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आयकर के राडार पर आर्किटेक्ट, चिकित्सक, बिल्डर, बड़े कारोबारी
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मोटी आमदनी वाले 5 हजार आयकर के निशाने पर
आर्किटेक्ट, डॉक्टर, बिल्डर व बड़े कारोबारी शामिल
रिटर्न में आय का सही ब्योरा न देने वालों का होगा सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। राजधानी के नामी आर्किटेक्ट, डॉक्टर, बिल्डर व बड़े कारोबारी आयकर विभाग के निशाने पर हैं। ऐसे पांच हजार लोगोें ने रिटर्न फाइल करने में अपनी आय का सही ब्योरा नहीं दिया है। कम आमदनी दिखाकर आयकर चोरी की गई है। ऐसे लोगों के कार्यस्थल पर आयकर की टीम वारंट के साथ सर्वे जांच कर रही है। इस सर्वे की शुरुआत चौक सराफा के बुलियन कारोबारी अमित अग्रवाल और गोमतीनगर के आर्किटेक्ट राजीव कुमार एवं एसोसिएट पर कार्रवाई से हो चुकी है। विभाग ने आयकर चोरी करने वाले आर्किटेक्ट, डॉक्टर, बिल्डर, बड़े कारोबारी के पूर्व में फाइल आयकर रिटर्न को खंगाला और उनके कार्यस्थल की रेकी कराई। इसमें सही आय एवं संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया गया है। इन्हें सर्वे जांच के दायरे में लाने के लिए सूचीबद्ध किया जा रहा है।
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ऐसे होती है सर्वे जांच
आयकर विभाग का अपर आयुक्त स्तर का अफसर एक टीम को वारंट देकर आयकरदाता के कार्यस्थल की सर्वे के जरिये जांच कराता है। इसमें आयकरदाता का आवास शामिल नहीं होता है। बेनामी संपत्ति एवं निवेश के दस्तावेज और नकदी जब्त कर उसकी सर्वे रिपोर्ट उस अफसर को दी जाती जो सर्वे के लिए भेजता है। इस रिपोर्ट पर आयकरदाता को समन देकर सुनवाई शुरू की जाती है।
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ऐसे होती है छापेमारी
कालाधन और आयकर चोरी की पुख्ता सूचना मिलने पर अफसरों की टीम बनाकर पुलिस बल के साथ आयकरदाता एवं उससे संबंधित के कार्यस्थल एवं आवास पर सामूहिक छापेमारी की जाती है। इसमें अफसरों को नकदी, गहने, निवेश दस्तावेज जब्त करने का अधिकार होता है। छापे के बाद आयकरदाता को अपनी आय की घोषणा करके उस पर टैक्स एवं जुर्माना चुकाना पड़ता है।
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आयकर चोरों पर कार्रवाई के आदेश
इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष केके दीक्षित ने बताया कि अफसरों को केंद्र से आयकर चोरों पर कार्रवाई के आदेश मिले हैं। इसके तहत ही सर्वे एवं छापेमारी की जा रही है। यह भी बताया कि राजधानी के काफी आयकरदाताओं ने विभाग को आय का सही विवरण नहीं दिया है।
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आर्किटेक्ट, डॉक्टर, बिल्डर व बड़े कारोबारी शामिल
रिटर्न में आय का सही ब्योरा न देने वालों का होगा सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। राजधानी के नामी आर्किटेक्ट, डॉक्टर, बिल्डर व बड़े कारोबारी आयकर विभाग के निशाने पर हैं। ऐसे पांच हजार लोगोें ने रिटर्न फाइल करने में अपनी आय का सही ब्योरा नहीं दिया है। कम आमदनी दिखाकर आयकर चोरी की गई है। ऐसे लोगों के कार्यस्थल पर आयकर की टीम वारंट के साथ सर्वे जांच कर रही है। इस सर्वे की शुरुआत चौक सराफा के बुलियन कारोबारी अमित अग्रवाल और गोमतीनगर के आर्किटेक्ट राजीव कुमार एवं एसोसिएट पर कार्रवाई से हो चुकी है। विभाग ने आयकर चोरी करने वाले आर्किटेक्ट, डॉक्टर, बिल्डर, बड़े कारोबारी के पूर्व में फाइल आयकर रिटर्न को खंगाला और उनके कार्यस्थल की रेकी कराई। इसमें सही आय एवं संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया गया है। इन्हें सर्वे जांच के दायरे में लाने के लिए सूचीबद्ध किया जा रहा है।
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ऐसे होती है सर्वे जांच
आयकर विभाग का अपर आयुक्त स्तर का अफसर एक टीम को वारंट देकर आयकरदाता के कार्यस्थल की सर्वे के जरिये जांच कराता है। इसमें आयकरदाता का आवास शामिल नहीं होता है। बेनामी संपत्ति एवं निवेश के दस्तावेज और नकदी जब्त कर उसकी सर्वे रिपोर्ट उस अफसर को दी जाती जो सर्वे के लिए भेजता है। इस रिपोर्ट पर आयकरदाता को समन देकर सुनवाई शुरू की जाती है।
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ऐसे होती है छापेमारी
कालाधन और आयकर चोरी की पुख्ता सूचना मिलने पर अफसरों की टीम बनाकर पुलिस बल के साथ आयकरदाता एवं उससे संबंधित के कार्यस्थल एवं आवास पर सामूहिक छापेमारी की जाती है। इसमें अफसरों को नकदी, गहने, निवेश दस्तावेज जब्त करने का अधिकार होता है। छापे के बाद आयकरदाता को अपनी आय की घोषणा करके उस पर टैक्स एवं जुर्माना चुकाना पड़ता है।
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आयकर चोरों पर कार्रवाई के आदेश
इनकम टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष केके दीक्षित ने बताया कि अफसरों को केंद्र से आयकर चोरों पर कार्रवाई के आदेश मिले हैं। इसके तहत ही सर्वे एवं छापेमारी की जा रही है। यह भी बताया कि राजधानी के काफी आयकरदाताओं ने विभाग को आय का सही विवरण नहीं दिया है।