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बेनी की शिकायत पर बैकफुट पर पुलिस प्रशासन, 10 थाना प्रभारियों के तबादले वापस
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 10 Jan 2017 05:02 PM IST
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बेनी प्रसाद वर्मा
- फोटो : amar ujala
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मुलायम सिंह यादव के करीबी राज्यसभा सांसद बेनी प्रसाद वर्मा की शिकायत के बाद 10 थाना प्रभारियों के ट्रांसफर वापस ले लिए गए हैं।
बेनी ने अपनी ही सरकार के ग्राम्य विकास मंत्री अरविंद सिंह गोप पर जातिवाद और आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया था। उन्होंने इस संबंध में चुनाव आयोग को पत्र था।
बेनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजे पत्र में कहा कि बाराबंकी में अगस्त 2016 के तीसरे सप्ताह में ही पुलिस अधीक्षक तैनात किए गए थे। ग्राम्य विकास मंत्री ने 30 दिसंबर को उन्हें हटवाकर अपनी जाति का एसपी तैनात करवा लिया।
इसके बाद आदर्श आचार संहिता लागू होने के एक-दो दिन पहले ही गोप ने अपने विधानसभा क्षेत्र रामनगर के सभी थानों में अपनी ही जाति के थाना इंचार्ज नियुक्त करवा दिए।
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बेनी का कहना है कि गोप ने 8 जनवरी को अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से रामनगर थाने के संरक्षण में गरीबों को कंबल बंटवाए, जो आचार संहिता का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन है।
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बेनी ने अपनी ही सरकार के ग्राम्य विकास मंत्री अरविंद सिंह गोप पर जातिवाद और आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया था। उन्होंने इस संबंध में चुनाव आयोग को पत्र था।
बेनी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजे पत्र में कहा कि बाराबंकी में अगस्त 2016 के तीसरे सप्ताह में ही पुलिस अधीक्षक तैनात किए गए थे। ग्राम्य विकास मंत्री ने 30 दिसंबर को उन्हें हटवाकर अपनी जाति का एसपी तैनात करवा लिया।
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इसके बाद आदर्श आचार संहिता लागू होने के एक-दो दिन पहले ही गोप ने अपने विधानसभा क्षेत्र रामनगर के सभी थानों में अपनी ही जाति के थाना इंचार्ज नियुक्त करवा दिए।
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बेनी का कहना है कि गोप ने 8 जनवरी को अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से रामनगर थाने के संरक्षण में गरीबों को कंबल बंटवाए, जो आचार संहिता का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन है।