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सरयू के निशाने पर 82 गांव
Updated Wed, 04 Jul 2018 11:32 PM IST
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बहराइच/खैरीघाट। एक तरफ घाघरा जिले में तबाही मचा रही है तो दूसरी ओर सरयू की लहरें भी तबाही का सबब बनी हुई हैं। सरयू का जलस्तर बढ़ने से 82 गांव पानी से घिर गए हैं। सरयू का पानी बेलहा-बेहरौली तटबंध पर थपेड़े ले रहा है। कोई प्रशासनिक इंतजाम नहीं हैं। निजी नावों से लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
तराई में घाघरा और सरयू नदियों का कहर वर्षा के साथ ही शुरू हो गया है। पूरी रात सरयू नदी का जलस्तर बढ़ता रहा है। इसका नतीजा बुधवार सुबह देखने को मिला। महसी-बेहड़ा मार्ग पर घुटनों भर पानी चल रहा है। बेलहा-बेहरौली तटबंध के उस पार नदी के बाढ़ का पानी तटबंध पर थपेड़े ले रहा है।
मंगलवार तक सरयू के उफान से 24 गांव बाढ़ की चपेट में थे। लेकिन रात में जलस्तर बढ़ने के बाद और 58 गांव पानी से घिर गए हैं।
जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त है। गड़रियनपुरवा, बलदूपुरवा, रायगंज, एकघरा, शुकुलपुरवा, पिपरिया, पहलीपुरवा, लोधपुरवा और लौकिहा गांव का संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है।
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गांव निवासी राधेश्याम, जगरूप और बालकराम ने बताया कि तहसील को सूचना दी गई है। लेकिन अब तक नावों का इंतजाम नहीं किया गया है। लौकिहा निवासी जमींदार ने बताया कि उनके पास पुरानी नाव है।
उसी के सहारे गांव के पांच से छह की संख्या में लोगों को बाढ़ से बाहर निकाला जा रहा है। उप जिलाधिकारी सिद्धार्थ यादव का कहना है कि सरयू का जलस्तर कम होने लगा है। ऐसे में गुरुवार तक गांवों से पानी खिसक जाएगा।
किसान चिंतित, सड़ जाएगी फसल
शिवपुर व महसी इलाकों में बाढ़ का पानी खेतों में भरा है। धान, उड़द व गन्ना की फसलें डूबी हुई हैं। किसान चिंतित हैं। बुधवार को चटक धूप निकली। किसानों का कहना है कि अगर पानी भरा रहा और धूप इसी तरह निकली तो खेतों में ही फसल सड़ जाएगी।
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तराई में घाघरा और सरयू नदियों का कहर वर्षा के साथ ही शुरू हो गया है। पूरी रात सरयू नदी का जलस्तर बढ़ता रहा है। इसका नतीजा बुधवार सुबह देखने को मिला। महसी-बेहड़ा मार्ग पर घुटनों भर पानी चल रहा है। बेलहा-बेहरौली तटबंध के उस पार नदी के बाढ़ का पानी तटबंध पर थपेड़े ले रहा है।
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मंगलवार तक सरयू के उफान से 24 गांव बाढ़ की चपेट में थे। लेकिन रात में जलस्तर बढ़ने के बाद और 58 गांव पानी से घिर गए हैं।
जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त है। गड़रियनपुरवा, बलदूपुरवा, रायगंज, एकघरा, शुकुलपुरवा, पिपरिया, पहलीपुरवा, लोधपुरवा और लौकिहा गांव का संपर्क मार्ग भी बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है।
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गांव निवासी राधेश्याम, जगरूप और बालकराम ने बताया कि तहसील को सूचना दी गई है। लेकिन अब तक नावों का इंतजाम नहीं किया गया है। लौकिहा निवासी जमींदार ने बताया कि उनके पास पुरानी नाव है।
उसी के सहारे गांव के पांच से छह की संख्या में लोगों को बाढ़ से बाहर निकाला जा रहा है। उप जिलाधिकारी सिद्धार्थ यादव का कहना है कि सरयू का जलस्तर कम होने लगा है। ऐसे में गुरुवार तक गांवों से पानी खिसक जाएगा।
किसान चिंतित, सड़ जाएगी फसल
शिवपुर व महसी इलाकों में बाढ़ का पानी खेतों में भरा है। धान, उड़द व गन्ना की फसलें डूबी हुई हैं। किसान चिंतित हैं। बुधवार को चटक धूप निकली। किसानों का कहना है कि अगर पानी भरा रहा और धूप इसी तरह निकली तो खेतों में ही फसल सड़ जाएगी।