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200 स्कूल भवन जर्जर, जोखिम में बच्चों की जान

Fri, 06 Jul 2018 10:04 PM IST
Updated Fri, 06 Jul 2018 10:04 PM IST
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200 स्कूल भवन जर्जर, जोखिम में बच्चों की जान
बहराइच। जिले के 200 विद्यालय भवन जर्जर हैं। इन जर्जर स्कूलों की दीवारों और छतों का कोई भरोसा नहीं। फिर भी बच्चे दरकी दीवारों और छतों वाले बदहाल स्कूलों में जान जोखिम में डालकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। अब तक इन स्कूलों को निष्प्रयोज्य भी नहीं घोषित किया गया। बल्कि जर्जर स्कूलों की मरम्मत कराने की कवायद शुरू हुई है। ग्राम पंचायतों की ओर से स्कूल भवनों को दुरुस्त कराया जाएगा। इसके लिए जिला पंचायत राज अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को पत्र भेजा है। प्रथम चरण में जिले के 70 स्कूलों की मरम्मत कराई जाएगी।
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जिले के 14 विकासखंडों में 2470 प्राथमिक और 983 जूनियर विद्यालय स्थापित हैं। इन स्कूलों में लगभग 4.70 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। जिले में स्कूल भवनों का निर्माण बीते एक दशक से भूकंपरोधी पद्धति पर करवाया जा रहा है। सर्व शिक्षा अभियान लागू होने के बाद से जिले के स्कूल भवनों का नक्शा भी परिवर्तित हुआ है। प्रत्येक वर्ष छात्र संख्या के चलते स्कूल भवनों का निर्माण पिछले दो वर्षों तक हुआ। लेकिन एक दशक और उसके पूर्व जिन स्कूल भवनों को निर्मित कराया गया था, वह जर्जर हो चुके हैं। स्थिति यह है कि जरवल, शिवपुर, नानपारा, नवाबगंज, हुजूरपुर, पयागपुर, चित्तौरा, फखरपुर एवं महसी क्षेत्रों में दशक भर से पुराने कई स्कूल भवनों की दीवारें दरक गई हैं। छतें बरसात में टपक रही हैं। इसके चलते भवन कभी भी जमींदोज हो सकते हैं। फिर भी इन्हीं भवनों में कक्षाएं लग रहीं हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में ऐसे जर्जर स्कूलों की संख्या करीब 200 है। शासन के निर्देश पर ग्राम पंचायतों को जर्जर स्कूल भवनों को दुरुस्त कराने और मरम्मत का कार्य सौंपा गया है। जिला पंचायत राज विभाग ने इस मामले में बीडीओ को पत्र लिखा है। जिला पंचायत राज अधिकारी केवी वर्मा ने कहा कि प्रथम चरण में 70 स्कूल दुरुस्त कराए जाएंगे। इसके बाद शेष स्कूलों की मरम्मत का कार्य शुरू होगा।
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प्राथमिक विद्यालय जरवल द्वितीय
जरवल में स्थित प्राथमिक विद्यालय भवन का निर्माण डेढ़ दशक पूर्व हुआ था। पास में ही नाला बहता है। जिससे भवन की दीवारों पर सीलन है। कमरे की दीवारें जगह-जगह दरकी हुई हैं। छतों में भी दरारें हैं, जिससे बरसात में पानी टपकता है। कमरा जर्जर होने के चलते क्लास बरामदे में लगती है। स्कूल की इंचार्ज प्रधानाध्यापक जय प्रकाश यादव ने बताया कि कई बार पत्र लिखा है। गौरतलब हो कि स्कूल में 94 छात्र नामांकित हैं। शुक्रवार को 51 छात्र उपस्थित थे। सभी बरामदे में पढ़ते मिले।
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प्राथमिक विद्यालय जगीर शिवपुर
विकास खंड शिवपुर के प्राथमिक विद्यालय जगीर की हालत तो और भी खस्ता है। स्कूल भवन डेढ़ दशक से अधिक पुराना है। चारदीवारी टूटी हुई है। यहां भी हल्की बरसात में छत टपकती है। छात्र जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करते हैं। यहां के प्रधानाध्यापक मुबारक ने भी स्कूल के जर्जर हालत के संदर्भ में विभागीय अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा है।


प्रत्येक ब्लॉक के पांच-पांच स्कूल चिन्हित, होगी मरम्मत
जिले के कुछ स्कूल भवन काफी पुराने होने के चलते मरम्मत योग्य है। इन भवनों की मरम्मत जिला पंचायत राज विभाग करवाएगा। इसके चलते सभी 14 विकासखंडों के पांच-पांच मरम्मत योग्य स्कूलों को चिन्हित कर सूची डीपीआरओ कार्यालय भेज दी गई है।
- श्याम किशोर तिवारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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