{"_id":"5b1961454f1c1baa6e8b6c24","slug":"171528389957-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीका लगने के बाद मासूम ने दम तोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीका लगने के बाद मासूम ने दम तोड़ा
Updated Thu, 07 Jun 2018 10:15 PM IST
विज्ञापन
खैरीघाट/नानपारा। रामपुर धोबियाहार गांव में बुधवार शाम को एएनएम ने आशा बहू के साथ ग्रामीणों के घरों में पहुंचकर बच्चों को टीका लगाया। एक घंटे बाद सभी बच्चों तबियत बिगड़ने लगी।
देर रात एक मासूम की मौत हो गई। इसके बाद अन्य बच्चों को आननफानन में गुरुवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा में भर्ती कराया गया। सूचना पर एसडीएम, मुख्य चिकित्साधिकारी व डब्ल्यूएचओ की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की है।
नानपारा तहसील अंतर्गत रामपुर धोबियाहार गांव में एएनएम कोमल गुप्ता की तैनाती है। बुधवार शाम को एएनएम गांव की आशा सुनीता के साथ बच्चों के टीकाकरण के लिए निकलीं।
विज्ञापन
उन्होंने नौ परिवारों के बच्चों का टीकाकरण किया। शाम चार बजे टीके लगाए, लेकिन एक घंटे बाद बच्चों की तबियत बिगड़ने लगी।
परिवार के लोगों ने समझा कि कुछ देर बाद तबियत ठीक हो जाएगी, लेकिन रात में बच्चों की हालत नाजुक हो गई। परिवारीजनों ने एएनएम को फोन कर सूचना दी तो एएनएम ने टीका लगने के बाद मामूली तबियत खराब होने की बात कहकर किनारा कस लिया।
परिवारीजन बच्चे की तबियत ठीक होने का इंतजार करते रहे। देर रात रुखसाना उर्फ हिना (दो माह) पुत्री मोहम्मद अहमद ने दम तोड़ दिया। इससे घर में कोहराम मच गया। बच्ची की मौत की सूचना गांव के अन्य लोगों को मिली तो सभी दहशत में आ गए। जैसे-तैसे रात गुजरी।
सुबह सूचना पाकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि माधवराम वर्मा ने टीका लगने से बच्ची की मौत होने व अन्य बच्चों के बीमार होने की सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी। आननफानन में एंबुलेंस को बुलवाकर बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा पहुंचाया गया।
यहां पर सभी बच्चों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। घटना की सूचना पाकर उप जिलाधिकारी सिद्धार्थ यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार पांडेय, उप मुख चिकित्साधिकारी डॉ. अजीत चंद्रा व डब्ल्यूएचओ की टीम ने गांव पहुंच कर जांच की है।
बच्चों का सीएचसी में हुआ इलाज
टीका लगने के बाद अचानक तबियत बिगड़ने पर फातिमा (3 माह) पुत्री मेराज अली, फैजान (8 माह) पुत्र मकसूद, प्रांती (10 माह) पुत्री रामू, साक्षी (6 माह) पुत्री विनोद सोनी, वंदना (एक माह) पुत्री कमल किशोर, मधु (डेढ़ माह) पुत्री छंगू, राधिका (8 माह) पुत्री शोभाराम, मोहम्मद अनस (10 माह) पुत्र मोकीम का सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
पहले से बीमार रही होगी बच्ची
प्रथम दृष्टया जांच में पता चला है कि एएनएम ने सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के बाद बीसीजी, पेंटा, आईपीबी और पीसीबी के टीके लगाए हैं। ये टीके सामान्य होते हैं, जिनसे तबियत नहीं बिगड़ती। जिस बच्ची की मौत हुई है, हो सकता है पहले से बीमार रही हो। जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
-डॉ. अरुण कुमार पांडेय, सीएमओ
कोल्ड चेन बिगड़ने पर कम हो जाती टीके की क्षमता
टीका कभी जानलेवा नहीं होता। अगर कोल्ड चेन मेनटेन न होने की बात मानें तो इससे टीके की क्षमता प्रभावित होती है न की कोई रिएक्शन होता है। भर्ती सभी आठ बच्चों को टीका लगने के बाद बुखार आया, यह सामान्य प्रक्रिया है। इलाज के बाद अब सभी बच्चे स्वस्थ हो रहे हैं।
-डॉ. चंद्रभान, बाल रोग विशेषज्ञ, सीएचसी नानपारा
जांच के बाद लगाया टीका
सभी बच्चों का स्वास्थ्य जांचने के बाद ही टीका लगाया है। टीका लगाने के दौरान सभी बच्चे स्वस्थ थे। एक घंटे गांव में रही। तब तक किसी भी बच्चे की तबियत नहीं बिगड़ी। टीकाकारण में कोई गलती नहीं हुई।
- कोमल गुप्ता, एएनएम
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा
