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तेज हवा व बारिश से विद्युत आपूर्ति ठप
Updated Wed, 11 Apr 2018 01:49 AM IST
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अंबेडकरनगर। सोमवार देर रात हुई तेज बारिश ने जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त कर दी। जिला मुख्यालय पर दोपहर बाद गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। इससे लगभग डेढ़ लाख आबादी प्रभावित हुई। उधर, तेज हवा के साथ बारिश होने से जहां खेतों में गेहूं की फसल धराशायी हो गई, वहीं खलिहानों में मड़ाई के लिए रखी गेहूं की फसल भीग गई। इससे एक तरफ जहां गेहूं की कटाई प्रभावित हुई है, वहीं मड़ाई का कार्य भी ठप हो गया। मौसम में अचानक आए इस बदलाव ने गेहूं किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
सोमवार शाम आई तेज आंधी के बाद तेज बारिश हुई थी। लगभग आधा घंटे तक हुई बारिश ने न सिर्फ विद्युत आपूर्ति, बल्कि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भी प्रभावित किया था। जिला मुख्यालय पर तो देर शाम गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई थी, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में तारों व विद्युत खंभों के टूटने से आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इस बीच सोमवार मध्यरात्रि के बाद एक बार फिर से तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग एक घंटे तक तेज हवा के साथ हुई बारिश ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त कर दी। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। मंगलवार दोपहर तक तो जिला मुख्यालय पर गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। इससे लगभग डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित हुई।
सोमवार देर रात हुई तेज बारिश ने सबसे अधिक गेहूं फसल को नुकसान पहुंचाया। हवा के साथ हुई बारिश के चलते कई क्षेत्रों में खेतों में गेहूं की फसल धराशायी हो गई, जबकि खलिहानों में मड़ाई के लिए रखा गेहूं का बोझ भीग गया।
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जलालपुर के गेहूं किसान रामअजोर व भीमप्रसाद ने कहा कि इस बार गेहूं की अच्छी फसल थी। बेमौसम हुई बरसात ने इस पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। जो फसल धराशायी हो गई है, उसके दाने में जहां चमक कम होगी, वहीं दाने भी छोटे होंगे। भीटी के जगदीश व अमरनाथ ने कहा कि खलिहान में मड़ाई के लिए गेहूं रखा हुआ था। बारिश के चलते भीग गया। यदि एक सप्ताह लगातार तेज धूप निकले, तभी फसल मड़ाई के लायक होगी।
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सोमवार शाम आई तेज आंधी के बाद तेज बारिश हुई थी। लगभग आधा घंटे तक हुई बारिश ने न सिर्फ विद्युत आपूर्ति, बल्कि खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भी प्रभावित किया था। जिला मुख्यालय पर तो देर शाम गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई थी, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में तारों व विद्युत खंभों के टूटने से आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इस बीच सोमवार मध्यरात्रि के बाद एक बार फिर से तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग एक घंटे तक तेज हवा के साथ हुई बारिश ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त कर दी। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। मंगलवार दोपहर तक तो जिला मुख्यालय पर गड़बड़ी दूर कर आपूर्ति बहाल कर दी गई, लेकिन ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। इससे लगभग डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित हुई।
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सोमवार देर रात हुई तेज बारिश ने सबसे अधिक गेहूं फसल को नुकसान पहुंचाया। हवा के साथ हुई बारिश के चलते कई क्षेत्रों में खेतों में गेहूं की फसल धराशायी हो गई, जबकि खलिहानों में मड़ाई के लिए रखा गेहूं का बोझ भीग गया।
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जलालपुर के गेहूं किसान रामअजोर व भीमप्रसाद ने कहा कि इस बार गेहूं की अच्छी फसल थी। बेमौसम हुई बरसात ने इस पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। जो फसल धराशायी हो गई है, उसके दाने में जहां चमक कम होगी, वहीं दाने भी छोटे होंगे। भीटी के जगदीश व अमरनाथ ने कहा कि खलिहान में मड़ाई के लिए गेहूं रखा हुआ था। बारिश के चलते भीग गया। यदि एक सप्ताह लगातार तेज धूप निकले, तभी फसल मड़ाई के लायक होगी।