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डीएम ने दी मंजूरी, मानक पर खरे नहीं उतरे 19 निजी अस्पताल होंगे बंद

Tue, 26 Oct 2021 01:12 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 26 Oct 2021 01:12 AM IST
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19 Private hospital will be closed
मानक से इतर चल रहे निजी अस्पताल होंगे बंद। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
स्वास्थ्य विभाग की जांच में मानक पर खरे नहीं उतरे शहर के 19 निजी नर्सिंगहोम बंद होंगे। इन अस्पतालों को बंद किए जाने की फाइल पर डीएम ने मुहर लगा दी है, जबकि 11 अन्य अस्पताल भी राडार पर हैं।
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सभी मानक पूरे होने के बाद ही इन अस्पतालों का पंजीकरण होगा। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि अस्पतालों को बंद कराने के लिए फाइल लीगल सेल में भी भेजी गई है।
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राजधानी में 1200 से अधिक निजी अस्पतालों में से महज 100 ही मानक को पूरा करते हैं। मानक से इतर चल रहे ये अस्पताल ही स्वास्थ्य विभाग के कुछ अफसरों की कमाई का जरिया बने हुए हैं।
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शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने 30 निजी अस्पतालों की जांच करवाई थी। इसमें 19 अस्पताल किसी भी मानक पर खरे नहीं उतरे।
इनके यहां एमबीबीएस डॉक्टर, कुशल स्टाफ समेत तमाम अन्य खामियां सामने आई थीं। प्रशासन ने जांच के दौरान अस्पताल संचालन पर रोक लगा दी थी।
स्वास्थ्य विभाग ने डीएम को जांच रिपोर्ट भेजकर 19 अस्पतालों को पूरी तरह से बंद करने की संस्तुति की थी। डीएम ने इस पर मुहर लगा दी है।
बाकी 11 अस्पतालों में पड़ताल कर सभी मानक पूरे होने के बाद ही इनके संचालन के आदेश दिए हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमेटी बना दी है, जो इन अस्पतालों को मानकों पर परखेगी।
किसी भी अस्पताल में नहीं मिला था ड्यूटी पर एमबीबीएस डॉक्टर
30 अस्पतालों की जांच के दौरान विभाग की टीम को कहीं पर भी मौके पर एमबीबीएस डॉक्टर व कुशल स्टाफ नहीं मिला था। बल्कि गैर विधा के डॉक्टर इलाज करते मिले थे। अहम बात यह है कि अस्पताल के पंजीकरण-नवीनीकरण के वक्त अस्पताल में 24 घंटे एमबीबीएस डॉक्टर व दो अन्य ऑन कॉल डॉक्टर का रहना जरूरी है, जबकि एक डॉक्टर ने कई अस्पतालों में 24 घंटे ड्यूटी किए जाने के दस्तावेज लगे रखे हैं। इसकी जानकारी होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग चुप है।
90 प्रतिशत अस्पतालों के पास नहीं फायर एनओसी
शहर में चल रहे 90 प्रतिशत अस्पतालों के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी तक नहीं है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन इन अस्पतालाें का संचालन करवाकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। निजी अस्पताल फायर के उपकरण टांग शपथ पत्र देकर खुद ही अस्पताल चला रहे हैं।
ये अस्पताल होंगे बंद
सम्राट हॉस्पिटल, बेस्ट केयर, वेलकेम, गैलैक्सी, शालिनी, प्रभाकर, उजाला, सिमना, इकाना, मेडिविन, सनफोर्ड, साधना, उन्नति उजाला, कॉकोरी हॉस्पिटल समेत 19 अस्पताल बंद किए जाने की तैयारी है।

इन अस्पतालों की होगी जांच
शेफालिया, चंद्रा हॉस्पिटल, हिमसिटी, हर्बल हॉस्पिटल, न्यू तुलसी, न्यू एशिया, दीपक लाइफ सांइसेंस, एसएन हॉस्पिटल, लखनऊ हॉस्पिटल, जैना हॉस्पिटल, लक्ष्य कैंसर हॉस्पिटल।
जांच के दौरान 19 अस्पताल बंद करने की संस्तुति की गई थी, जबकि 11 अस्पतालों को दोबारा मानकों पर चेक करने बाद ही पंजीकरण-नवीनीकरण किया जाएगा।
- डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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