टीकाकरण के बाद बच्ची की हुई मौत के मामले में खैरीघाट थाने के प्रभारी निरीक्षक वेदराम यादव ने गांव पहुंचकर जांच की है। उन्होंने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर बच्ची के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन
देर रात एक मासूम की मौत हो गई। इसके बाद अन्य बच्चों को आननफानन में गुरुवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा में भर्ती कराया गया। सूचना पर एसडीएम, मुख्य चिकित्साधिकारी व डब्ल्यूएचओ की टीम ने गांव पहुंचकर जांच की है।
विज्ञापन
नानपारा तहसील अंतर्गत रामपुर धोबियाहार गांव में एएनएम कोमल गुप्ता की तैनाती है। बुधवार शाम को एएनएम गांव की आशा सुनीता के साथ बच्चों के टीकाकरण के लिए निकलीं।
विज्ञापन
उन्होंने नौ परिवारों के बच्चों का टीकाकरण किया। शाम चार बजे टीके लगाए, लेकिन एक घंटे बाद बच्चों की तबियत बिगड़ने लगी।
परिवार के लोगों ने समझा कि कुछ देर बाद तबियत ठीक हो जाएगी, लेकिन रात में बच्चों की हालत नाजुक हो गई। परिवारीजनों ने एएनएम को फोन कर सूचना दी तो एएनएम ने टीका लगने के बाद मामूली तबियत खराब होने की बात कहकर किनारा कस लिया।
परिवारीजन बच्चे की तबियत ठीक होने का इंतजार करते रहे। देर रात रुखसाना उर्फ हिना (दो माह) पुत्री मोहम्मद अहमद ने दम तोड़ दिया। इससे घर में कोहराम मच गया। बच्ची की मौत की सूचना गांव के अन्य लोगों को मिली तो सभी दहशत में आ गए। जैसे-तैसे रात गुजरी।
सुबह सूचना पाकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि माधवराम वर्मा ने टीका लगने से बच्ची की मौत होने व अन्य बच्चों के बीमार होने की सूचना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी। आननफानन में एंबुलेंस को बुलवाकर बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नानपारा पहुंचाया गया।
यहां पर सभी बच्चों को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। घटना की सूचना पाकर उप जिलाधिकारी सिद्धार्थ यादव, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार पांडेय, उप मुख चिकित्साधिकारी डॉ. अजीत चंद्रा व डब्ल्यूएचओ की टीम ने गांव पहुंच कर जांच की है।
बच्चों का सीएचसी में हुआ इलाज
टीका लगने के बाद अचानक तबियत बिगड़ने पर फातिमा (3 माह) पुत्री मेराज अली, फैजान (8 माह) पुत्र मकसूद, प्रांती (10 माह) पुत्री रामू, साक्षी (6 माह) पुत्री विनोद सोनी, वंदना (एक माह) पुत्री कमल किशोर, मधु (डेढ़ माह) पुत्री छंगू, राधिका (8 माह) पुत्री शोभाराम, मोहम्मद अनस (10 माह) पुत्र मोकीम का सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
पहले से बीमार रही होगी बच्ची
प्रथम दृष्टया जांच में पता चला है कि एएनएम ने सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के बाद बीसीजी, पेंटा, आईपीबी और पीसीबी के टीके लगाए हैं। ये टीके सामान्य होते हैं, जिनसे तबियत नहीं बिगड़ती। जिस बच्ची की मौत हुई है, हो सकता है पहले से बीमार रही हो। जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
-डॉ. अरुण कुमार पांडेय, सीएमओ
कोल्ड चेन बिगड़ने पर कम हो जाती टीके की क्षमता
टीका कभी जानलेवा नहीं होता। अगर कोल्ड चेन मेनटेन न होने की बात मानें तो इससे टीके की क्षमता प्रभावित होती है न की कोई रिएक्शन होता है। भर्ती सभी आठ बच्चों को टीका लगने के बाद बुखार आया, यह सामान्य प्रक्रिया है। इलाज के बाद अब सभी बच्चे स्वस्थ हो रहे हैं।
-डॉ. चंद्रभान, बाल रोग विशेषज्ञ, सीएचसी नानपारा
जांच के बाद लगाया टीका
सभी बच्चों का स्वास्थ्य जांचने के बाद ही टीका लगाया है। टीका लगाने के दौरान सभी बच्चे स्वस्थ थे। एक घंटे गांव में रही। तब तक किसी भी बच्चे की तबियत नहीं बिगड़ी। टीकाकारण में कोई गलती नहीं हुई।
- कोमल गुप्ता, एएनएम
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा
टीकाकरण के बाद बच्ची की हुई मौत के मामले में खैरीघाट थाने के प्रभारी निरीक्षक वेदराम यादव ने गांव पहुंचकर जांच की है। उन्होंने बताया कि सीएमओ के निर्देश पर बच्ची के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।