नाका होटल अग्निकांड: एलडीए के 16 इंजीनियर दोषी, चार्जशीट जारी की गई
नाका के दो अवैध होटल में हुए अग्निकांड में दोषी इंजीनियरों के खिलाफ चार्जशीट जारी कर दी गई है। मामले में आवास आयुक्त से दोबारा जांच करवाई गई है और उन्हें ही कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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चारबाग इलाके के नाका में दो अवैध होटलों में अग्निकांड के मामले में एलडीए के 16 इंजीनियरों को दोषी माना गया है। इन सभी को चार्जशीट जारी कर दी गई। होटल विराट और एसएसजे इंटरनेशनल में लगी आग से एक बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। मामले की सबसे पहले तत्कालीन एडीजी राजीव कृष्ण और एलडीए के तत्कालीन वीसी पीएन सिंह ने जांच कर रिपोर्ट शासन को भेजी थी। शासन ने आवास आयुक्त से इसकी दोबारा जांच कराई। आवास विकास परिषद की जांच रिपोर्ट के मुताबिक मामले में एलडीए के 16 इंजीनियरों को दोषी माना गया है। आवास विभाग के प्रमुख सचिव नितिन रमेश कोकर्ण ने इनके खिलाफ कार्रवाई तय करने का जिम्मा आवास विकास परिषद के आयुक्त अजय चौहान को सौंपा है।
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इन्हें जारी की गई चार्जशीट
अधीक्षण अभियंता अजय कुमार सिंह द्वितीय, अधिशासी अभियंता ओम प्रकाश मिश्रा, आलोक रंजन, अरुण कुमार सिंह, वकील अहमद, सहायक अभियंता गणेशी दत्त सिंह, ओम प्रकाश गुप्ता, अवर अभियंता अनिल मिश्रा, जनार्दन सिंह, प्रमोद कुमार वर्मा, राकेश मोहन, अरविंद उपाध्याय, अनिल कुमार सिंह द्वितीय, प्रभुनाथ पांडेय, जयवीर सिंह तथा रविंद्र श्रीवास्तव है। इनमें से कई इंजीनियर रिटायर हो चुके हैं।
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कब-कब, क्या हुआ
एसएसजी इंटरनेशनल तथा विराट होटल में 19 जून 2018 को आग लगी थी। तत्कालीन एडीजी राजीव कृष्ण ने जांच की थी। इसमें 30 अधिकारियों, इंजीनियर और कर्मचारियों को इस अवैध निर्माण और अग्निकांड के लिए दोषी पाया गया था। इंजीनियरों ने जांच पर सवाल उठाए तो दोबारा पड़ताल कराई गई। इस पर भी प्रश्न उठा तो तीसरी जांच आवास विकास परिषद के वित्त नियंत्रक से कराई गई। उन्होंने जुलाई में शासन को सौंपी रिपोर्ट में चारबाग क्षेत्र में वर्ष 2012 से 2018 में हादसे की तारीख पर तैनात रहे 16 इंजीनियरों को दोषी माना गया है। शासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि दोषियों पर आवास आयुक्त कार्रवाई करके रिपोर्ट करेंगे।