टीबी अस्पताल के डॉट्स केंद्र पर ही पंजीकृत एक अन्य युवक का छह माह पहले रजिस्ट्रेशन हुआ था, लेकिन उसके खाते में अभी तक एक रुपया भी नहीं पहुंचा है। ऐसे में वह खुद ही कर्ज लेकर या जैसे-तैसे धन जुटाकर पौष्टिक आहार का इंतजाम कर रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 22 हजार टीबी रोगियों का पंजीकरण किया गया है। नियमतः इलाज के दौरान हर मरीज को सरकार 1,000 रुपये प्रति माह पोषण भत्ता देती है, लेकिन 16 महीनों से सभी मरीजों का भुगतान रुका हुआ है। डाट्स केंद्र पर जाने वाले मरीजों को इंतजार करने का आश्वासन मिल रहा है। टीबी का इलाज आमतौर पर छह से नौ महीने तक चलता है, जिसमें दवाओं के साथ पौष्टिक भोजन अनिवार्य है।
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एनएचएम की एमडी डॉ. पिंकी ने करीब चार माह पहले अफसरों को पोर्टल की समस्या का समाधान करके भुगतान करने के निर्देश दिए थे। मगर कई माह बीतने के बाद भी पोषण राशि अभी तक मरीजाें के खाते में नहीं पहुंची है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि पोषण राशि के भुगतान का मामला अभी तक फंसा हुआ है। इस मामले में उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर भुगतान की प्रक्रिया जल्द करवाई जाएगी।
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केस-1 : एक बार ही मिला पोषण भत्ता
ठाकुरगंज निवासी छात्र टीबी से पीड़ित है और ठाकुरगंज टीबी अस्पताल के डॉट्स केंद्र से इलाज चल रहा है। छात्र को एक हजार रुपये की एक ही किस्त मिली थी, जिसके बाद से उनके खाते में कोई राशि नहीं आई।
केस-2 : कर्ज लेकर जुटा रहे पौष्टिक आहार
ठाकुरगंज टीबी अस्पताल के डॉट्स केंद्र पर ही पंजीकृत एक अन्य युवक का छह माह पहले रजिस्ट्रेशन हुआ था, लेकिन उसके खाते में अभी तक एक रुपया भी नहीं पहुंचा है। ऐसे में वह खुद ही कर्ज लेकर या जैसे-तैसे धन जुटाकर पौष्टिक आहार का इंतजाम कर रहे हैं।