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चार अस्पतालों पर त्र13.60 करोड़ हर्जाना

Sat, 03 Aug 2019 01:30 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2019 01:30 AM IST
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13.60 crore penalty on 4 hospitals
चार अस्पतालों पर 13.60 करोड़ हर्जाना
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कूड़ा निस्तारण नियमानुसार नहीं पाए जाने पर एनजीटी की अनुश्रवण समिति ने की सिफारिश
एनजीटी की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट की अनुश्रवण समिति ने लोहिया सहित चार अस्पतालों पर कूड़ा निस्तारण ठीक नहीं मिलने पर हर्जाना लगाने की सिफारिश की है। तीन अन्य अस्पताल में मेयो मेडिकल सेंटर, सेंट जोसेफ हॉस्पिटल, नोवा (फोर्ड) हॉस्पिटल शामिल हैं। इन सभी पर 3.40-3.40 करोड़ रुपये पर्यावरण हर्जाना की सिफारिश एनजीटी को की गई है।
एनजीटी की अनुश्रवण समिति के सचिव व पूर्व जिला जज राजेंद्र सिंह का कहना है कि अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट और दूसरे कचरे का निस्तारण 19 जून के निरीक्षण में ठीक नहीं मिला था। अनुश्रवण समिति ने यह संयुक्त निरीक्षण यूपीपीसीबी और सीपीसीबी के वैज्ञानिकों की टीम के साथ किया। अनुश्रवण समिति के चेयरमैन जस्टिस डीपी सिंह केनिर्देश पर अब एनजीटी को पर्यावरणीय हर्जाना लगाए जाने की संस्तुति और मौके पर मिले हालात की रिपोर्ट भेज दी गई है।
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लोहिया अस्पताल में ईटीपी ही नहीं
निरीक्षण के समय लोहिया अस्पताल में बताया गया कि गंदे पानी को उपचारित करने के लिए इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) नहीं लगाया गया है। वहीं बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में बारकोड सिस्टम का भी उपयोग नहीं किया जा रहा था। बायोमेडिकल वेस्ट भी गलत तरीके से शेड में बिखरा हुआ मिला था। अस्पताली कचरा ले जाने वाली एजेंसी के उठाए कचरे का रिकॉर्ड भी रजिस्टर में दुरुस्त नहीं मिला। यूपीपीसीबी से पानी और वायु के लिए सहमति अस्पताल ने नहीं ली है। अस्पताल को अब सुधार के लिए चेतावनी दी गई है।
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48 घंटे से अधिक रखा अस्पताली कचरा
गोमतीनगर स्थित मेयो मेडिकल सेंटर में निरीक्षण के समय 48 घंटे से अधिक पुराना अस्पतालाी कचरा डंप मिला। इससे दुर्गंध परिसर में फैली हुई थी। 100 से 150 किलोग्रा. बायोमेडिकल वेस्ट रोजाना अस्पताल से निकलने की बात कही गई लेकिन कोई रिकॉर्ड इसका नहीं मौके पर मिला। बायोमेडिकल वेस्ट को अलग-अलग भी नहीं किया जा रहा था। हॉस्पिटल के गंदे पानी को उपचारित करने के लिए एसटीपी व ईटीपी नहीं लगा हुआ पाया गया।
नोवा हॉस्पिटल में एसटीपी, ईटीपी बंद मिले
निरीक्षण में टीम को पत्रकारपुरम चौराहा स्थित नोवा हॉस्पिटल में एसटीपी और ईटीपी दोनों ही बंद पड़े मिले। बायोमेडिकल वेस्ट को भी नियम के अनुसार निस्तारित नहीं किया जा रहा था। जिन कूड़ेदान में कचरा इकट्ठा किया जा रहा था। उनके लिए तयशुदा रंग के डिब्बे नहीं रखे हुए मिले। सामान्य कूड़ा भी ईटीपी के पास ही खुले में डंप हुआ मिला। हॉस्पिटल के पास कोई रिकॉर्ड कूड़ा या बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण का मौजूद नहीं था।

यूपीपीसीबी से सेंट जोसेफ पर सहमति ही नहीं
निरीक्षण में सेंट जोसेफ अस्पताल में हवा और पानी के लिए जरूरी सहमति यूपीपीसीबी से जारी नहीं मिली। बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण भी अस्पताल में बहुत खराब मिला। इसके लिए सेफ ट्रांसफर हाउस तक अस्पताल में नहीं बना हुआ पाया गया। एसटीपी और ईटीपी अस्पताल परिसर में लगे हुए नहीं मिले। बायोमेडिकल वेस्ट को अलग-अलग करने के लिए उचित रंगों के बिन और बैग भी मौजूद नहीं पाए गए।
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