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Lucknow News: संस्कृति के मंच पर अवधी-भोजपुरी का उत्कर्ष, 11 विभूतियां सम्मानित
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लोक संस्कृति सम्मान से सम्मानित विभूतियां
लखनऊ। अवधी और भोजपुरी लोक साहित्य और संस्कृति पर आधारित दो दिवसीय विमर्श का समापन बृहस्पतिवार को11 विभूतियों के सम्मान के साथ हुआ। यह आयोजन लोक संस्कृति शोध संस्थान की ओर से अलीगंज के यूपी महोत्सव मेला परिसर में किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न विद्वानों ने अपने विचार साझा किए, जिनमें डॉ. रामबहादुर मिश्र, प्रो. चंद्रेश्वर, प्रो. अजीत प्रियदर्शी, डॉ. शशांक सिंह, डॉ. अशोक अज्ञानी और नागेंद्र बहादुर सिंह प्रमुख रहे। वहीं, लखनऊ विवि के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. कैलाश देवी समेत कुल 11 विभूतियों को लोक संस्कृति सम्मान से नवाजा गया। कार्यकम में पद्मश्री विद्याविंदु सिंह और विमल पंत की उपस्थिति रही। संचालन लोक चौपाल प्रभारी अर्चना गुप्ता ने किया।
समारोह के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में संगीत भवन के कलाकारों ने पायो जी मैंने राम रतन धन पायो और हरी तुम हरो जन की भीर जैसे भजनों से माहौल को भक्तिमय बनाया। इसके अलावा सुमन मिश्रा के संयोजन में डांडिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध का दिया। डांडिया नृत्य में मीहिका, अविका, अथर्व, आद्रिका, अव्युक्ता, कर्णिका, संस्कृति और श्रीया ने भाग लिया।
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संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि लोक संस्कृति की मुरझाती जड़ों को संजीवनी देने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। अवधी, भोजपुरी, बुंदेली, कुमाऊंनी और कन्नौजी भाषा पर हुई चर्चा के आधार पर आगे भी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष जीतेश श्रीवास्तव, सचिव सुधा द्विवेदी समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सम्मानित विभूतियां
1. रत्ना शुक्ला : प्रो. कमला श्रीवास्तव स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
2. विनीत सिन्हा : पद्मश्री डॉ. योगेश प्रवीन स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
3. गीता शुक्ला : आरती पांडेय स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
4. उमा त्रिगुणायत : प्रभा श्रीवास्तव स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
5. ज्योति किरन रतन : शोभा देवी स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
6. मंजू श्रीवास्तव : रमावती देवी स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
7. सीमा अग्रवाल : सावित्री देवी स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
8. डॉ. अनिल मिश्र : जे.पी. लंबोदर स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
9. सर्वेश माथुर : सीताराम तिवारी स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
10. प्रो. कैलाश देवी सिंह : पद्मश्री डॉ. विद्याविंदु सिंह लोक संस्कृति ध्वजवाहक सम्मान
11. सौरभ कमल : डॉ. रामबहादुर मिश्र लोक संस्कृति ध्वजवाहक सम्मान
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इस अवसर पर विभिन्न विद्वानों ने अपने विचार साझा किए, जिनमें डॉ. रामबहादुर मिश्र, प्रो. चंद्रेश्वर, प्रो. अजीत प्रियदर्शी, डॉ. शशांक सिंह, डॉ. अशोक अज्ञानी और नागेंद्र बहादुर सिंह प्रमुख रहे। वहीं, लखनऊ विवि के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. कैलाश देवी समेत कुल 11 विभूतियों को लोक संस्कृति सम्मान से नवाजा गया। कार्यकम में पद्मश्री विद्याविंदु सिंह और विमल पंत की उपस्थिति रही। संचालन लोक चौपाल प्रभारी अर्चना गुप्ता ने किया।
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समारोह के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में संगीत भवन के कलाकारों ने पायो जी मैंने राम रतन धन पायो और हरी तुम हरो जन की भीर जैसे भजनों से माहौल को भक्तिमय बनाया। इसके अलावा सुमन मिश्रा के संयोजन में डांडिया नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध का दिया। डांडिया नृत्य में मीहिका, अविका, अथर्व, आद्रिका, अव्युक्ता, कर्णिका, संस्कृति और श्रीया ने भाग लिया।
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संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि लोक संस्कृति की मुरझाती जड़ों को संजीवनी देने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। अवधी, भोजपुरी, बुंदेली, कुमाऊंनी और कन्नौजी भाषा पर हुई चर्चा के आधार पर आगे भी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष जीतेश श्रीवास्तव, सचिव सुधा द्विवेदी समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सम्मानित विभूतियां
1. रत्ना शुक्ला : प्रो. कमला श्रीवास्तव स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
2. विनीत सिन्हा : पद्मश्री डॉ. योगेश प्रवीन स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
3. गीता शुक्ला : आरती पांडेय स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
4. उमा त्रिगुणायत : प्रभा श्रीवास्तव स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
5. ज्योति किरन रतन : शोभा देवी स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
6. मंजू श्रीवास्तव : रमावती देवी स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
7. सीमा अग्रवाल : सावित्री देवी स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
8. डॉ. अनिल मिश्र : जे.पी. लंबोदर स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
9. सर्वेश माथुर : सीताराम तिवारी स्मृति लोक संस्कृति सम्मान
10. प्रो. कैलाश देवी सिंह : पद्मश्री डॉ. विद्याविंदु सिंह लोक संस्कृति ध्वजवाहक सम्मान
11. सौरभ कमल : डॉ. रामबहादुर मिश्र लोक संस्कृति ध्वजवाहक सम्मान