फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   now no other business will be allowed in nursing home

नर्सिंग होम परिसर में अब नहीं चलेगा 'धंधा'

Thu, 09 Jan 2014 10:02 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Updated Thu, 09 Jan 2014 10:02 AM IST
विज्ञापन
now no other business will be allowed in nursing home

प्रदेश में नर्सिंग होम खोलना जहां और आसान होगा, वहीं इस परिसर में दूसरा व्यावसायिक धंधा नहीं चल पाएगा।

विज्ञापन


आवास एवं शहरी नियोजन विभाग इस संबंध में नई नीति लाने जा रहा है। इस नीति के तहत वर्ष 2001 से पहले आवासीय क्षेत्रों में खुले नर्सिंग होम वैध करने पर भी विचार चल रहा है।

आवास विभाग शीघ्र ही इस संबंध में मुख्य सचिव से अनुमति लेकर कैबिनेट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजेगा। इसके साथ ही नर्सिंग होम खोलने के लिए मानक को सरल किया जा रहा है।
विज्ञापन


नगर निगम सीमा क्षेत्र में 12 मीटर, पालिका परिषद में 9 मीटर और नगर पंचायत में 7.5 मीटर चौड़ी सड़क पर नर्सिंग होम खोलने की अनुमति दी जाएगी।

पहले इससे अधिक चौड़ी सड़क पर नर्सिंग होम खोलने की अनुमति दी जाती थी।प्रदेश में मौजूदा समय जुलाई 2001 को लागू व्यवस्था के आधार पर मिश्रित आवासीय जमीन पर नर्सिंग होम खोलने की अनुमति दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकतर विकास प्राधिकरणों ने जोनिंग रेगुलेशंस में मिश्रित आवासीय व शुद्ध आवासीय जमीन अलग-अलग चिह्नित नहीं किए हैं।

इसके चलते ऐसे स्थानों पर नर्सिंग होम खुल गए जो मानक पूरा नहीं कर रहे हैं। विकास प्राधिकरण ऐसे नर्सिंग होम को अवैध मानता है।

नर्सिंग होम एसोसिएशन चाहता है कि ऐसे नर्सिंग होमों को वैध कर दिया जाए। इस संबंध में शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों की बैठक हो चुकी है।

इसमें आवासीय क्षेत्र में नया नर्सिंग होम खोलने के लिए नगर निगम सीमा क्षेत्र में 12 मीटर चौड़ी सड़क पर 300 वर्ग मीटर जमीन, पालिका परिषद में 9 मीटर चौड़ी सड़क पर 200 वर्ग मीटर जमीन तथा नगर पंचायत में 7.5 मीटर चौड़ी सड़क पर 150 वर्ग मीटर जमीन पर नर्र्सिंग होम खोलने की अनुमति देने पर मंथन हुआ।

इसके साथ ही नर्सिंग होम परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानियां होती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed