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यूपी: 15 लाख कर्मचारियों को दीपावली से पहले बोनस, 25 प्रतिशत नकद और 75 प्रतिशत जीपीएफ
Thu, 05 Nov 2020 07:37 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 05 Nov 2020 07:37 PM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिवाली के पहले राज्य के 15 लाख कर्मचारियों को एक माह के बोनस भुगतान की मंजूरी दे दी है। पूर्व की तरह बोनस का 25 प्रतिशत हिस्सा नकद मिलेगा और 75 प्रतिशत जीपीएफ में जमा होगा।
तदर्थ बोनस भुगतान के लिए मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये तय की गई है। मार्च-2020 की वास्तविक औसत परिलब्धियां 7000 रुपये मानते हुए 30 दिन का बोनस 6908 रुपये मिलेगा। 4,800 रुपये ग्रेड पे तक के अराजपत्रित कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। बोनस भुगतान से सरकारी खजाने पर करीब 1022.75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
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1727 रुपये ही नकद
25 प्रतिशत नकद भुगतान से कर्मचारियों को बोनस के 6908 रुपये में से 1727 ही हाथ में मिलेंगे। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के तदर्थ बोनस की अधिकतम सीमा 1200 रुपये होगी। यानी 30 दिन के लिए 1184 रुपये मिलेगा। जो कर्मचारी भविष्य निधि खाते का सदस्य नहीं है, उसे जीपीएफ में जमा की जाने वाली 75 प्रतिशत राशि का एनएससी दिया जाएगा या उसके पीपीएफ एकाउंट में जमा किया जाएगा।
पूरा बोनस नकद चाहते थे राज्य कर्मचारी
कोविड-19 महामारी की वजह से राज्य कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता स्थगित है। ऐसे में कर्मचारी दिवाली के पहले बोनस का पूरा भुगतान नकद चाहते थे। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद राज्य के कर्मचारियों को इसकी पूरी उम्मीद भी थी। मगर, सरकार ने महामारी के दौर में अपने आर्थिक संसाधनों व प्राथमिकताओं को देखते हुए सामान्य दिनों की तरह केवल 25 प्रतिशत ही नकद देने का फैसला किया।
इन्हें मिलेगा लाभ
समूह ‘ग’ व ‘घ’ के अराजपत्रित समस्त राज्य कर्मचारियों, राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण व प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों के कर्मचारियों व दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को।
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तदर्थ बोनस भुगतान के लिए मासिक परिलब्धियों की अधिकतम सीमा 7,000 रुपये तय की गई है। मार्च-2020 की वास्तविक औसत परिलब्धियां 7000 रुपये मानते हुए 30 दिन का बोनस 6908 रुपये मिलेगा। 4,800 रुपये ग्रेड पे तक के अराजपत्रित कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। बोनस भुगतान से सरकारी खजाने पर करीब 1022.75 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
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1727 रुपये ही नकद
25 प्रतिशत नकद भुगतान से कर्मचारियों को बोनस के 6908 रुपये में से 1727 ही हाथ में मिलेंगे। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के तदर्थ बोनस की अधिकतम सीमा 1200 रुपये होगी। यानी 30 दिन के लिए 1184 रुपये मिलेगा। जो कर्मचारी भविष्य निधि खाते का सदस्य नहीं है, उसे जीपीएफ में जमा की जाने वाली 75 प्रतिशत राशि का एनएससी दिया जाएगा या उसके पीपीएफ एकाउंट में जमा किया जाएगा।
पूरा बोनस नकद चाहते थे राज्य कर्मचारी
कोविड-19 महामारी की वजह से राज्य कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता स्थगित है। ऐसे में कर्मचारी दिवाली के पहले बोनस का पूरा भुगतान नकद चाहते थे। केंद्र सरकार की घोषणा के बाद राज्य के कर्मचारियों को इसकी पूरी उम्मीद भी थी। मगर, सरकार ने महामारी के दौर में अपने आर्थिक संसाधनों व प्राथमिकताओं को देखते हुए सामान्य दिनों की तरह केवल 25 प्रतिशत ही नकद देने का फैसला किया।
इन्हें मिलेगा लाभ
समूह ‘ग’ व ‘घ’ के अराजपत्रित समस्त राज्य कर्मचारियों, राजकीय विभागों के कार्यप्रभारित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण व प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों के कर्मचारियों व दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को।