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58 लाख की चरस के साथ एसटीएफ के हत्थे चढ़े दो तस्कर, गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 08 Dec 2018 11:16 PM IST
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एसटीएफ ने नेपाल से लाकर यूपी के एनसीआर क्षेत्र सहित दिल्ली व पंजाब तक चरस की सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ ने बरेली में गिरोह के सदस्य मुजफ्फरनगर निवासी अमरपाल व सोनू को गिरफ्तार कर उनके पास से 58 लाख रुपये की चरस बरामद की है। दोनों के खिलाफ बरेली के सीवीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि यूपी-नेपाल पर सोनौली बॉर्डर से तस्करों द्वारा मादक पदार्थ लाने की सूचना मिल रही थी। मुखबिर की सूचना पर बरेली के सीवीगंज बाइपास के पास कार को रोककर जांच की तो पिछली सीट में बनी कैविटी में छिपाकर रखी हुई 58 किलो चरस बरामद हुई। एसएसपी ने कहा कि बरामद चरस की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 58 लाख रुपये है।
पूछताछ में सामने आया कि दोनों तस्कर कई वर्षों से इस धंधे से जुड़े हुए थे। कार अमरपाल की है।
अमरपाल ने बताया कि वह कुल चरस में से दस किलो चरस मुजफ्फरनगर के दीपक को देता है। चरस को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों, उत्तराखंड, एनसीआर क्षेत्र, पंजाब और दिल्ली तक में सप्लाई किया जाता है। पूछताछ में अमरपाल ने बताया कि वह गाड़ी लेकर नेपाल बॉर्डर पर महाराजगंज के नौतनवा कस्बा जाता है जहां इसे नेपाल निवासी उमेश के लोग ले जाते हैं और गाड़ी में मादक पदार्थ रखकर वापस ले आते हैं।
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एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि यूपी-नेपाल पर सोनौली बॉर्डर से तस्करों द्वारा मादक पदार्थ लाने की सूचना मिल रही थी। मुखबिर की सूचना पर बरेली के सीवीगंज बाइपास के पास कार को रोककर जांच की तो पिछली सीट में बनी कैविटी में छिपाकर रखी हुई 58 किलो चरस बरामद हुई। एसएसपी ने कहा कि बरामद चरस की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 58 लाख रुपये है।
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पूछताछ में सामने आया कि दोनों तस्कर कई वर्षों से इस धंधे से जुड़े हुए थे। कार अमरपाल की है।
अमरपाल ने बताया कि वह कुल चरस में से दस किलो चरस मुजफ्फरनगर के दीपक को देता है। चरस को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों, उत्तराखंड, एनसीआर क्षेत्र, पंजाब और दिल्ली तक में सप्लाई किया जाता है। पूछताछ में अमरपाल ने बताया कि वह गाड़ी लेकर नेपाल बॉर्डर पर महाराजगंज के नौतनवा कस्बा जाता है जहां इसे नेपाल निवासी उमेश के लोग ले जाते हैं और गाड़ी में मादक पदार्थ रखकर वापस ले आते हैं।
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