फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मथुरा जन्माष्टमी 2026: श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कान्हा के जन्म की पहली तस्वीर, घर-घर जन्मे कन्हाई, गूंजे बधाई गीत

Sat, 05 Sep 2026 12:06 AM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 05 Sep 2026 12:06 AM IST
खास बातें

मथुरा में कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और आराध्य का आशीर्वाद लिया।

ये भी पढ़ें: जयपुर में जन्माष्टमी पर मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब; गोविंददेवजी में कई किमी लंबी कतारें
 

विज्ञापन
Janmashtami Live: CM Yogi to Visit Shri Krishna Janmabhoomi, Perform Gau Pujan and Seek Lord Krishna’s Blessin
श्रीकृष्ण जन्मभूमि से पहली तस्वीर। - फोटो : ani

लाइव अपडेट

12:12 AM, 05-Sep-2026

जन्म कन्हाई, गूंजे बधाई गीत, उतारी आरती

श्रीकृष्ण जन्मभूमि में कान्हा के जन्म के बाद की गई आरती। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीकृष्ण जन्मभूमि में घड़ी की सुई ने जैसे ही 11 बजाए श्रीगणेश, नवगृह स्थापना के साथ पूजन शुरू हो गया। 11.55 बजे तक कमल पुष्प एवं तुलसीदल से सहस्त्रार्चन होगा। 11.59 बजते ही भागवत भवन स्थित युगल सरकार के पट बंद हो गए। इस एक मिनट के पल में श्रद्धालुओं को लगा मानो घंटों बीत रहे हों। ठीक 12 बजे लीलाधर के चलित श्रीविग्रह को भागवत भवन लाया गया। यहां रजत कमल पुष्प में विराजमान भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक किया गया।इ स दौरान जन्मस्थान पर ढोल-नगाड़े और घंटे-घड़ियाल गूंजते रहे। झांझ-मजीरे, मृदंग और शंख की मंगलध्वनि के बीच कान्हा के बधाई गीत गुंजायमान हो उठे। जन्म के बाद कान्हा की आरती की गई।

11:09 PM, 04-Sep-2026

श्रीकृष्ण जन्मभूमि में धार्मिक अनुष्ठान शुरू

श्रीकृष्ण जन्मभूमि में पूजा शुरू। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घड़ी की सुई ने जैसे ही 11 बजाए श्रीगणेश, नवगृह स्थापना के साथ पूजन शुरू हो गया। 11.55 बजे तक कमल पुष्प एवं तुलसीदल से सहस्त्रार्चन होगा। 11.59 बजते ही भागवत भवन स्थित युगल सरकार के पट बंद हो जाएंगे। ठीक 12 बजे लीलाधर के चलित श्रीविग्रह को भागवत भवन लाया गया। यहां रजत कमल पुष्प में विराजमान भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक किया गया। 


 
विज्ञापन
10:49 PM, 04-Sep-2026

जन्मभूमि परिसर में कृष्ण लीला देखने के लिए जुटी भीड़

जन्मभूमि परिसर में मंच पर प्रस्तुति देते कलाकार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जन्माष्टमी पर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ है। जन्मभूमि परिसर के लीलामंच पर कलाकार प्रस्तुतियां दे रहे हैं। इन्हें देखने के लिए श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ माैके पर जुटी है।

 
09:48 PM, 04-Sep-2026

मथुरा में जन्मेंगे कान्हा, नंदगांव में मचेगा धमाल

रोशनी में जगमग नंदभवन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी देख कर अगर आप नंदगांव नहीं पहुंचे तो मानिए कृष्ण जन्म की आधी लीलाएं ही देखीं। क्योंकि मथुरा में जहां आधी रात कन्हैया के जन्म का उल्लास छाता है, वहीं नंदगांव में अगली सुबह से ऐसा उत्सव शुरू होता है, मानो नंदबाबा के घर आज ही लाला पैदा हुए हों। यही वजह है कि ब्रज में एक कहावत सी बन गई है ‘नंदोत्सव हो तो नंदगांव जैसा’। इस बार नंदगांव में पांच सितंबर को जन्माष्टमी और छह सितंबर को नंदोत्सव मनाया जाएगा। नंदभवन से लेकर नंदगांव की गलियों तक उत्सव का रंग दिखाई देगा। लेकिन इस उत्सव की खासियत सिर्फ भीड़, सजावट और उल्लास नहीं है। यहां आज भी जन्मोत्सव की कई परंपराएं उसी भाव से निभाई जाती हैं, जैसे सदियों पहले नंदबाबा ने अपने लाल के जन्म पर निभाई हों। जन्माष्टमी के दिन नंदभवन में मां यशोदा को प्रसूता के समान आहार दिया जाता है। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर में उल्लास छा जाता है। जन्म के बाद शीत से बचाने के लिए सोंठ-धनिया की पंजीरी दी जाती है। मां यशोदा के मस्तक और पेट पर बांधा जाने वाला कपड़ा भी इस परंपरा का हिस्सा है, जो छठी तक बंधा रहता है। रात केवल जन्म की नहीं होती। भजन-संध्या, कृष्ण वंशावली का बखान और ढांढ-ढांढिन लीला श्रद्धालुओं को देर रात तक बांधे रखती है। वैदिक मंत्रों के बीच होने वाला गुप्त अभिषेक इस उत्सव को और रहस्यमय बना देता है। इस दौरान लाला के केवल कटि-काछनी धारण किए दर्शन होते हैं।
08:43 PM, 04-Sep-2026

