पिपराइच और बस्ती की चीनी मिलों की क्षमता बढ़ने से 21 हजार को मिलेगा रोजगार, ये है प्लान
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प्रदेश कैबिनेट ने गोरखपुर के पिपराइच व बस्ती के मुंडेरवा में बन रही नई चीनी मिलों की क्षमतावृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। दोनों मिलों से पूर्वांचल के 60 हजार किसानों को फायदा होगा और 21 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। दोनों ही प्रोजेक्ट पर खर्च होने वाली रकम 1096.83 करोड़ रुपये सरकार ऋण के रूप में देगी।
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री सुरेश राणा ने बताया कि राज्य चीनी निगम की सहायक कंपनी राज्य चीनी एवं गन्ना विकास निगम गोरखपुर के पिपराइच व बस्ती के मुंडेरवा में नई चीनी मिलों की स्थापना कर रहा है।
पिपराइच में 3500 टन प्रतिदिन गन्ना पेराई क्षमता (टीसीटी) की चीनी मिल, 18 मेगावाट के कोजेन प्लांट व 60 किलोलीटर प्रतिदिन (केएलपीडी) क्षमता की डिस्टिलरी फैक्टरी (आसवनी) लगाने का फैसला किया गया था। पेराई सत्र 2018-19 में चीनी मिल का ट्रायल किया जा चुका है।
कैबिनेट ने अब इस चीनी मिल की पेराई क्षमता 5000 टीसीडी तक बढ़ाने का फैसला किया है। भविष्य में इसे 7500 टीसीडी तक बढ़ाया जा सकेगा। 18 मेगावाट का पावर प्लांट (कोजेन प्लांट) अब 27 मेगावाट तक विस्तारित होगा। इसी तरह डिस्टिलरी फैक्टरी की क्षमता बढ़ाकर 120 केएलपीडी करने की मंजूरी दी गई है। 25 करोड़ की लागत से सल्फरलेस चीनी प्लांट बनेगा।
30 हजार किसानों को होगा फायदा
राणा ने बताया कि बस्ती की मुंडेरवा चीनी मिल की क्षमता भी 5000 टीसीडी की जाएगी। इसका विस्तार भी 7500 टीसीडी तक किया जा सकेगा। 18 मेगावाट के पावर प्लांट का विस्तार 27 मेगावाट किया जाएगा। 25 करोड़ की लागत से सल्फरलेस चीनी उत्पादन प्लांट स्थापित होगा।
सल्फरलेस चीनी की बाजार में अधिक कीमत मिलती है। इससे किसानों को भी फायदा होगा। इस प्रोजेक्ट पर 438.87 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस प्रोजेक्ट से 30 हजार किसानों को फायदा मिलेगा और 8500 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।