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बुद्ध पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस् था की डुबकी
Updated Tue, 01 May 2018 12:32 AM IST
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विभिन्न मंदिरों और मठों में जाकर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर मांगी मन्नतें
नैमिषारण्य (सीतापुर)। बुद्ध पूर्णिमा पर सोमवार को नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ व गोमती नदी में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद विभिन्न मंदिरों और मठों में जाकर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना मन्नते मांगीं। साथ ही गरीबों में दान-दक्षिणा कर पुण्य भी कमाया।
वैसे तो नैमिषारण्य में हर माह अमावस्या पर श्रद्धालुओं का तांता लगता है। पर इस बार सोमवार को बैसाख की बुद्ध पूर्णिमा थी। इसे लेकर रविवार शाम से ही श्रद्धालुओं का हुजूम नैमिषारण्य में उमड़ने लगा था। देर शाम धार्मिक एवं पौराणिक तीर्थ स्थल नैमिषारण्य में श्रद्धालुओं का नजारा देखने लायक था।
सोमवार अलसुबह से ही श्रद्धालुओं ने नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ व गोमती नदी में स्नान करने का दौर शुरू हो गया था। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने नैमिषारण्य चक्रतीर्थ पर विभिन्न मंदिरों और मठों में जाकर देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया। बाद में श्रद्धालु मां ललिता देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने मां की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
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तत्पश्चात श्रद्धालुओं ने देव-देवेश्वर मंदिर, हनुमान गढ़ी, व्यास गद्दी, आर्यावर्त, रुद्रावर्त, काली पीठ, देवपुरी आदि मंदिरों में पहुंचकर विधि-विधान से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना किया और सुख, समृद्धि, वैभव और शांति की मंगल कामनाएं की।
भंडारे में श्रद्धालुओं ने छका प्रसाद
नैमिषारण्य। पौराणिक तीर्थ नैमिषारण्य में बुद्ध पूर्णिमा पर मंदिरों एवं आश्रमों में मानस पारायण एवं भंडारे का आयोजन किया गया। अन्नपूर्णा मंदिर संत सेवा आश्रम में महन्त राम भजन दास (दरोगा बाबा) द्वारा आयोजित भंडारे में देशी घी से निर्मित विभिन्न व्यंजनों को सर्व प्रथम कन्याओं, सन्यासियों एवं ब्राह्मणों को खिलाया।
तत्पश्चात भक्तों को प्रसाद वितरित किया। प्रसाद वितरण का क्रम देर शाम तक यूं ही चलता रहा। कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रमुख सहयोगी सतींद्र अवस्थी ने संतों समेत आए हुए अतिथियों को दक्षिणा भेंट कर आशीष प्राप्त किया।
नैमिषारण्य के अनेक प्रमुख मंदिरों कालीपीठ, हनुमान गढ़ी, सूत गद्दी एवं चक्रतीर्थ आदि स्थानों में श्रृद्धालुओं ने इस दिन सत्य नारायण कथा श्रवण कर दान किया। इस अवसर पर संत सेवा आश्रम के मनीष कुमार ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
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नैमिषारण्य (सीतापुर)। बुद्ध पूर्णिमा पर सोमवार को नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ व गोमती नदी में हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद विभिन्न मंदिरों और मठों में जाकर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना मन्नते मांगीं। साथ ही गरीबों में दान-दक्षिणा कर पुण्य भी कमाया।
वैसे तो नैमिषारण्य में हर माह अमावस्या पर श्रद्धालुओं का तांता लगता है। पर इस बार सोमवार को बैसाख की बुद्ध पूर्णिमा थी। इसे लेकर रविवार शाम से ही श्रद्धालुओं का हुजूम नैमिषारण्य में उमड़ने लगा था। देर शाम धार्मिक एवं पौराणिक तीर्थ स्थल नैमिषारण्य में श्रद्धालुओं का नजारा देखने लायक था।
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सोमवार अलसुबह से ही श्रद्धालुओं ने नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ व गोमती नदी में स्नान करने का दौर शुरू हो गया था। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने नैमिषारण्य चक्रतीर्थ पर विभिन्न मंदिरों और मठों में जाकर देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया। बाद में श्रद्धालु मां ललिता देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने मां की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
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तत्पश्चात श्रद्धालुओं ने देव-देवेश्वर मंदिर, हनुमान गढ़ी, व्यास गद्दी, आर्यावर्त, रुद्रावर्त, काली पीठ, देवपुरी आदि मंदिरों में पहुंचकर विधि-विधान से देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना किया और सुख, समृद्धि, वैभव और शांति की मंगल कामनाएं की।
भंडारे में श्रद्धालुओं ने छका प्रसाद
नैमिषारण्य। पौराणिक तीर्थ नैमिषारण्य में बुद्ध पूर्णिमा पर मंदिरों एवं आश्रमों में मानस पारायण एवं भंडारे का आयोजन किया गया। अन्नपूर्णा मंदिर संत सेवा आश्रम में महन्त राम भजन दास (दरोगा बाबा) द्वारा आयोजित भंडारे में देशी घी से निर्मित विभिन्न व्यंजनों को सर्व प्रथम कन्याओं, सन्यासियों एवं ब्राह्मणों को खिलाया।
तत्पश्चात भक्तों को प्रसाद वितरित किया। प्रसाद वितरण का क्रम देर शाम तक यूं ही चलता रहा। कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रमुख सहयोगी सतींद्र अवस्थी ने संतों समेत आए हुए अतिथियों को दक्षिणा भेंट कर आशीष प्राप्त किया।
नैमिषारण्य के अनेक प्रमुख मंदिरों कालीपीठ, हनुमान गढ़ी, सूत गद्दी एवं चक्रतीर्थ आदि स्थानों में श्रृद्धालुओं ने इस दिन सत्य नारायण कथा श्रवण कर दान किया। इस अवसर पर संत सेवा आश्रम के मनीष कुमार ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।