West UP News Live: गुदड़ी बाजार हत्याकांड के पीड़ितों को मिला न्याय, तीन बेटों की रूह को इंसाफ
मेरठ में अवकाश पर घर आए थे सेना के हवलदार ने पत्नी से विवाद के बाद खुदकुशी कर ली। उनका शव पंखे से लटका मिला। वहीं मेरठ के चर्चित गुदड़ी बाजार हत्याकांड में आज अदालत सभी दोिषयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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पत्नी से विवाद के बाद सैन्यकर्मी ने की खुदकुशी
मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के शताब्दीनगर सेक्टर एक स्थित घर में रविवार शाम सैन्यकर्मी संदीप चौधरी (43) का शव पंखे पर लटका मिला। बताया गया है कि संदीप चौधरी का पत्नी से विवाद हुआ था। इसके बाद उन्होंने फंदा लगाकर खुदकुशी की है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।मूलरूप से गाजियाबाद मुरादनगर के ढिढार गांव निवासी संदीप अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ शताब्दीनगर में रहते थे। संदीप सेना में हवलदार के पद पर जम्मू में तैनात थे। दस दिन पहले संदीप एक महीने की छुट्टी पर घर आए थे। जानकारी के अनुसार सैन्यकर्मी का कई दिन से पत्नी उषा से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। शनिवार दोपहर को दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। जिसके बाद पड़ोसियों ने पहुंचकर झगड़ा शांत करा दिया था।
रविवार शाम दोनों में फिर से झगड़ा हो गया। जिसके बाद बेटे परम और हंश के हस्तक्षेप के बाद संदीप अपने कमरे में चले गए। संदीप ने बेडसीट का फंदा बनाकर पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद पत्नी उषा कमरे में पहुंची तो उन्होंने संदीप को पंखे से लटका देखा। पुलिस ने शव को पंखे से उतारा और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पत्नी से पूछताछ की। संदीप के बेटों का रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहना है कि पारिवारिक विवाद में संदीप ने खुदकुशी की है।
मेरठ कोतवाली के गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड में अदालत ने सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्याकांड में अदालत ने इजलाल कुरैशी और शीबा समेत 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट लाया गया। इस दाैरान कचहरी में बड़ी संख्या पुलिस और पीएसी तैनात रही। किसी को भी चेकिंग के बिना अंदर नहीं जाने दिया गया।
23 मई 2008 की दोपहर बागपत और मेरठ जिले की सीमा पर बालैनी नदी के किनारे तीन युवकों के शव पड़े मिले। इनकी पहचान मेरठ निवासी सुनील ढाका(27) निवासी जागृति विहार, पुनीत गिरि(22) निवासी परीक्षितगढ़ रोड और सुधीर उज्ज्वल(23) निवासी गांव सिरसली, बागपत के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि 22 मई की रात तीनों की हत्या कोतवाली के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर की। पुलिस ने इस मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
शीबा सिरोही को हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में 16 साल बाद दो अगस्त को अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन-2 पवन कुमार शुक्ला ने इजलाल कुरैशी पुत्र इकबाल, अफजाल पुत्र इकबाल, महराज पुत्र मेहताब, कल्लू उर्फ कलुआ पुत्र हाजी अमानत, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा पुत्र विजय, वसीम पुत्र नसरुद्दीन, रिजवान पुत्र उस्मान और बदरुद्दीन पुत्र इलाहीबख्श और शीबा सिरोही पर लगाए गए आरोपों को सही मानते हुए दोषी करार दिया। दो आरोपी इसरार और माजिद की मौत हो चुकी है। एक आरोपी शम्मी जेल में है, उसका ट्रायल चल रहा है। परवेज की हाईकोर्ट में अपील पेंडिंग है। रविवार को सभी 10 दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा और 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।