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बलरामपुर में 21 करोड़ से बनवाए जाएंगे बांध
Updated Sun, 13 May 2018 12:32 AM IST
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बलरामपुर। जिले के बाढ़ प्रभावित 120 गांवों को बचाने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इन बाढ़ प्रभावित गांवों के चारों तरफ बांधों का निर्माण कराया जाएगा। मनरेगा से बांधों के निर्माण पर करीब 21 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ग्राम पंचायतें मनरेगा के माध्यम से इन बांधों का निर्माण कराएंगी। बरसात से पहले बांधों का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा। बाढ़ के बहाव को रोकने के लिए चेकडैम भी बनवाया जाएगा। बांधों का निर्माण होने से बाढ़ प्रभावित गांवों में राप्ती नदी व पहाड़ी नालों का पानी नहीं जा सकेगा। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त और जर्जर बांधों की बरसात शुरू होने से पहले मरम्मत भी कराई जाएगी।
जिले में हर साल बाढ़ की विभीषिका का कहर तीनों तहसीलों के 120 गांवों पर टूटता है। हर साल इन गांवों में बाढ़ की तबाही से करोड़ों रुपये की संपत्ति तबाह हो जाती है। बाढ़ के चलते धन हानि के साथ-साथ लोगों को जनहानि का भी सामना करना पड़ता है। संसाधनों की कमी के चलते बाढ़ प्रभावितों तक सहायता भी पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सदर, उतरौला और तुलसीपुर तहसील के 120 गांव राप्ती नदी व पहाड़ी नालों की बाढ़ से हर साल प्रभावित होते हैं।
मनरेगा से होगा निर्माण
बांधों का निर्माण कराने के लिए मनरेगा से धनराशि का उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक गांव के चारों तरफ बांध निर्माण पर 15 से 20 लाख रुपये मनरेगा से खर्च किए जाएंगे। बरसात शुरू होने से पहले ग्राम पंचायतों के माध्यम से बांधों का निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों में तैनात सचिवों को तत्काल मनरेगा से बांध का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया है।
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नावों की भी होगी खरीदारी
बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों में नावों की भी खरीदारी की जाएगी। डीपीआरओ एसपी सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर सभी ग्राम पंचायतों को नावों का इंतजाम कराने का निर्देश दिया गया है। ग्राम पंचायत सचिव बस्ती व अन्य जनपदों से नाव की खरीदारी कराने में जुट गए हैं। बरसात शुरू होने से पहले बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में दो-दो नावों की व्यवस्थाएं कराई जाएगी।
पानी का बहाव रोकने को बनेंगे चैकडैम
बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी के बहाव को कम करने के लिए चेकडैम का निर्माण कराया जाएगा। डीएम ने बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों के सभी ग्राम पंचायत सचिवों को मनरेगा से चेकडैम का निर्माण कराने का निर्देश दिया है। चेकडैम के निर्माण कार्य भी बरसात शुरू होने से पहले पूरे कराए जाएंगे।
कार्यों में हीलाहवाली पर होगी कार्रवाई
जिले के बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में मनरेगा से बांधों का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत बांधों के निर्माण पर मनरेगा से 15 से 20 लाख रुपये खर्च करेंगी। डीपीआरओ को बाढ़ प्रभावित गांवों में दो-दो नावों की व्यवस्था कराने तथा तेज बहाव वाले स्थलों पर चेकडैम का निर्माण कराने का भी निर्देश दिया गया है। बरसात शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरे कराए जाएंगे। कार्य करने में हीलाहवाली बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- कृष्णा करुणेश, जिलाधिकारी
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जिले में हर साल बाढ़ की विभीषिका का कहर तीनों तहसीलों के 120 गांवों पर टूटता है। हर साल इन गांवों में बाढ़ की तबाही से करोड़ों रुपये की संपत्ति तबाह हो जाती है। बाढ़ के चलते धन हानि के साथ-साथ लोगों को जनहानि का भी सामना करना पड़ता है। संसाधनों की कमी के चलते बाढ़ प्रभावितों तक सहायता भी पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सदर, उतरौला और तुलसीपुर तहसील के 120 गांव राप्ती नदी व पहाड़ी नालों की बाढ़ से हर साल प्रभावित होते हैं।
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मनरेगा से होगा निर्माण
बांधों का निर्माण कराने के लिए मनरेगा से धनराशि का उपयोग किया जाएगा। प्रत्येक गांव के चारों तरफ बांध निर्माण पर 15 से 20 लाख रुपये मनरेगा से खर्च किए जाएंगे। बरसात शुरू होने से पहले ग्राम पंचायतों के माध्यम से बांधों का निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों में तैनात सचिवों को तत्काल मनरेगा से बांध का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया है।
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नावों की भी होगी खरीदारी
बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों में नावों की भी खरीदारी की जाएगी। डीपीआरओ एसपी सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर सभी ग्राम पंचायतों को नावों का इंतजाम कराने का निर्देश दिया गया है। ग्राम पंचायत सचिव बस्ती व अन्य जनपदों से नाव की खरीदारी कराने में जुट गए हैं। बरसात शुरू होने से पहले बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में दो-दो नावों की व्यवस्थाएं कराई जाएगी।
पानी का बहाव रोकने को बनेंगे चैकडैम
बाढ़ प्रभावित गांवों में पानी के बहाव को कम करने के लिए चेकडैम का निर्माण कराया जाएगा। डीएम ने बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों के सभी ग्राम पंचायत सचिवों को मनरेगा से चेकडैम का निर्माण कराने का निर्देश दिया है। चेकडैम के निर्माण कार्य भी बरसात शुरू होने से पहले पूरे कराए जाएंगे।
कार्यों में हीलाहवाली पर होगी कार्रवाई
जिले के बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में मनरेगा से बांधों का निर्माण कराने का निर्देश दिया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत बांधों के निर्माण पर मनरेगा से 15 से 20 लाख रुपये खर्च करेंगी। डीपीआरओ को बाढ़ प्रभावित गांवों में दो-दो नावों की व्यवस्था कराने तथा तेज बहाव वाले स्थलों पर चेकडैम का निर्माण कराने का भी निर्देश दिया गया है। बरसात शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरे कराए जाएंगे। कार्य करने में हीलाहवाली बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
- कृष्णा करुणेश, जिलाधिकारी