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‘बिके हुए हैं हाशिम, हम करेंगे उनका बायकॉट’

Sat, 06 Dec 2014 02:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 06 Dec 2014 02:31 PM IST
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22 years of babri demolition.

22 साल में बहुत कुछ बदल गया। बाबरी मस्जिद मुद्दे में मुख्य पक्षकार मो. हाशिम अंसारी के सुर भी। पूरा देश हो या अयोध्यावासी ज्यादातर लोग अब शांति चाहते हैं।

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मगर अभी भी कुछ लोग हैं जिनके इस संवेदनशील मुद्दे पर सियासी बयान जारी है। एक नजर डालते हैं क्या कहना है इस बड़े मुद्दे से जुड़े कुछ प्रमुख लोगों का।

बाबरी मस्जिद के पक्षकार मो. हाशिम अंसारी का कहना है कि इंतजार करते-करते ऊब गया। पुलिस की लाठी खाई। अभी घर में गिर गया। बिस्तर पर पड़ा हूं। चाहता हूं कि इस मुद्दे पर जो भी फैसला हो जल्द हो जाए।
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न्यायालय को जो फैसला करना हो कर दे। तारीख पर तारीख, तब तक तो हाशिम मर जाएगा। मैं चाहता हूं कि फैसला मेरी जिंदगी में ही आ जाए।

हिंदुओं को भी सर्वोच्च न्यायालय से जल्दी सुनवाई कर फैसला देने की अपील करनी चाहिए। महंत ज्ञानदास के साथ मोदी से भी मिलूंगा, जिससे जल्दी फैसला हो जाए।

वहीं रामलला विराजमान के पक्षकार महंत धर्मदास का कहना है, उम्मीद है कोई सर्वमान्य रास्ता निकलेगा हाशिम भाई की बात सकारात्मक है। अब फैसला हो जाना चाहिए। पर, न्यायालय अगर किसी के पक्ष में फैसला दे भी देगा तो दूसरा पक्ष आसानी से उसे मान लेगा, इसकी उम्मीद कम ही दिखती है।
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इसलिए समझौते की राह पर ही बढ़ना होगा। मुसलमान इस देश के दुश्मन नहीं हैं। मोदी सरकार से पूरी उम्मीद है कि कोई सर्वमान्य रास्ता निकलेगा। हम किसी जल्दबाजी में नहीं हैं।

समझौता ही रास्ता: महंत भास्कर

22 years of babri demolition.

निर्मोही अखाड़ा के पक्षकार महंत भास्कर दास का कहना है, हाशिम का बयान सराहनीय है। वह भले आदमी हैं लेकिन दूसरे लोग उन पर दबाव डालकर बयान बदलने पर मजबूर करने की कोशिश करेंगे।

जहां तक मोदी व भाजपा सरकार का सवाल है तो सिर्फ प्रधानमंत्री के फैसले भर से या न्यायालय के आदेश से समस्या का समाधान निकल पाना काफी मुश्किल लग रहा है। रास्ता सिर्फ बातचीत व समझौता है।

निर्मोही अखाड़े की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय पैरोकार रामदासजी महाराज का कहना है, भाजपा से तो कोई उम्मीद नहीं, पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरी उम्मीद है।

मुझे पूरा भरोसा है कि 2017 के आसपास इसका समाधान निकल आएगा। सभी को विश्वास है कि राम जन्मभूमि मंदिर बनने के बाद अयोध्या अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों के मानचित्र में जगह बना लेगा। मुसलमान हों या हिंदू सभी को इसका फायदा मिलेगा।

बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब का कहना है, हम बाबरी मस्जिद बरसी पर काला दिन मनाएंगे। इसमें जफरयाब जिलानी, मुश्ताक समेत कई दिग्गज शामिल होंगे। हाशिम अंसारी बिके हुए हैं, उनके घर होने वाले कार्यक्रम में कोई मुसलमान नहीं जाएगा। हम उनका बॉयकाट करेंगे।

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