{"_id":"6a96fcdbdf987947bf0558c4","slug":"up-swine-flu-cases-rise-by-134-in-four-days-no-cases-are-critical-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी: चार दिन में बढ़े स्वाइन फ्लू के 134 मरीज, कोई भी गंभीर नहीं, सामान्य दवाओं से ठीक हो रहे ज्यादातर मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: चार दिन में बढ़े स्वाइन फ्लू के 134 मरीज, कोई भी गंभीर नहीं, सामान्य दवाओं से ठीक हो रहे ज्यादातर मरीज
Tue, 01 Sep 2026 09:57 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Tue, 01 Sep 2026 09:57 PM IST
सार
यूपी में 27 अगस्त तक स्वाइन फ्लू की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या 551 थी। इसमें ज्यादातर एनसीआर से सटे जिलों के थे। एक सितंबर को इन मरीजों की संख्या बढ़कर 685 हो गई है। विभिन्न जिलों में पांच मरीजों के दम तोड़ने की भी बात कही जा रही है।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश में चार दिन में स्वाइन फ्लू के 134 नए मरीज मिले हैं। इसमें ज्यादातर सामान्य उपचार से ठीक हो रहे हैं। इन्हें आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी है। विभिन्न स्थानों पर पांच लोगों की मौत हुई है। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इनकी मौत स्वाइन फ्लू से हुई है अथवा दूसरी बीमारियों से। क्योंकि वे विभिन्न गंभीर बीमारियों से भी ग्रसित थे।
विज्ञापन
प्रदेश में 27 अगस्त तक स्वाइन फ्लू की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या 551 थी। इसमें ज्यादातर एनसीआर से सटे जिलों के थे। एक सितंबर को इन मरीजों की संख्या बढ़कर 685 हो गई है। विभिन्न जिलों में पांच मरीजों के दम तोड़ने की भी बात कही जा रही है। ये सभी मरीज स्वाइन फ्लू के साथ ही दूसरी बीमारियों की भी चपेट में थे। ऐसे में इनकी मौत की आडिट होगी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अभी तक स्वाइन फ्लू से किसी भी मरीज की मौत स्पष्ट नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों में स्वाइन फ्लू ही नहीं फ्लू के हर मरीज के उपचार के पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया है। अस्पतालों को बेड आरक्षित करने और दवाओं का पर्याप्त स्टाक रखने का भी निर्देश है।
विज्ञापन
अति गंभीर नहीं हो रहे हैं मरीज
केजीएमयू के संक्रामक रोग विभाग के प्रोफेसर डा. डी हिमांशु बताते हैं कि इस बार स्वाइन फ्लू की चपेट में आने वाले मरीजों को आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। जिन मरीजों को कई अन्य तरह की गंभीर बीमारियां हैं, उन्हें ही आईसीयू में रखना पड़ रहा है। सिर्फ स्वाइन फ्लू वाले ज्यादातर मरीज सामान्य वार्ड से ठीक हो जा रहे हैं। इतना जरूर है कि वायरल की अपेक्षा स्वाइन फ्लू वाले मरीजों को लंबे समय तक बुखार आ रहा है।
विज्ञापन
डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के चेस्ट रोग विभागाध्यक्ष प्रो अजय कुमार वर्मा का कहना है कि मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। सिर्फ सावधानी बरतें। यदि परिवार में किसी भी सदस्य में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होती है तो सभी की जांच करा लें। अधिकांश लोग सामान्य फ्लू की तरह एक सप्ताह में ठीक हो रहे हैं। अचानक तेज बुखार और ठंड लगना, लगातार खांसी और गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, सीने में लगातार दर्द, ऑक्सीजन का स्तर गिरने पर डॉक्टर से संपर्क करें।