कान्हा के जन्मोत्सव पर हुई बूंदा-बांदी, उमस से मिली राहत

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उल्लास के बीच शुक्रवार देर शाम अचानक मौसम ने करवट ली और बारिश शुरू हो गई। दिनभर उमस और गर्मी से बेहाल श्रद्धालुओं को बारिश ने राहत दी। बारिश की फुहारों के साथ ही मौसम सुहाना हो गया और वातावरण में ठंडक घुल गई। हालांकि जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए मंदिरों की ओर जा रहे श्रद्धालुओं को अचानक हुई बारिश के कारण परेशानी भी उठानी पड़ी।  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के चलते सुबह से ही मथुरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही थी। मंदिरों और प्रमुख बाजारों में शाम होते-होते भीड़ और बढ़ गई। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की झलक पाने और मंदिरों में दर्शन करने के लिए कतारों में लगे थे। इसी बीच देर शाम आसमान में घने बादल छा गए और कुछ ही देर में बारिश शुरू हो गई। अचानक बारिश होने से सड़क और बाजारों में मौजूद श्रद्धालुओं में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग बारिश से बचने के लिए आसपास की दुकानों, प्रतिष्ठानों, मंदिरों के बरामदों और अन्य सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने छाते और बरसाती का सहारा लिया, जबकि बड़ी संख्या में लोग बारिश में भीगते हुए ही अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। बारिश के बावजूद श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उत्साह कम नहीं हुआ। बारिश थमने के बाद श्रद्धालु दोबारा मंदिरों की ओर बढ़ते दिखाई दिए। मंदिरों में जन्मोत्सव की तैयारियां जारी रहीं और श्रद्धालुओं के बीच भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य को लेकर उत्साह बना रहा। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने से दिनभर की गर्मी और उमस से लोगों को काफी राहत मिली। जन्माष्टमी के मौके पर हुई बारिश ने शहर के वातावरण को भी भक्तिमय उत्सव के साथ-साथ सुहाना बना दिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि कान्हा के जन्मोत्सव पर हुई बारिश ने गर्मी से राहत देकर उत्सव की खुशी को और बढ़ा दिया।

 
08:05 PM, 04-Sep-2026

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर श्रद्धालुओं का उमड़ा हुजूम

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अपने आराध्य के जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए मथुरा पहुंच रहे श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शाम ढलते ही शहर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज के राज्यों और जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा पहुंचकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन के लिए कतार में शामिल हो रहे हैं। रात्रि 12 बजते ही श्री कृष्ण का अभिषेक किया जाएगा। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है और कई स्थानों पर जाम के हालात बने हुए हैं। भूतेश्वर चौराहा, जन्मभूमि लिंक रोड, भरतपुर गेट, डीग गेट, गोविंद नगर तिराहा और महाविद्या कॉलोनी समेत कई प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नजर आ रही है। जन्मभूमि की ओर जाने वाले रास्तों पर पैदल श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाथों में पूजा सामग्री और माथे पर श्रीकृष्ण की भक्ति का रंग लिए श्रद्धालु जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए उत्साहित नजर आ रहे हैं। शहर का माहौल पूरी तरह कृष्णमय हो गया है। जन्माष्टमी के मुख्य आयोजन और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है। भीड़ को देखते हुए पुलिस और यातायात पुलिस की टीमें प्रमुख मार्गों एवं चौराहों पर यातायात व्यवस्था संभालने में जुटी हैं। देर रात तक श्रद्धालुओं के मथुरा पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन
07:15 PM, 04-Sep-2026

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीबांकेबिहारी के समक्ष काटा जाएगा केक

