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संजय सेतु पर दो दिन बाद सामान्य हुआ आवागमन
Updated Thu, 05 Apr 2018 11:49 PM IST
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जरवलरोड (बहराइच)। घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु के क्षतिग्रस्त होने का कारण बालू लदा लोडेड ट्रक बताया जा रहा है। अभियंताओं का कहना है कि ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने से झटका लगा होगा। इससे बेयरिंग टूटकर नदी में गिर गई होगी और पुल का एक सिरा धंस गया।
एक्सईएन ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी है। पुल के मरम्मत कार्य का गुरुवार दोपहर बाद पीएनसी एजेंसी के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। मरम्मतीकरण पूरी तरह दुरुस्त पाया गया। दो दिन बाद गुरुवार को देर शाम आवागमन बहाल कर दिया गया है।
बहराइच-लखनऊ मार्ग पर घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु के पिलर नंबर पांच का स्लैब मंगलवार को धसक गया था। इससे मार्ग पर आवागमन व्यवस्था चरमरा गई थी। जैक, जेसीबी व क्रेन की सहायता से पुल को पुन: पुरानी स्थिति में लाया गया। फिर गाजियाबाद से बेयरिंग मंगाकर पिलर नंबर पांच पर लगाई गई।
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पुल के गैप को विशेष मसाले से भरा गया। बुधवार को पीएनसी के सिक्योरिटी ऑफिसर सुबेदार सिंह ने मसाला पकड़ने में तीन दिन का समय बताया था। लेकिन गुरुवार दोपहर में उन्होंने टीम के साथ पुन: मुआयना किया तो मसाला पूरी तरह पुल के गैप को पकड़ चुका था। इस पर उन्होंने उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद आवागमन बहाल करने की हरी झंडी दे दी है।
लोडेड ट्रक के ब्रेक के झटके से आई होगी समस्या
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राजीव कुमार ने बताया कि घटना के दिन ही बाराबंकी व राष्ट्रीय राजमार्ग के अभियंताओं की टीम के साथ मुआयना किया गया था। पिलर नंबर पांच जहां पर क्षतिग्रस्त हुआ है, उस जगह पर भारी वाहन के रगड़ने के निशान हैं।
लग रहा था कि किसी लोडेड वाहन से अचानक ब्रेक लगाई गई, जिसके झटके से बेयरिंग क्षतिग्रस्त होकर निकल गई। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
पुल की मरम्मत कार्य में लगे एक अभियंता ने बताया कि बहराइच-बाराबंकी की सीमा पर घाघरा के कछार में बड़े पैमाने पर बालू का खनन हो रहा है। बालू लादकर ट्रक इसी रास्ते से गुजरते है। हो सकता है कि किसी लोडेड ट्रक के ब्रेक लगाने के बाद ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई हो।
हटाया जा रहा मौरंग और बालू का ढेर
पुल के आसपास कई स्थानों पर बालू और मौरंग के ढेर लगे हुए थे। अभियंताओं ने मौरंग और बालू के कड़ से बेयरिंग खराब होने की आंशका जतायी थी। ऐसे में पुल के आसपास से बालू, मोरंग और ईंट के ढेरों को हटाया जा रहा है।
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एक्सईएन ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी है। पुल के मरम्मत कार्य का गुरुवार दोपहर बाद पीएनसी एजेंसी के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। मरम्मतीकरण पूरी तरह दुरुस्त पाया गया। दो दिन बाद गुरुवार को देर शाम आवागमन बहाल कर दिया गया है।
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बहराइच-लखनऊ मार्ग पर घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु के पिलर नंबर पांच का स्लैब मंगलवार को धसक गया था। इससे मार्ग पर आवागमन व्यवस्था चरमरा गई थी। जैक, जेसीबी व क्रेन की सहायता से पुल को पुन: पुरानी स्थिति में लाया गया। फिर गाजियाबाद से बेयरिंग मंगाकर पिलर नंबर पांच पर लगाई गई।
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पुल के गैप को विशेष मसाले से भरा गया। बुधवार को पीएनसी के सिक्योरिटी ऑफिसर सुबेदार सिंह ने मसाला पकड़ने में तीन दिन का समय बताया था। लेकिन गुरुवार दोपहर में उन्होंने टीम के साथ पुन: मुआयना किया तो मसाला पूरी तरह पुल के गैप को पकड़ चुका था। इस पर उन्होंने उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद आवागमन बहाल करने की हरी झंडी दे दी है।
लोडेड ट्रक के ब्रेक के झटके से आई होगी समस्या
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन राजीव कुमार ने बताया कि घटना के दिन ही बाराबंकी व राष्ट्रीय राजमार्ग के अभियंताओं की टीम के साथ मुआयना किया गया था। पिलर नंबर पांच जहां पर क्षतिग्रस्त हुआ है, उस जगह पर भारी वाहन के रगड़ने के निशान हैं।
लग रहा था कि किसी लोडेड वाहन से अचानक ब्रेक लगाई गई, जिसके झटके से बेयरिंग क्षतिग्रस्त होकर निकल गई। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
पुल की मरम्मत कार्य में लगे एक अभियंता ने बताया कि बहराइच-बाराबंकी की सीमा पर घाघरा के कछार में बड़े पैमाने पर बालू का खनन हो रहा है। बालू लादकर ट्रक इसी रास्ते से गुजरते है। हो सकता है कि किसी लोडेड ट्रक के ब्रेक लगाने के बाद ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई हो।
हटाया जा रहा मौरंग और बालू का ढेर
पुल के आसपास कई स्थानों पर बालू और मौरंग के ढेर लगे हुए थे। अभियंताओं ने मौरंग और बालू के कड़ से बेयरिंग खराब होने की आंशका जतायी थी। ऐसे में पुल के आसपास से बालू, मोरंग और ईंट के ढेरों को हटाया जा रहा है।