श्रीबांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात को कान्हा का जन्मोत्सव इस बार खास अंदाज में मनाया जाएगा। आधी रात को विशेष रूप से तैयार केक आराध्य के समक्ष अर्पित कर मंदिर के सेवायत गोस्वामियों द्वारा काटा जाएगा। ठाकुरजी के लिए केक आगरा से बनकर आ रहा है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीबांकेबिहारी के लिए आगरा की ब्रज रसायन फर्म द्वारा 21 किलो का केक तैयार कराया जा रहा है। इसमें सभी प्रकार की मेवा और पाग में उपयोग होने वाली खाद्य वस्तुओं का उपयोग किया जाएगा। मंदिर के सेवायत फ्रेंकी गोस्वामी ने बताया कि ठाकुरजी के जन्मोत्सव पर आधी रात को उनके समक्ष सेवित कर केक काटा जाएगा। उसके बाद प्रसाद रूप में वह भक्तों में बांटा जाएगा। आगरा के श्रद्धालु द्वारा ठाकुरजी के लिए केक का ऑर्डर एक माह पहले ही दिया गया। उन्होंने बताया कि ठाकुरजी के गर्भगृ़ह का पर्दा लगाकर उनका पंचामृत, केसर एवं उत्तराखंडी से मंगाई गई जड़ी बूटियों से महाभिषेक रात के 12 बजे किया जाएगा। इसके बाद नवीन पोशाक धारण कराई जाए। बाल रूप में ठाकुरजी का अनुपम शृंगार किया जाएगा। सिर पर ठाकुरजी मोरपंखी धारण करेंगे। इसके बाद रात 1़ 55 बजे वर्ष में एक बार होने वाली मंगला आरती की जाएगी। फ्रेंकी गोस्वामी ने बताया कि उनके परिवार को 31 साल के बाद ठाकुरजी की मंगला आरती करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। इसलिए इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ठाकुरजी का खास अंदाज में जन्मोत्सव मनाया जाएगा।


 
06:19 PM, 04-Sep-2026

मथुरा में श्रद्धालुओं का हुजूम, 27 मंचों पर दिख रही मिनी भारत की झलक

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर कन्हैया की जन्मस्थली मथुरा में श्रीकृष्णोत्सव 2026 का अलौकिक उल्लास चरम पर पहुंच गया है। ब्रज की पावन भूमि पर इस बार भक्ति, भव्यता और सांस्कृतिक विविधता का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जिसने संपूर्ण मथुरा नगरी को कृष्णमय कर दिया है। लाखों की संख्या में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु इस दिव्य उत्सव के साक्षी बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा श्रद्धालुओं को ब्रज संस्कृति और भारतीय लोक कलाओं से रूबरू कराने के लिए पूरे मथुरा शहर में 27 सुसज्जित मंच तैयार किए गए हैं। इन मंचों पर दिन-रात चलने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरी नगरी को उत्सव के रंग में रंग दिया है। कलाकार अपनी-अपनी क्षेत्रीय पारंपरिक वेशभूषा में ढोल, मंजीरे, खड़ताल और पारंपरिक लोक वाद्यों की थाप पर शानदार नृत्यों की प्रस्तुति दे रहे हैं।

05:44 PM, 04-Sep-2026

मंगला आरती में शामिल होंगे 600 श्रद्धालु

वृंदावन के ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में साल में केवल एक बार होने वाली मंगला आरती के दर्शन के लिए इस बार भी देशभर से श्रद्धालु वृंदावन पहुंच रहे हैं। कान्हा के जन्म के बाद रात 1:45 मिनट पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी की आरती होगी। आरती के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं हाईपावर्ड कमेटी ने मंदिर के अंदर पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की संख्या निश्चित की है। हाईपावर्ड कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि इस बार भी मंगला आरती में 600 लोगों को मंदिर के अंदर प्रवेश मिलेगा। सेवायतों से बात करने के बाद पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को संख्या मंदिर के अंदर सीमित की है। पुलिसकर्मियों को भी मंदिर के अंदर जाने के लिए पास जारी किए गए है। जिन पर पास नहीं होंगे उनको आरती के समय प्रवेश नहीं मिलेगा।
 
05:05 PM, 04-Sep-2026

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर दर्शन को पहुंच रहे दूर-दराज से श्रद्धालु

मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर कान्हा की नगरी मथुरा कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आ रही है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी है। चारों ओर ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारे गूंज रहे हैं। श्रद्धालुओं के चेहरे पर कान्हा के दर्शन की उत्सुकता और मन में भक्ति का भाव दिखाई दे रहा है। जन्माष्टमी पर मथुरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के बीच अलग-अलग तरह की भक्ति और परंपराओं के नजारे देखने को मिल रहे हैं। हरियाणा के होडल से श्रद्धालुओं का एक समूह भी श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचा। समूह के सदस्यों ने बताया कि वे हर वर्ष जन्माष्टमी पर मथुरा आते हैं और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन करना उनके लिए विशेष आस्था का विषय है। श्रद्धालुओं ने बताया कि जन्मभूमि में कान्हा के दर्शन करने के बाद वे दही-हांडी की मटकी अपने साथ होडल लेकर जाते हैं। वहां मंदिर में विशेष आयोजन कर इसी मटकी को फोड़ा जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि मथुरा की पावन धरती से दही-हांडी की मटकी ले जाकर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी इस परंपरा को निभाना उनके लिए आस्था और आनंद का विषय है। होडल से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि मथुरा आकर जन्मभूमि में कान्हा के दर्शन करने का अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां आने से ऐसा लगता है मानो स्वयं कान्हा की बाल लीलाओं के बीच पहुंच गए हों। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा की गलियों से लेकर मंदिरों तक भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए श्रद्धालु कान्हा के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं और जन्मभूमि के दर्शन को अपनी यात्रा का सबसे बड़ा सौभाग्य मान रहे हैं।


 
Load More
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed